महाराष्ट्र में कमर्शियल ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य, नहीं सीखी तो 3 महीने सस्पेंड होगा बैज
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में कमर्शियल पैसेंजर वाहन चालकों के लिए प्रैक्टिकल मराठी की जानकारी अनिवार्य कर दी है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 20 अगस्त 2026 को बताया कि यात्रियों से सीधे संवाद करने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी जानना अब केवल नियम नहीं, बल्कि यात्री सुविधा और सुरक्षा की अनिवार्यता है। इस नियम को लागू करने के लिए गुरुवार से पूरे राज्य में व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है।
निरीक्षण अभियान का दायरा
मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में पहले ही दिन 3,995 ड्राइवरों की जाँच की गई, जिनमें से 604 ड्राइवरों को प्रैक्टिकल मराठी की पर्याप्त जानकारी नहीं पाई गई और उन्हें नोटिस जारी किए गए। राज्य के अन्य हिस्सों से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 4,222 ड्राइवरों का निरीक्षण हो चुका है और 664 ड्राइवरों को नोटिस थमाए गए हैं। यह अभियान 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा।
नोटिस के बाद क्या होगा
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में अनुत्तीर्ण ड्राइवरों को नोटिस मिलने के बाद एक महीने के भीतर मराठी सीखना अनिवार्य होगा। यदि तय समयसीमा के भीतर वे मराठी नहीं सीखते, तो उनका ड्राइवर बैज तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। सरनाईक ने कहा, 'ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया जा रहा है, लेकिन डेडलाइन के बाद भी नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।'
सरकार का तर्क
सरनाईक के अनुसार, यात्री और ड्राइवर के बीच भाषाई संवाद न हो पाना न केवल असुविधा का कारण बनता है, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। यह नीति महाराष्ट्र में मराठी भाषा को सार्वजनिक सेवाओं में सशक्त करने की व्यापक दिशा में उठाया गया कदम है। गौरतलब है कि राज्य में पहले से ही सरकारी कार्यालयों और व्यावसायिक संस्थानों में मराठी के उपयोग को लेकर नीतिगत जोर बढ़ा है।
आगे क्या
निरीक्षण अभियान के दौरान ड्राइवरों का प्रैक्टिकल मराठी परीक्षण जारी रहेगा। जो ड्राइवर नोटिस मिलने के बाद निर्धारित समयसीमा में मराठी सीख लेते हैं, उन्हें राहत मिलेगी। हालाँकि, 30 सितंबर 2026 के बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ बैज सस्पेंशन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।