11 जुलाई 2026
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तमिलनाडु में हजारों सरकारी पद खाली, BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने CM विजय पर साधा निशाना

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तमिलनाडु में हजारों सरकारी पद खाली, BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने CM विजय पर साधा निशाना

सारांश

तमिलनाडु में हजारों सरकारी पद खाली हैं — 9,000 प्रोफेसर, 30,000 से अधिक शिक्षक, 7,000 नर्सें — फिर भी TNPSC ग्रुप-I में केवल 26 रिक्तियाँ। BJP अध्यक्ष नागेंद्रन का CM विजय पर सीधा हमला: चुनिंदा नियुक्तियाँ नहीं, व्यापक भर्ती चाहिए।

मुख्य बातें

तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने 11 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय पर सरकारी भर्ती में लापरवाही का आरोप लगाया।
राज्य के 181 में से लगभग 125 सरकारी कॉलेज बिना प्राचार्य के चल रहे हैं; सहायक प्रोफेसर के करीब 9,000 पद रिक्त हैं।
सरकारी स्कूलों में इंटरमीडिएट स्तर के 30,000 से अधिक शिक्षण पद खाली बताए गए।
7,000 से अधिक सरकारी नर्सें स्थायी नियुक्ति की प्रतीक्षा में हैं।
इस वर्ष TNPSC ग्रुप-I के लिए केवल 26 रिक्तियाँ घोषित की गईं, जिसे नागेंद्रन ने अपर्याप्त बताया।
नागेंद्रन ने CM से सभी विभागों में तत्काल भर्ती और विभाग-वार कार्यक्रम जारी करने की माँग की।

तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने शनिवार, 11 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए — कि राज्य के सरकारी विभागों में हजारों रिक्त पद होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया जानबूझकर ठप रखी जा रही है, जबकि चुनिंदा लाभार्थियों को नौकरियाँ दी जा रही हैं। उनके इस बयान ने तमिलनाडु की रोजगार नीति पर एक बड़ी राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

मुख्य आरोप: चुनिंदा नियुक्तियाँ, व्यापक उपेक्षा

नागेंद्रन ने पिछले साल करूर में मुख्यमंत्री विजय की चुनावी प्रचार सभा के दौरान हुई मौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने उन प्रभावित परिवारों को सरकारी नौकरियाँ देने की घोषणा की थी। उन्होंने इस कदम को 'मानवीय पहल' स्वीकार करते हुए भी सवाल उठाया कि क्या इस तरह की चुनिंदा नियुक्तियाँ पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर भर्ती की कमी की भरपाई कर सकती हैं।

उन्होंने कहा, 'सरकारी नौकरियों के लिए कड़ी मेहनत करने वाले लाखों योग्य युवाओं की रोजगार संबंधी जरूरतों को पूरा करने के बजाय, सरकार केवल कुछ ही नियुक्तियों पर ध्यान केंद्रित करती दिख रही है।'

शिक्षा क्षेत्र में रिक्तियों की भरमार

नागेंद्रन के अनुसार, तमिलनाडु के 181 सरकारी कला एवं विज्ञान कॉलेजों में से लगभग 125 कॉलेज बिना प्राचार्य के संचालित हो रहे हैं और सहायक प्रोफेसर के करीब 9,000 पद रिक्त पड़े हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मद्रास विश्वविद्यालय, मदुरै कामराज विश्वविद्यालय और भारतीदासन विश्वविद्यालय सहित प्रमुख विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर के आधे से अधिक पद अभी तक नहीं भरे गए हैं।

स्कूली शिक्षा में भी स्थिति चिंताजनक बताई गई — सरकारी स्कूलों में इंटरमीडिएट स्तर के 30,000 से अधिक शिक्षण पद रिक्त हैं। गौरतलब है कि हजारों उम्मीदवार पहले ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और शिक्षक भर्ती बोर्ड (TRB) परीक्षाएँ उत्तीर्ण कर चुके हैं, फिर भी विभाग-वार भर्ती कार्यक्रम जारी नहीं किया गया।

स्वास्थ्य, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में भी संकट

भाजपा नेता ने दावा किया कि 7,000 से अधिक सरकारी नर्सें स्थायी नियुक्ति की प्रतीक्षा में हैं। तमिलनाडु बिजली बोर्ड में भी रिक्तियाँ बताई गईं, जहाँ गैंगमैन सहित अन्य पदों के इच्छुक उम्मीदवार योग्यता-आधारित भर्ती की माँग कर रहे हैं। इसके अलावा, सफाई कर्मचारी, डॉक्टर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और परिवहन कर्मचारी भी नियमित सरकारी नियुक्तियों की माँग कर रहे हैं।

TNPSC परीक्षा पर सवाल

नागेंद्रन ने भर्ती प्रक्रिया की आलोचना करते हुए बताया कि इस वर्ष TNPSC ग्रुप-I परीक्षा के लिए केवल 26 रिक्तियाँ घोषित की गई हैं — यह तब, जब विभिन्न विभागों में हजारों पद रिक्त हैं। उन्होंने इसे 'अस्वीकार्य विरोधाभास' करार दिया।

माँग: तत्काल भर्ती और पारदर्शिता

नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री विजय से अपील की कि वे भर्ती प्रक्रिया में तत्काल तेजी लाएँ, सभी विभागों में रिक्त पदों को बिना विलंब भरें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे योग्य उम्मीदवारों को शीघ्र नियुक्ति मिले। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में युवा बेरोजगारी एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 प्रोफेसर पद, 30,000 शिक्षण पद, 7,000 नर्सें — यदि सत्यापित हों, तो यह केवल भर्ती की देरी नहीं, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं की संरचनात्मक विफलता है। विपक्ष का यह हमला उस वक्त आया है जब TET और TRB उत्तीर्ण उम्मीदवार वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं — यह राज्य सरकार के लिए असहज सवाल है। TNPSC ग्रुप-I में केवल 26 रिक्तियाँ घोषित करना, जबकि हजारों पद रिक्त हों, नीतिगत विरोधाभास को उजागर करता है जिसका जवाब सरकार को देना होगा। मुख्यधारा की कवरेज इन संख्याओं की स्वतंत्र पुष्टि से चूक जाती है — असली परीक्षण यह है कि सरकार इन दावों का खंडन करती है या चुप रहती है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नैनार नागेंद्रन ने तमिलनाडु सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने आरोप लगाया है कि CM विजय की सरकार उच्च शिक्षा, स्कूली शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली बोर्ड सहित कई विभागों में हजारों रिक्त पद भरने में नाकाम रही है। उनके अनुसार, सरकार व्यापक भर्ती के बजाय चुनिंदा नियुक्तियों पर ध्यान दे रही है।
तमिलनाडु में कितने सरकारी पद खाली बताए जा रहे हैं?
नागेंद्रन के दावों के अनुसार, सहायक प्रोफेसर के करीब 9,000 पद, सरकारी स्कूलों में 30,000 से अधिक इंटरमीडिएट शिक्षण पद और 7,000 से अधिक नर्स पद रिक्त हैं। इसके अलावा 181 में से लगभग 125 सरकारी कॉलेज बिना प्राचार्य के चल रहे हैं।
TNPSC ग्रुप-I में केवल 26 रिक्तियाँ क्यों विवाद का विषय बनी हैं?
नागेंद्रन ने कहा कि जब राज्य के विभिन्न विभागों में हजारों पद खाली हैं, तब इस वर्ष TNPSC ग्रुप-I परीक्षा के लिए केवल 26 रिक्तियाँ घोषित करना अपर्याप्त और विरोधाभासी है। यह उन लाखों उम्मीदवारों के साथ अन्याय है जो इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
TET और TRB परीक्षा उत्तीर्ण उम्मीदवारों की क्या स्थिति है?
नागेंद्रन के अनुसार, हजारों उम्मीदवार पहले ही शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) और शिक्षक भर्ती बोर्ड (TRB) परीक्षाएँ उत्तीर्ण कर चुके हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक विभाग-वार भर्ती कार्यक्रम जारी नहीं किया है। इससे योग्य उम्मीदवार नियुक्ति के बिना प्रतीक्षा में हैं।
भाजपा ने सरकार से क्या माँग की है?
नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री विजय से अपील की है कि सभी विभागों में रिक्त पदों को तत्काल भरा जाए, विभाग-वार भर्ती कार्यक्रम जारी किया जाए और TET व TRB उत्तीर्ण उम्मीदवारों को बिना किसी और देरी के नियुक्ति दी जाए।
राष्ट्र प्रेस
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