सेंसेक्स 21.86 अंक फिसला, निफ्टी 23,270 पर बंद; फेड बैठक के बाद बाज़ार में मिला-जुला रुख
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को 21.86 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 74,314.59 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी50 ने 53 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,270.60 पर कारोबार समाप्त किया। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की नीतिगत बैठक के परिणामों को लेकर निवेशकों के सतर्क रवैये के कारण घरेलू बाज़ार में दिनभर उतार-चढ़ाव बना रहा।
मुख्य घटनाक्रम
कारोबारी सत्र की शुरुआत में सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 74,336.45 से 153.83 अंक नीचे 74,182.62 पर खुला। दिन के दौरान यह एक समय 341.11 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की उछाल के साथ 74,677.56 के इंट्रा-डे हाई पर भी पहुँचा और 74,163.95 के निम्नतम स्तर को छुआ — यानी दिनभर का कुल दायरा 513.61 अंक रहा।
निफ्टी50 अपने पिछले बंद 23,217.60 से 22.34 अंक गिरकर 23,195.25 पर खुला। सत्र में इसने 23,363.55 का इंट्रा-डे हाई और 23,193.65 का इंट्रा-डे लो छुआ।
व्यापक बाज़ार और सेक्टरवार प्रदर्शन
व्यापक बाज़ारों में तेज़ी देखी गई — निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.92 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए, जो लार्जकैप की तुलना में बेहतर प्रदर्शन दर्शाता है।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे। इसके विपरीत, निफ्टी बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में सर्वाधिक गिरावट दर्ज की गई।
टॉप गेनर्स और लूज़र्स
निफ्टी50 के शेयरों में HDFC Life के शेयर सबसे अधिक 5.05 प्रतिशत की तेज़ी के साथ शीर्ष पर रहे। इसके अलावा टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV), SBI Life, डॉ. रेड्डीज़ लेबोरेटरीज़, BEL, IndiGo और टाटा स्टील के शेयर भी टॉप गेनर्स की सूची में रहे।
दूसरी ओर, ONGC, Titan, HDFC Bank, HUL, Coal India और Nestlé India के शेयरों में सर्वाधिक गिरावट देखी गई।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, फेड की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी और बॉन्ड यील्ड में नरमी ने वैश्विक इक्विटी बाज़ारों को अस्थायी सहारा दिया। इसके साथ ही महंगाई में क्रमिक कमी की उम्मीदें भी निवेशकों की धारणा को कुछ हद तक मज़बूत करने में सहायक रहीं।
विशेषज्ञों ने यह भी रेखांकित किया कि मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी टैरिफ के जोखिम के चलते निवेशकों का रवैया निकट भविष्य में सतर्क बने रहने की संभावना है। घरेलू बाज़ार में हालिया गिरावट के बाद 'वैल्यू बाइंग' ने बाज़ार को मामूली बढ़त के साथ बंद होने में योगदान दिया।
आम जनता पर असर और आगे की राह
मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों का बेहतर प्रदर्शन यह संकेत देता है कि खुदरा निवेशक मज़बूत ऑर्डर बुक, बेहतर कमाई की संभावना और ठोस बैलेंस शीट वाली कंपनियों — विशेष रूप से कैपिटल गुड्स, इंडस्ट्रियल, डिफेंस, पावर और हेल्थकेयर सेक्टर में — को प्राथमिकता दे रहे हैं। आने वाले सत्रों में फेड के नीतिगत निर्णय और वैश्विक बाज़ार संकेत भारतीय शेयर बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।