यूक्रेन के ड्रोन हमले में यारोस्लाव्ल तेल रिफाइनरी क्षतिग्रस्त, जेलेंस्की ने रोस्तोव हवाई अड्डे पर भी हमले की पुष्टि की
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियों ने 17 सितंबर 2026 की रात मध्य रूस के यारोस्लाव्ल क्षेत्र में स्थित एक बड़ी तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया, जिसमें भारी क्षति हुई है। क्षेत्र के गवर्नर मिखाइल येवरायेव ने पुष्टि की कि रिफाइनरी में आग लग गई, जिसे बुझाने का काम जारी है। रूसी पक्ष के अनुसार इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ।
हमले का विवरण
गवर्नर येवरायेव ने बताया कि यूक्रेन द्वारा भेजे गए बड़े ड्रोन हमलों को काफी हद तक नाकाम कर दिया गया और कुल 65 ड्रोन मार गिराए गए। हालाँकि, गिराए गए ड्रोन के मलबे के गिरने से कई अपार्टमेंट इमारतों की खिड़कियाँ टूट गईं और अनेक वाहनों को नुकसान पहुँचा। उनके अनुसार, क्षेत्र में फिलहाल किसी तरह की ड्रोन चेतावनी लागू नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है।
रिफाइनरी में लगी आग को बुझाने का काम आपातकालीन दलों द्वारा जारी रखा गया। रिफाइनरी को हुए नुकसान की सटीक सीमा का आकलन अभी जारी है।
जेलेंस्की की प्रतिक्रिया और अभियान का दायरा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस अभियान को सफल बताते हुए अपने सैनिकों का आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैं हमारे उन योद्धाओं का धन्यवाद करता हूँ, जो हर दिन रूस को युद्ध का असर महसूस करा रहे हैं। बीती रात यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू), मानवरहित प्रणाली बलों, यूक्रेन की रक्षा खुफिया एजेंसी और विदेशी खुफिया सेवा के संयुक्त अभियान में यारोस्लाव्ल तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।'
यह अभियान केवल यारोस्लाव्ल तक सीमित नहीं रहा। जेलेंस्की ने बताया कि सुरक्षा सेवा ने रोस्तोव में स्थित एक सैन्य हवाई अड्डे पर भी सटीक हमला किया, जिसमें एक एएन-12 विमान, दो एएन-26 विमान और तीन हेलीकॉप्टरों को नुकसान पहुँचने की पुष्टि हुई है।
काला सागर क्षेत्र में भी कार्रवाई
जेलेंस्की ने यह भी उल्लेख किया कि काला सागर क्षेत्र में भी यूक्रेनी बलों को अच्छे परिणाम मिले हैं। उन्होंने कहा, 'हम हर दिन आक्रामकता का जवाब दे रहे हैं। रूस को शांति का रास्ता चुनना होगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच संघर्ष का कोई निकट अंत नहीं दिखता।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा अवसंरचना को निशाना बनाने की यह नीति पिछले कई महीनों से जारी है। ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रूस की आर्थिक और सैन्य क्षमता को कमज़ोर करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माने जाते हैं। यारोस्लाव्ल मास्को से लगभग 250 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है, जो दर्शाता है कि यूक्रेन की ड्रोन क्षमताएँ रूस की गहराई तक पहुँचने में सक्षम हो गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमले रूसी जनता और नीति-निर्माताओं पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के साथ-साथ ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने का भी उद्देश्य रखते हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएँ संघर्ष की अगली दिशा तय करेंगी।