कन्याकुमारी जिला जेल के तीन वार्डन निलंबित, 14 जुलाई से प्रभावी; जांच पूरी होने तक जारी रहेगी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की कन्याकुमारी जिला जेल में तैनात तीन जेल कर्मचारियों को 14 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक निलंबन प्रभावी रहेगा।
किन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
पालयमकोट्टई सेंट्रल जेल के अधीक्षक जी.बी. सेंथमराईकन्नन द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के तहत निलंबित किए गए कर्मचारियों में ग्रेड-1 वार्डन एन. जेहान, ग्रेड-2 वार्डन जे. शिवकुमार, और चीफ हेड वार्डन एन. सुरेश उर्फ थिरुमलाईनाम्बी शामिल हैं। तीनों के विरुद्ध गंभीर आरोपों की विभागीय जांच प्रस्तावित है।
किस नियम के तहत हुई कार्रवाई
यह निलंबन तमिलनाडु सिविल सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमों के नियम 17(ई) के अंतर्गत किया गया है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि मामला जनहित से जुड़ा होने के कारण आरोपों के स्वरूप और निलंबन के विस्तृत कारणों का सार्वजनिक खुलासा फिलहाल संभव नहीं है, ताकि जांच की निष्पक्षता बनी रहे।
निलंबन अवधि में क्या मिलेगा
निलंबन की अवधि के दौरान तीनों कर्मचारियों को फंडामेंटल रूल्स के नियम 53(1) के तहत निर्धारित गुजारा भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) और महंगाई भत्ता दिया जाएगा। उनका मुख्यालय नागरकोइल निर्धारित किया गया है और सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकते।
आगे क्या होगा
जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रशासनिक एवं विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, गंभीर मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार का निलंबन आवश्यक प्रक्रिया है। आरोपों की गंभीरता और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।