महाराष्ट्र किसान राहत: मंत्री प्रताप सरनाईक बोले — जीआर प्रक्रिया शुरू, सरकार किसानों के साथ
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 25 सितंबर 2026 को गणेश विसर्जन के अवसर पर राज्य के किसानों की बिगड़ती स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठवाड़ा और विदर्भ समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं, और प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकारी निर्णय (जीआर) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मौजूदा स्थिति और सरकारी चिंता
मंत्री सरनाईक ने कहा कि मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र में किसानों की परिस्थिति बेहद नाजुक है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी किसान कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ऐसी परिस्थिति में सरकार का किसानों के साथ खड़ा रहना जरूरी है।' उनके अनुसार मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों की भी यही भावना है।
सरकारी राहत की प्रक्रिया
परिवहन मंत्री ने बताया कि किसानों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकारी निर्णय (जीआर) निकालने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सहित सरकार के प्रतिनिधि अलग-अलग तालुकों में जाकर किसानों की मदद का प्रयास कर रहे हैं।
गणेश उत्सव के बीच किसानों का संकट
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले 11 दिनों से मुंबई और ठाणे क्षेत्र में गणेश उत्सव की धूम रही। सरनाईक ने कहा कि एक ओर जहाँ श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव से गणेश विसर्जन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के किसान गंभीर परिस्थितियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने भगवान गणेश से प्रार्थना की कि किसानों के ऊपर छाया दुख का अंधकार जल्द दूर हो।
ज्ञानेश कुमार प्रकरण पर चुप्पी
एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री सरनाईक ने ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामले पर फिलहाल टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस विषय में केवल टीवी समाचारों के माध्यम से जानकारी ली है और जब तक मामले के तथ्यों की पूरी जाँच नहीं हो जाती, तब तक कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।
किसानों को आश्वासन
मंत्री ने राज्य के किसानों से अपील की कि वे हताश न हों। उन्होंने कहा कि सरकार उनके साथ है और हरसंभव मदद करने का प्रयास किया जाएगा। जीआर जारी होने के बाद राहत राशि के वितरण में तेजी आने की उम्मीद है।