एमएसआरटीसी का दीपावली पर 15% किराया वृद्धि प्रस्ताव रद्द, महाराष्ट्र के यात्रियों को बड़ी राहत
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) ने 15 अक्टूबर 2026 को दीपावली त्योहारी सीजन के दौरान किराए में 15 प्रतिशत की प्रस्तावित अस्थायी वृद्धि को आधिकारिक रूप से वापस ले लिया। परिवहन मंत्री एवं एमएसआरटीसी के चेयरमैन प्रताप सरनाईक ने यह फैसला सुनाते हुए आम नागरिकों, किसानों और कामकाजी वर्ग पर पहले से पड़ रहे आर्थिक बोझ का हवाला दिया। इस निर्णय से महाराष्ट्र के लाखों दैनिक यात्री और त्योहार पर घर लौटने वाले लोग सीधे लाभान्वित होंगे।
प्रस्ताव क्या था और क्यों हुआ रद्द
परिवहन विभाग की सामान्य प्रक्रिया के तहत दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान भारी यात्री भीड़ और बढ़ते परिचालन खर्चों को देखते हुए बस किराए में अस्थायी रूप से 15 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है। इस बार यह बढ़ोतरी 1 नवंबर से 15 नवंबर 2026 के बीच लागू करने का प्रस्ताव मंत्री सरनाईक को सौंपा गया था।
हालाँकि, मंत्री ने सूखे से प्रभावित किसानों, महंगाई से जूझ रहे परिवारों और मेहनतकश वर्ग की कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया। उनका कहना था कि आर्थिक रूप से संवेदनशील समय में यात्रियों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डालना उचित नहीं।
मंत्री सरनाईक के बयान
मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'महंगाई से जूझ रहे आम नागरिक और सूखे का सामना कर रहे किसान परिवार पहले ही भारी आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। ऐसे में उन पर किराए में बढ़ोतरी का अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जाए?'
उन्होंने आगे कहा, 'त्योहारों के समय किराए में बढ़ोतरी से उन यात्रियों के रोज़मर्रा के खर्चों पर भारी बोझ पड़ता, जो पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं। राज्य सरकार संवेदनशील है — संकट के समय में वह किसानों और आम जनता को बेसहारा नहीं छोड़ेगी।'
सरनाईक ने यह भी स्पष्ट किया कि एमएसआरटीसी को अपनी वित्तीय कठिनाइयाँ दूर करने के लिए अन्य विकल्प तलाशने होंगे, लेकिन यात्रियों पर सीधा बोझ डालना समाधान नहीं है।
एमएसआरटीसी की 'लालपरी' और उसकी अहमियत
एमएसआरटीसी की प्रसिद्ध लाल बसें, जिन्हें प्यार से 'लालपरी' कहा जाता है, ग्रामीण महाराष्ट्र में परिवहन की रीढ़ हैं। ये बसें किसानों, दिहाड़ी मज़दूरों, छात्रों, कार्यालय कर्मचारियों और वरिष्ठ नागरिकों को आपस में जोड़ने का काम करती हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब निगम पहले से ही वित्तीय दबाव में है। जुलाई 2026 में बढ़ते परिचालन खर्चों से निपटने के लिए एमएसआरटीसी ने किराए में 13.56 प्रतिशत की वृद्धि की थी। गौरतलब है कि इससे पहले गणेशोत्सव के दौरान किराए में 30 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि का प्रस्ताव भी रखा गया था, जिसे यात्रियों — विशेष रूप से कोंकण क्षेत्र के लोगों — के कड़े विरोध के बाद वापस लेना पड़ा था।
आम यात्रियों पर असर
इस ताज़े फैसले का सबसे सीधा फायदा उन लाखों यात्रियों को होगा जो दीपावली पर घर लौटने की योजना बना रहे हैं। अब उन्हें बढ़े हुए टिकट दामों की चिंता किए बिना अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने जाने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे निर्णय न केवल यात्रियों को तात्कालिक राहत देते हैं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में आम जनता का भरोसा भी बनाए रखते हैं। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि निगम की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता के लिए ठोस वैकल्पिक उपायों की घोषणा भी ज़रूरी है।
आगे की राह
मंत्री सरनाईक ने संकेत दिया है कि एमएसआरटीसी के वित्तीय घाटे को दूर करने के लिए अन्य रास्ते तलाशे जाएंगे, जिनमें यात्री किराए के बजाय अन्य राजस्व स्रोतों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। निगम के सामने चुनौती यह है कि वह किफायती परिवहन सेवा का अपना मूल कर्तव्य निभाते हुए दीर्घकालिक आर्थिक सक्षमता भी सुनिश्चित करे।