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महाराष्ट्र में कमर्शियल ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य, नहीं सीखी तो 3 महीने सस्पेंड होगा बैज

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महाराष्ट्र में कमर्शियल ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य, नहीं सीखी तो 3 महीने सस्पेंड होगा बैज

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने कमर्शियल ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य कर दी है — पहले दिन ही 604 ड्राइवरों को नोटिस मिले। एक महीने में न सीखी तो बैज तीन महीने के लिए सस्पेंड। 30 सितंबर तक पूरे राज्य में अभियान जारी रहेगा।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र में कमर्शियल पैसेंजर वाहन चालकों के लिए प्रैक्टिकल मराठी की जानकारी अनिवार्य की गई।
निरीक्षण में अनुत्तीर्ण ड्राइवरों को एक महीने में मराठी सीखनी होगी, अन्यथा 3 महीने के लिए बैज सस्पेंड।
मुंबई महानगर क्षेत्र में पहले दिन 3,995 ड्राइवरों की जाँच; 604 को नोटिस जारी।
राज्यभर में अब तक 4,222 ड्राइवरों का निरीक्षण; 664 को नोटिस।
निरीक्षण अभियान 30 सितंबर 2026 तक चलेगा।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इसे यात्री सुरक्षा और सुविधा से जोड़ा।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में कमर्शियल पैसेंजर वाहन चालकों के लिए प्रैक्टिकल मराठी की जानकारी अनिवार्य कर दी है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 20 अगस्त 2026 को बताया कि यात्रियों से सीधे संवाद करने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी जानना अब केवल नियम नहीं, बल्कि यात्री सुविधा और सुरक्षा की अनिवार्यता है। इस नियम को लागू करने के लिए गुरुवार से पूरे राज्य में व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है।

निरीक्षण अभियान का दायरा

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में पहले ही दिन 3,995 ड्राइवरों की जाँच की गई, जिनमें से 604 ड्राइवरों को प्रैक्टिकल मराठी की पर्याप्त जानकारी नहीं पाई गई और उन्हें नोटिस जारी किए गए। राज्य के अन्य हिस्सों से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 4,222 ड्राइवरों का निरीक्षण हो चुका है और 664 ड्राइवरों को नोटिस थमाए गए हैं। यह अभियान 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा।

नोटिस के बाद क्या होगा

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण में अनुत्तीर्ण ड्राइवरों को नोटिस मिलने के बाद एक महीने के भीतर मराठी सीखना अनिवार्य होगा। यदि तय समयसीमा के भीतर वे मराठी नहीं सीखते, तो उनका ड्राइवर बैज तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। सरनाईक ने कहा, 'ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया जा रहा है, लेकिन डेडलाइन के बाद भी नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।'

सरकार का तर्क

सरनाईक के अनुसार, यात्री और ड्राइवर के बीच भाषाई संवाद न हो पाना न केवल असुविधा का कारण बनता है, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। यह नीति महाराष्ट्र में मराठी भाषा को सार्वजनिक सेवाओं में सशक्त करने की व्यापक दिशा में उठाया गया कदम है। गौरतलब है कि राज्य में पहले से ही सरकारी कार्यालयों और व्यावसायिक संस्थानों में मराठी के उपयोग को लेकर नीतिगत जोर बढ़ा है।

आगे क्या

निरीक्षण अभियान के दौरान ड्राइवरों का प्रैक्टिकल मराठी परीक्षण जारी रहेगा। जो ड्राइवर नोटिस मिलने के बाद निर्धारित समयसीमा में मराठी सीख लेते हैं, उन्हें राहत मिलेगी। हालाँकि, 30 सितंबर 2026 के बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों के खिलाफ बैज सस्पेंशन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका असर उन प्रवासी ड्राइवरों पर सबसे ज़्यादा पड़ेगा जो महाराष्ट्र की परिवहन अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। एक महीने में व्यावहारिक मराठी सीखने की समयसीमा कितनी यथार्थवादी है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है — खासकर जब राज्य में मराठी प्रशिक्षण की कोई सुलभ सरकारी व्यवस्था का ज़िक्र नहीं किया गया। यह नीति यात्री सुरक्षा की आड़ में भाषाई राजनीति का हिस्सा भी मानी जा सकती है, जो आगामी चुनावी समीकरणों के संदर्भ में और भी प्रासंगिक हो जाती है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में ड्राइवरों के लिए मराठी अनिवार्य क्यों की गई?
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, यात्रियों से सीधे संवाद करने वाले कमर्शियल ड्राइवरों के लिए मराठी जानना यात्री सुविधा और सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी है। आपातकालीन स्थितियों में भाषाई बाधा खतरनाक साबित हो सकती है।
मराठी न जानने वाले ड्राइवरों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
निरीक्षण में अनुत्तीर्ण ड्राइवरों को नोटिस मिलेगा और एक महीने के भीतर मराठी सीखनी होगी। समयसीमा के बाद भी नियमों का पालन न करने पर ड्राइवर का बैज तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा।
निरीक्षण अभियान में अब तक कितने ड्राइवरों को नोटिस मिला?
पहले दिन मुंबई महानगर क्षेत्र में 3,995 ड्राइवरों की जाँच हुई, जिनमें से 604 को नोटिस जारी किए गए। राज्यभर में कुल 4,222 ड्राइवरों का निरीक्षण हो चुका है और 664 को नोटिस मिले हैं।
यह निरीक्षण अभियान कब तक चलेगा?
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि यह अभियान 30 सितंबर 2026 तक पूरे महाराष्ट्र में जारी रहेगा। इस दौरान ड्राइवरों का प्रैक्टिकल मराठी परीक्षण लिया जाता रहेगा।
कौन से ड्राइवर इस नियम के दायरे में आते हैं?
यह नियम महाराष्ट्र में कमर्शियल पैसेंजर वाहन चलाने वाले सभी ड्राइवरों पर लागू होता है जो यात्रियों से सीधे संवाद करते हैं। निजी वाहन चालक इस अभियान के दायरे से बाहर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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