14 सितंबर 2026
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पर्युषण पर्व: अयोध्या में 15 सितंबर को मांस-मछली-शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर जुर्माना

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पर्युषण पर्व: अयोध्या में 15 सितंबर को मांस-मछली-शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, उल्लंघन पर जुर्माना

सारांश

पर्युषण पर्व पर अयोध्या नगर निगम ने 15 सितंबर को मांस, मछली और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया है। मेयर गिरीश पति त्रिपाठी के अनुसार उल्लंघन पर जुर्माना लगेगा। साथ ही दशरथ पथ परियोजना के ज़रिये अयोध्या को धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान देने का प्रयास जारी है।

मुख्य बातें

अयोध्या नगर निगम ने पर्युषण पर्व पर 15 सितंबर 2026 को मांस, मछली और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की।
मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर नियमानुसार कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।
पर्युषण पर्व में 'मिच्छामी दुक्कड़म' के माध्यम से परस्पर क्षमाभाव व्यक्त किया जाता है — यही भावना प्रतिबंध का आधार है।
निर्माणाधीन दशरथ पथ अयोध्या नगर को राजा दशरथ की समाधि से जोड़ेगा और इस पर धार्मिक प्रतीक व स्तंभ स्थापित किए जा रहे हैं।
मेयर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि अयोध्या को नई धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान मिल रही है।

अयोध्या नगर निगम ने पर्युषण पर्व के अवसर पर 15 सितंबर 2026 को महानगर क्षेत्र में मांस, मछली और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने की घोषणा की है। मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि पर्व की धार्मिक एवं आध्यात्मिक भावना को सम्मान देने के लिए यह निर्णय लिया गया है और उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा।

प्रतिबंध का दायरा और कारण

मेयर त्रिपाठी ने पर्युषण पर्व को एक विशेष आध्यात्मिक उत्सव बताया, जिसमें लोग वर्षभर जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए एक-दूसरे से क्षमा माँगते हैं। जैन समाज में इस पर्व पर 'मिच्छामी दुक्कड़म' कहकर परस्पर क्षमाभाव व्यक्त किया जाता है। उन्होंने कहा कि पर्व की इसी भावना के अनुरूप 15 सितंबर को पूरे अयोध्या महानगर में मांस-मछली और शराब की बिक्री पर रोक रहेगी।

नगर निगम का उद्देश्य केवल प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि धार्मिक पर्व के दौरान शहर में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करना है। मेयर ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।

सद्भाव और आत्मचिंतन का संदेश

मेयर ने कहा कि पर्युषण पर्व आपसी क्षमा, आत्मचिंतन और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है। नगर निगम की कोशिश है कि पर्व की अवधि में अयोध्या का वातावरण धार्मिक भावनाओं के अनुकूल बना रहे। यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या राम मंदिर निर्माण के बाद से राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है और प्रशासन नियमित रूप से पर्व-विशेष पर धार्मिक संवेदनशीलता बरतता रहा है।

दशरथ पथ परियोजना का उल्लेख

इसी अवसर पर मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने अयोध्या में निर्माणाधीन दशरथ पथ परियोजना का भी उल्लेख किया। यह मार्ग अयोध्या नगर को राजा दशरथ की समाधि से जोड़ेगा और इस पर विभिन्न धार्मिक प्रतीकों, स्तंभों और अनुकृतियों को स्थापित किया जा रहा है। मेयर ने कहा कि इसका उद्देश्य मार्ग को केवल आवागमन का साधन न बनाकर एक धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव का माध्यम बनाना है।

मेयर ने बताया कि अयोध्या में पहले से कई आधुनिक सुविधाओं से युक्त मार्ग विकसित किए गए हैं और दशरथ पथ उसी श्रृंखला की अगली कड़ी है। परियोजना के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक विशेष धार्मिक अनुभूति प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी का आभार

दशरथ पथ के विकास कार्यों के संदर्भ में मेयर त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के मार्गदर्शन में अयोध्या में धार्मिक और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय करते हुए जो विकास कार्य हो रहे हैं, उससे शहर को एक नई वैश्विक पहचान मिल रही है। आगामी दिनों में दशरथ पथ के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि एक दिन के प्रतिबंध का व्यावहारिक क्रियान्वयन कितना सुनिश्चित हो पाता है और इससे छोटे व्यापारियों की आजीविका पर क्या असर पड़ता है। गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर के बाद से धार्मिक संवेदनशीलता और प्रशासनिक सक्रियता दोनों बढ़ी हैं — यह प्रतिबंध उसी व्यापक रुझान का हिस्सा है। दशरथ पथ जैसी परियोजनाएँ शहर की धार्मिक पहचान को पुख्ता करती हैं, पर इनके रखरखाव और दीर्घकालिक वित्तपोषण के बारे में पारदर्शिता अब भी अपेक्षित है।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या में 15 सितंबर को मांस-शराब पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
पर्युषण पर्व की धार्मिक और आध्यात्मिक भावना का सम्मान करने के लिए अयोध्या नगर निगम ने 15 सितंबर 2026 को महानगर क्षेत्र में मांस, मछली और शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। मेयर गिरीश पति त्रिपाठी के अनुसार पर्व के दौरान शहर में धार्मिक वातावरण बनाए रखना नगर निगम की प्राथमिकता है।
पर्युषण पर्व क्या है और 'मिच्छामी दुक्कड़म' का क्या अर्थ है?
पर्युषण पर्व जैन धर्म का प्रमुख आध्यात्मिक उत्सव है, जिसमें आत्मचिंतन, उपवास और परस्पर क्षमाभाव पर जोर दिया जाता है। 'मिच्छामी दुक्कड़म' प्राकृत भाषा का वाक्यांश है जिसका अर्थ है — 'यदि मैंने जाने-अनजाने कोई गलती की हो तो वह निरर्थक हो जाए', अर्थात् क्षमा की प्रार्थना।
प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर क्या होगा?
मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों या प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
दशरथ पथ परियोजना क्या है?
दशरथ पथ अयोध्या में निर्माणाधीन एक विशेष मार्ग है जो अयोध्या नगर को राजा दशरथ की समाधि से जोड़ेगा। इस पर धार्मिक प्रतीक, स्तंभ और अन्य सांस्कृतिक संरचनाएँ स्थापित की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक विशेष धार्मिक अनुभव मिल सके।
क्या अयोध्या में इस तरह के धार्मिक प्रतिबंध पहले भी लगाए गए हैं?
हाँ, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद से प्रशासन विभिन्न धार्मिक अवसरों पर इस प्रकार के प्रतिबंध लगाता रहा है। शहर के बढ़ते धार्मिक महत्व को देखते हुए नगर निगम धार्मिक पर्वों के दौरान नियमित रूप से संवेदनशील प्रशासनिक निर्णय लेता है।
राष्ट्र प्रेस
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