27 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत-चिली एफटीए अंतिम दौर में, कनाडा-एसएसीयू वार्ता में भी तेज़ी: पीयूष गोयल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत-चिली एफटीए अंतिम दौर में, कनाडा-एसएसीयू वार्ता में भी तेज़ी: पीयूष गोयल

सारांश

भारत का व्यापार कूटनीतिक दायरा तेज़ी से फैल रहा है — चिली एफटीए की फ़िनिश लाइन के क़रीब, कनाडा से बातचीत रफ़्तार पर, और अफ्रीका से लेकर लातिन अमेरिका तक नए मोर्चे खुल रहे हैं। नीदरलैंड्स यात्रा यूरोप में भारत की व्यापारिक पहुँच की नई नींव है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 27 अक्टूबर 2026 को कहा कि भारत-चिली मुक्त व्यापार समझौता अंतिम चरण में है।
कनाडा के साथ व्यापार वार्ता अच्छी प्रगति पर है; एसएसीयू (दक्षिण अफ्रीका सहित 5 देश) के साथ औपचारिक वार्ता शुरू।
मेक्सिको प्रारंभिक व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने का इच्छुक; मर्कोसुर समझौते के विस्तार की उम्मीद।
इंडिया-नीदरलैंड्स बिज़नेस फोरम में करीब 200 प्रतिभागी ; सेमीकंडक्टर, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों पर चर्चा।
गोयल ने नीदरलैंड्स को यूरोपीय बाज़ारों का प्रमुख प्रवेश द्वार बताया; भारत-ईयू एफटीए भी अंतिम चरण में बताया गया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 27 अक्टूबर 2026 को कहा कि भारत और चिली के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) लगभग अंतिम चरण में पहुँच चुका है, जबकि कनाडा के साथ भी बातचीत अच्छी गति से आगे बढ़ रही है। नीदरलैंड्स की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में गोयल ने भारत के व्यापक वैश्विक व्यापार विस्तार की रणनीति की जानकारी दी।

मुख्य घटनाक्रम

गोयल ने स्पष्ट किया कि दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) के साथ औपचारिक वार्ताएँ भी प्रारंभ हो चुकी हैं। गौरतलब है कि अगस्त 2026 में दोनों पक्षों ने एक वरीयता प्राप्त व्यापार समझौते की दिशा में संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए थे। एसएसीयू में बोत्सवाना, इस्वातिनी, लेसोथो, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

गोयल ने कहा, 'चिली के साथ समझौता लगभग निष्कर्ष तक पहुँचता दिखाई दे रहा है। कनाडा के साथ भी बातचीत बहुत अच्छी गति से आगे बढ़ रही है। एसएसीयू के साथ अभी हमने वार्ता शुरू की है, इसलिए उसमें कुछ समय लग सकता है।'

मेक्सिको और मर्कोसुर की स्थिति

मंत्री ने बताया कि मेक्सिको भी भारत के साथ एक प्रारंभिक चरण के व्यापार समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने का इच्छुक है। वहीं ब्राज़ील में हालिया चुनावों के बाद सरकार की निरंतरता से मर्कोसुर समूह के साथ भारत के मौजूदा वरीयता प्राप्त व्यापार समझौते के विस्तार की प्रक्रिया को नई गति मिलने की संभावना है।

नीदरलैंड्स में बैठकें और इंडिया-नीदरलैंड्स बिज़नेस फोरम

अपनी यात्रा के दौरान गोयल ने नीदरलैंड्स के विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग मंत्री स्जोर्ड स्जोर्ड्स्मा, आर्थिक मामलों एवं जलवायु मंत्री हेलेन हेर्बर्ट और नॉर्थ हॉलैंड के किंग्स कमिश्नर आर्थर वैन डाइक के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने डच हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की विदेश व्यापार समिति और सीनेट की यूरोपीय मामलों की समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की।

यात्रा का केंद्रीय कार्यक्रम इंडिया-नीदरलैंड्स बिज़नेस फोरम रहा, जिसकी सह-अध्यक्षता गोयल और स्जोर्ड्स्मा ने की। इस फोरम में दोनों देशों की प्रमुख कंपनियों के करीब 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें भारत-ईयू एफटीए के अवसरों, द्विपक्षीय व्यापार विस्तार और निवेश साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई।

सेमीकंडक्टर से लेकर रिटेल तक: कारोबारी संवाद

गोयल ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और रिटेल क्षेत्रों की कई डच कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों से अलग-अलग बैठकें कीं। इसके साथ ही उन्होंने द हेग में भारतीय दूतावास और एचएसबीसी नीदरलैंड्स द्वारा आयोजित 15 डच कंपनियों के सीएक्सओ राउंडटेबल में भी भाग लिया।

भारत-नीदरलैंड्स और भारत-ईयू संबंधों की नई दिशा

गोयल ने नीदरलैंड्स को यूरोपीय बाज़ारों तक पहुँचने का प्रमुख प्रवेश द्वार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी नई ऊँचाई पर है, और भारत-यूरोपीय संघ एफटीए के भी अंतिम चरण में होने से द्विपक्षीय संबंध और मज़बूत हो रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। आने वाले महीनों में इन वार्ताओं के ठोस परिणामों पर सभी की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गति और गुणवत्ता में अंतर करना ज़रूरी है — 'अंतिम चरण' और 'हस्ताक्षरित समझौते' के बीच की दूरी भारतीय व्यापार वार्ताओं में अक्सर लंबी रही है। कनाडा के साथ संबंध हाल के वर्षों में राजनयिक तनावों से प्रभावित रहे हैं, इसलिए वहाँ 'अच्छी गति' का दावा सत्यापन माँगता है। एसएसीयू और मर्कोसुर जैसे समूहों में बातचीत दीर्घकालिक है और इनसे तत्काल व्यापारिक लाभ की उम्मीद अवास्तविक होगी। असली कसौटी यह है कि ये समझौते भारतीय निर्यातकों — विशेषकर एमएसएमई — के लिए बाज़ार पहुँच में कितना ठोस बदलाव लाते हैं।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-चिली मुक्त व्यापार समझौता क्या है और अभी यह किस स्थिति में है?
भारत और चिली के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं पर शुल्क कम करने का द्विपक्षीय करार है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 तक यह समझौता अंतिम चरण में पहुँच चुका है और निष्कर्ष के करीब है।
भारत-कनाडा व्यापार वार्ता में क्या प्रगति हुई है?
पीयूष गोयल ने बताया कि कनाडा के साथ व्यापार बातचीत 'बहुत अच्छी गति' से आगे बढ़ रही है। हालाँकि समझौते की अंतिम तिथि या विशेष क्षेत्रों का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
एसएसीयू क्या है और भारत के साथ इसकी वार्ता का क्या महत्व है?
दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) में बोत्सवाना, इस्वातिनी, लेसोथो, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। अगस्त 2026 में दोनों पक्षों ने संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए थे और अब औपचारिक वार्ता शुरू हो चुकी है, जो भारत की अफ्रीकी बाज़ारों में पहुँच बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
नीदरलैंड्स यात्रा का भारत-यूरोपीय संघ व्यापार संबंधों पर क्या असर होगा?
गोयल ने नीदरलैंड्स को यूरोपीय बाज़ारों का प्रमुख प्रवेश द्वार बताया और कहा कि भारत-ईयू एफटीए भी अंतिम चरण में है। इंडिया-नीदरलैंड्स बिज़नेस फोरम में 200 प्रतिभागियों ने सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।
मेक्सिको और मर्कोसुर के साथ भारत के व्यापार समझौतों की स्थिति क्या है?
मेक्सिको एक प्रारंभिक चरण के व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने का इच्छुक है। ब्राज़ील में चुनावों के बाद सरकार की निरंतरता से मर्कोसुर समूह के साथ भारत के मौजूदा वरीयता प्राप्त व्यापार समझौते के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले