14 सितंबर 2026
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MP STF का नकली पासपोर्ट रैकेट पर शिकंजा: 70 से ज़्यादा पासपोर्ट जांच के घेरे में, 4 गिरफ्तार

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MP STF का नकली पासपोर्ट रैकेट पर शिकंजा: 70 से ज़्यादा पासपोर्ट जांच के घेरे में, 4 गिरफ्तार

सारांश

मध्य प्रदेश एसटीएफ का नकली पासपोर्ट रैकेट पर शिकंजा कसता जा रहा है — 70 से ज़्यादा पासपोर्ट जांच में, 4 गिरफ्तार, और भोपाल के एक मठ के पते से 40 तथा ग्वालियर के एक पते से 17 पासपोर्ट जारी होने का चौंकाने वाला खुलासा। जांच अब गुजरात और पूर्वोत्तर तक पहुँची।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश एसटीएफ ने नकली पासपोर्ट रैकेट की जांच में 70 से अधिक पासपोर्ट को जांच के दायरे में लिया है।
अब तक चार आरोपी गिरफ्तार, सभी कथित तौर पर पूर्वोत्तर भारत (असम सहित) के रहने वाले।
भोपाल के अन्ना नगर में एक मठ के पते से 40 पासपोर्ट और ग्वालियर के सेमरिया ताल से 17 पासपोर्ट के फर्जी आवेदन की पुष्टि।
नागपुर से गिरफ्तार आरोपी का एक और पासपोर्ट जांच में शामिल — गुजरात में जारी हुआ था।
जांच में अंतर-राज्यीय नेटवर्क की आशंका; और गिरफ्तारियों की संभावना।

मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने 14 सितंबर 2026 को नकली पासपोर्ट रैकेट की जांच का दायरा उल्लेखनीय रूप से बढ़ा दिया है। अब तक 70 से अधिक पासपोर्ट जांच के घेरे में हैं और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह जांच भोपाल, ग्वालियर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा सहित मध्य प्रदेश के कई जिलों तक फैल चुकी है।

मामले का मुख्य घटनाक्रम

एसटीएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल राहुल लोढ़ा ने बताया कि एजेंसी अब उस आरोपी के एक और पासपोर्ट की भी जांच कर रही है जिसे नागपुर से गिरफ्तार किया गया था — यह पासपोर्ट गुजरात में जारी हुआ था। लोढ़ा के अनुसार, 'अब तक नकली पासपोर्ट मामले में कुल 70 पासपोर्ट की जांच की जा रही है। हमने नागपुर से गिरफ्तार एक आरोपी के एक और पासपोर्ट को भी इसमें शामिल किया है, जो गुजरात में जारी हुआ था। जांच अभी भी जारी है।'

गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी कथित तौर पर पूर्वोत्तर भारत, जिसमें असम भी शामिल है, के रहने वाले हैं। उनकी पहचान और अन्य विवरणों की पुष्टि अभी जारी है।

संदिग्ध पतों से उठे सवाल

जांच में सामने आया है कि कई पासपोर्ट आवेदन कथित तौर पर एक ही या संदिग्ध पतों का इस्तेमाल करके किए गए थे, जिससे एक संगठित नेटवर्क के संचालन की संभावना बलवती हो गई है। डीआईजी लोढ़ा ने बताया, 'मध्य प्रदेश में चार से पांच जिलों से नकली पासपोर्ट जारी किए गए हैं।'

ग्वालियर के डबरा स्थित सेमरिया ताल इलाके में एक ही पते से 17 पासपोर्ट के लिए धोखाधड़ी के आवेदन किए गए थे। वहीं, भोपाल के अन्ना नगर क्षेत्र में एक मठ के पते का उपयोग करके 40 पासपोर्ट जारी कराए गए — यह मठ गोविंदपुरा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है।

जांच का विस्तार और अंतर-राज्यीय कड़ियाँ

एसटीएफ अब इस नेटवर्क के संदिग्ध अंतर-राज्यीय संपर्कों की पड़ताल कर रही है। जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि जांच के दायरे में आए सभी पासपोर्ट आपस में जुड़े हुए हैं या नहीं। पासपोर्ट आवेदनों के साथ जमा किए गए दस्तावेजों और पतों की पुष्टि करके यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस प्रक्रिया में कोई स्थानीय मददगार या एजेंट तो शामिल नहीं था।

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब देश में फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए पासपोर्ट हासिल करने की घटनाएँ चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

आगे क्या होगा

डीआईजी लोढ़ा ने स्पष्ट किया कि यदि जारी जांच में और लोगों की संलिप्तता उजागर होती है या धोखाधड़ी वाले अतिरिक्त आवेदन सामने आते हैं, तो आगे गिरफ्तारियाँ भी की जाएंगी। संदिग्ध रैकेट के पूरे दायरे को उजागर करने के लिए जांच को अन्य स्थानों तक भी विस्तारित किया जा रहा है। यह मामला जहाँ एक संगठित दस्तावेज़ जालसाज़ी नेटवर्क की ओर संकेत करता है, वहीं आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पासपोर्ट सत्यापन तंत्र में गहरी खामी का संकेत है। सवाल सिर्फ आरोपियों तक सीमित नहीं है — यह भी पूछा जाना चाहिए कि आवेदन स्वीकार करने वाले अधिकारी कहाँ थे और भौतिक सत्यापन क्यों नहीं हुआ। पूर्वोत्तर कनेक्शन और गुजरात में जारी पासपोर्ट का यह संयोग बताता है कि नेटवर्क राज्य की सीमाओं से परे है, जिससे केंद्रीय जांच एजेंसियों की संभावित भूमिका की दरकार उठती है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश एसटीएफ का नकली पासपोर्ट मामला क्या है?
यह एक कथित संगठित पासपोर्ट धोखाधड़ी का मामला है जिसमें मध्य प्रदेश के कई जिलों से फर्जी दस्तावेज़ों और संदिग्ध पतों का इस्तेमाल कर पासपोर्ट हासिल किए गए। अब तक 70 से अधिक पासपोर्ट जांच में हैं और चार लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
भोपाल और ग्वालियर में कितने फर्जी पासपोर्ट जारी हुए?
भोपाल के अन्ना नगर में एक मठ के पते से कथित तौर पर 40 पासपोर्ट जारी किए गए, जबकि ग्वालियर के डबरा स्थित सेमरिया ताल क्षेत्र में एक ही पते से 17 पासपोर्ट के धोखाधड़ी भरे आवेदन पाए गए।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उनका संबंध कहाँ से है?
एसटीएफ के अनुसार अब तक गिरफ्तार चारों आरोपी कथित तौर पर पूर्वोत्तर भारत, जिसमें असम भी शामिल है, के रहने वाले हैं। उनकी पहचान और अन्य विवरणों की पुष्टि जांच अधिकारियों द्वारा की जा रही है।
क्या इस मामले में अन्य राज्यों की भी संलिप्तता है?
हाँ, एसटीएफ नागपुर से गिरफ्तार आरोपी के एक ऐसे पासपोर्ट की भी जांच कर रही है जो गुजरात में जारी हुआ था। एजेंसी अंतर-राज्यीय नेटवर्क की संभावना को देखते हुए जांच का दायरा अन्य स्थानों तक भी बढ़ा रही है।
आगे क्या कार्रवाई होने की संभावना है?
एसटीएफ के डीआईजी राहुल लोढ़ा के अनुसार यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है या नए फर्जी आवेदन पाए जाते हैं तो और गिरफ्तारियाँ की जाएंगी। जांच का दायरा अतिरिक्त स्थानों तक भी विस्तारित किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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