तमिलनाडु में नशे की लहर: भाजपा अध्यक्ष नागेंद्रन ने CM विजय से माँगी सख्त कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने 30 अगस्त को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से राज्य में शराब और नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रसार पर तत्काल और कठोर कदम उठाने की माँग की। नागेंद्रन ने कहा कि यह संकट तमिलनाडु के युवाओं के भविष्य और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
हत्याकांड ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
भाजपा नेता की यह माँग राजपलायम के पुराने बस स्टैंड के निकट हुई एक हत्या के बाद सामने आई। नागेंद्रन के अनुसार, हिंदू मुन्नानी के पदाधिकारी थानिगासलम बस की प्रतीक्षा कर रहे थे, तभी कथित तौर पर नशे में धुत कुछ युवकों ने उनका पीछा किया और पुलिस स्टेशन के बाहर ही उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। उन्होंने इस घटना को 'बेहद दुखद' बताते हुए मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
नागेंद्रन ने कहा कि पुलिस थाने के ठीक बाहर इस तरह की हत्या यह साबित करती है कि अपराधियों में अब कानून का कोई भय नहीं रह गया है। उन्होंने इसे राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया।
TVK सरकार की नीतियों पर सवाल
भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार ने सत्ता में आने के बाद शराब की दुकानें बंद करने के अपने फैसले का बार-बार प्रचार किया, लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके विपरीत है। उनके अनुसार, न तो युवाओं में शराब की खपत में कोई उल्लेखनीय कमी आई है और न ही नशे से जुड़े अपराधों में कोई गिरावट देखी गई है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले तीन महीनों में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो में पुरुष, महिलाएँ और यहाँ तक कि स्कूली छात्र तक खुलेआम शराब और नशीले पदार्थों का सेवन करते नज़र आए हैं।
सरकार पर 'रील राजनीति' का आरोप
नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री विजय और उनके मंत्रियों पर आरोप लगाया कि वे जनता की वास्तविक समस्याओं को सुलझाने के बजाय सोशल मीडिया रील बनाने और विपक्षी दलों पर निराधार आरोप लगाने में अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार के प्रचार अभियान ज़मीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई में नहीं बदल पाए हैं।
भाजपा की माँगें
नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री विजय से तीन ठोस कदम उठाने की अपील की — पुलिस तंत्र को सुदृढ़ करना, नशा तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना, और युवाओं तक शराब व नशीले पदार्थों की पहुँच पर प्रभावी रोक लगाना। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस मुद्दे को एक गंभीर सामाजिक और कानून-व्यवस्था की चुनौती के रूप में स्वीकार करना होगा।
तमिलनाडु के युवाओं के भविष्य की सुरक्षा और जनता का भरोसा बहाल करने के लिए निर्णायक कदम उठाना अब अपरिहार्य हो गया है — यह देखना होगा कि TVK सरकार इस दबाव पर कैसी प्रतिक्रिया देती है।