महाराष्ट्र सूखा संकट: BJP विधायक राम कदम बोले — 'सर्वे के बाद लिया जाएगा फैसला, किसानों के साथ है सरकार'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक राम कदम ने 17 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति, मराठा समुदाय और दिशा सालियान मामले पर महाराष्ट्र सरकार का पुरज़ोर बचाव किया। कदम ने स्पष्ट कहा कि फसल सर्वे और ज़रूरी प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सूखा घोषित करने का निर्णय लिया जाएगा।
सूखे की स्थिति और किसानों पर असर
राम कदम ने स्वीकार किया कि राज्य में लाखों लोग सूखे से प्रभावित हुए हैं और इस तरह की स्थिति हर दो-तीन साल में उत्पन्न होती रही है। उन्होंने कहा, 'सरकार किसानों के साथ खड़ी है।' साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सूखा घोषित करने से पहले किसानों की फसलों का सर्वे और आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। कदम के अनुसार यह सर्वे और संबंधित प्रक्रियाएँ 'तेज़ी से जारी हैं' और उनके पूरा होते ही उचित कदम उठाए जाएँगे।
मराठा समुदाय और सरकार की भूमिका
मराठा समुदाय के मुद्दे पर कदम ने कहा कि राज्य सरकार न केवल मराठा समुदाय बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ मज़बूती से खड़ी है। उन्होंने वर्तमान सरकार को 'जनता की सरकार' बताते हुए कहा कि यह सरकार 'झूठे वादे करने वाली सरकार नहीं है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब मराठा आरक्षण की माँग को लेकर राज्य में तनाव बना हुआ है।
दिशा सालियान मामले पर तीखा हमला
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे — UBT) के नेता आदित्य ठाकरे ने हाल ही में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा था कि वे दिशा सालियान से 'कभी नहीं मिले और न ही उन्हें जानते थे।' उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी छवि जान-बूझकर खराब करने के लिए उन्हें इस मामले से जोड़ा जा रहा है।
इस पर पलटवार करते हुए राम कदम ने सवाल उठाया कि आदित्य ठाकरे को यह बयान देने में 'करीब साढ़े छह साल' क्यों लग गए। कदम ने यह भी पूछा कि उस दौर की सरकार ने मामले की उचित जाँच क्यों नहीं होने दी और इसे सीबीआई को क्यों नहीं सौंपा। उन्होंने कहा कि दिशा सालियान के पिता न्याय की माँग करते रहे हैं।
गौरतलब है कि बॉम्बे उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद सीबीआई मामले की नए सिरे से जाँच कर रही है और जाँच के निष्कर्ष अभी सामने आने बाकी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ
राम कदम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'असाधारण व्यक्ति' बताया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 25 वर्षों में मोदी ने निजी काम के लिए एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली और देश को आगे ले जाने के संकल्प के साथ मेहनत, त्याग व समर्पण का उदाहरण पेश किया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह
महाराष्ट्र में विपक्ष लगातार सूखे की स्थिति, मराठा आरक्षण और दिशा सालियान मामले को लेकर सत्तापक्ष पर हमलावर रहा है। कदम का यह बयान उसी दबाव के जवाब में आया प्रतीत होता है। सर्वे पूरा होने के बाद सरकार जो भी निर्णय लेती है, वह किसानों को मुआवज़ा और राहत के मामले में एक अहम मोड़ साबित होगा।