कलैगनार महिला अधिकार योजना जारी: विजय सरकार ने 15 जून को ₹1,000 की किस्त ट्रांसफर की
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार ने 'कलैगनार महिला अधिकार अनुदान योजना' को निरंतर बनाए रखते हुए 15 जून 2026 (सोमवार) को पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹1,000 की मासिक किस्त सफलतापूर्वक जमा कर दी। यह विजय सरकार के सत्ता संभालने के बाद से लगातार दूसरी मासिक अदायगी है, जिससे राज्यभर की लाखों महिलाओं को आर्थिक राहत मिली है।
योजना की पृष्ठभूमि
यह योजना मूल रूप से पूर्व द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार द्वारा शुरू की गई थी। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान, तमिलगा वेट्री कषगम (TVK) के नेता विजय ने कई कल्याणकारी वादे किए थे — जिनमें घर संभालने वाली महिलाओं के लिए ₹2,500 की मासिक सहायता, बेरोज़गार स्नातक युवाओं के लिए ₹4,000 का मासिक भत्ता, और पूरे तमिलनाडु में महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा शामिल थी।
TVK के नेतृत्व वाले गठबंधन की जीत और विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद, अनेक लाभार्थियों को उम्मीद थी कि ₹2,500 की मासिक सहायता तत्काल लागू होगी। हालाँकि, पद संभालने के बाद मुख्यमंत्री ने तीन प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी फ़ाइलों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ़्त बिजली देने की योजना भी शामिल थी।
देरी और विधानसभा में उठे सवाल
वादा की गई ₹2,500 की मासिक सहायता को लागू करने में विलंब के कारण 'कलैगनार महिला अधिकार अनुदान योजना' के भविष्य पर अनिश्चितता बढ़ने लगी। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने यह स्पष्ट करने की माँग की कि नई सरकार के अंतर्गत यह मौजूदा कल्याणकारी कार्यक्रम जारी रहेगा या नहीं।
इन चिंताओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विजय ने सदन को आश्वस्त किया कि महिलाओं को लाभ पहुँचाने वाली कल्याणकारी योजनाओं को अचानक बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनता से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि चुनावी वादों को चरणबद्ध और आर्थिक रूप से टिकाऊ तरीके से पूरा करने के लिए समय आवश्यक है।
वित्त विभाग के साथ विचार-विमर्श
मुख्यमंत्री विजय ने कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने और उनके पुनर्गठन के संदर्भ में वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। कुछ वित्तीय प्रतिबद्धताओं की समीक्षा के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता के बारे में उनकी टिप्पणियों से यह अटकलें तेज़ हो गई थीं कि महिला अनुदान योजना के भुगतान में देरी हो सकती है। गौरतलब है कि इन अटकलों के बावजूद मई की किस्त समय पर जमा की गई थी।
लाभार्थियों पर असर
जून की किस्त भी नियत तिथि 15 तारीख को ट्रांसफर किए जाने से राज्यभर की लाभार्थी महिलाओं में यह विश्वास बढ़ा है कि मौजूदा कल्याण कार्यक्रम निर्बाध जारी रहेगा। इन महिलाओं में से अनेक घर के दैनिक खर्चों और अन्य आवश्यक ज़रूरतों के लिए इस मासिक सहायता पर निर्भर हैं। लाभार्थियों ने योजना की निरंतरता का स्वागत किया है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब विजय सरकार अपने व्यापक चुनावी वादों — विशेषकर ₹2,500 की मासिक सहायता — को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। समय पर किस्त जमा होने से सरकार को अपनी कल्याणकारी प्रतिबद्धताओं के प्रति विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद मिलेगी, जबकि बड़े वादों के क्रियान्वयन की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।