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क्या महाराष्ट्र में मोदी सरकार के नए जीएसटी स्लैब का व्यापारियों ने जोरदार स्वागत किया?

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क्या महाराष्ट्र में मोदी सरकार के नए जीएसटी स्लैब का व्यापारियों ने जोरदार स्वागत किया?

सारांश

नवीनतम जीएसटी बदलाव ने महाराष्ट्र के व्यापारियों में उत्साह भरा है। जानिए कैसे 5% और 18% प्रतिशत के नए स्लैब से आम जनता और व्यापारियों को लाभ होगा।

मुख्य बातें

जीएसटी स्लैब में बदलाव से आम जनता को राहत मिलेगी।
नए स्लैब के तहत 5% और 18% प्रतिशत की दरें लागू होंगी।
स्थानीय व्यापारियों को बिक्री में सुधार की उम्मीद है।
यह बदलाव एमएसएमई को मजबूती देगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।

गढ़चिरौली, 22 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। मोदी सरकार ने जीएसटी दरों में बदलाव कर केवल दो मुख्य स्लैब (5 और 18 प्रतिशत) लागू करने का निर्णय लिया है, जिसका स्थानीय व्यापारी वर्ग ने सोमवार को स्वागत किया है।

नवरात्रि के अवसर पर 22 सितंबर से प्रभावी यह सुधार 'जीएसटी बचत उत्सव' के रूप में मनाया जा रहा है, जो आम जनता, मध्यम वर्ग और कारोबारियों को बड़ी राहत प्रदान करेगा। गढ़चिरौली जैसे आदिवासी बहुल जिले में, जहां अधिकांश खरीदारी सस्ते दामों पर होती है, यह बदलाव बाजार में उत्साह ला रहा है।

स्थानीय कपड़ा व्यापारी लक्ष्मण रामानी ने देसाईगंज बाजार में राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "यह बदलाव आम जनता और कारोबारियों दोनों के लिए बेहद फायदेमंद रहेगा। आम जनता की खरीद क्षमता सामान्य तौर पर 500 से 2500 रुपए के बीच होती है। इस श्रेणी में जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत कर देने से ग्राहकों को सीधे तौर पर 7 प्रतिशत का लाभ मिलेगा। इससे ग्राहक खुश रहेंगे और व्यापारियों की बिक्री भी अक्टूबर तक बेहतर होने की उम्मीद है।"

रामानी ने बताया, "पहले 12 प्रतिशत जीएसटी वाले आइटम अब 5 प्रतिशत पर आ गए हैं, जिससे 7 प्रतिशत का लाभ सीधे 80-90 प्रतिशत ग्राहकों को मिलेगा। कुल मिलाकर यह फैसला आम जनता और कारोबारियों दोनों के लिए सकारात्मक है।"

उन्होंने बताया कि शादी-ब्याह जैसे बड़े मौकों पर भी ज्यादातर कपड़े और सामान्य आइटम 2500 रुपए से कम कीमत के ही खरीदे जाते हैं। ऐसे में मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी। वहीं, 2500 रुपए से अधिक के एक्सक्लूसिव आइटम जैसे दूल्हा-दुल्हन के विशेष कपड़े, ब्रांडेड ब्लेज़र, भारी साड़ियां या लहंगे इत्यादि पर जीएसटी 18 प्रतिशत रहेगा। हालांकि, इस श्रेणी के ग्राहक अपेक्षाकृत उच्च आय वर्ग से होते हैं, इसलिए उन्हें बड़ा असर महसूस नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि यह सुधार एमएसएमई को मजबूत करेगा। नक्सल प्रभावित इस जिले में सस्ते कपड़े और दैनिक उपयोग की वस्तुएं अब सुलभ होंगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण है कि जीएसटी दरों में यह बदलाव न केवल व्यापारियों के लिए, बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आम जनता को सस्ते दामों पर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध होंगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी स्लैब में बदलाव का मुख्य उद्देश्य क्या है?
जीएसटी स्लैब में बदलाव का मुख्य उद्देश्य आम जनता और व्यापारियों को राहत प्रदान करना है।
इस बदलाव का व्यापारियों पर क्या असर पड़ेगा?
इस बदलाव से व्यापारियों की बिक्री में सुधार की उम्मीद है क्योंकि ग्राहकों को सस्ते दामों पर सामान मिलेगा।
क्या यह बदलाव एमएसएमई को प्रभावित करेगा?
हां, यह बदलाव एमएसएमई को मजबूत करेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल देगा।
राष्ट्र प्रेस
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