अयोध्या में सावन के दौरान कांग्रेस की 'मछली दावत' पर वीएचपी का तीखा हमला, माफी की मांग
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने 24 अगस्त 2026 को अयोध्या में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) द्वारा पवित्र सावन मास के दौरान आयोजित कथित 'मछली दावत' की कड़ी निंदा की और पार्टी से तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की। बंसल ने इस आयोजन को हिंदू आस्था एवं धार्मिक भावनाओं के प्रति 'घोर असंवेदनशीलता' करार दिया।
मुख्य घटनाक्रम
वीएचपी प्रवक्ता बंसल के अनुसार, अयोध्या — जो करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है — में सावन के दौरान इस प्रकार के आयोजन का धार्मिक भावनाओं पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले यह आयोजन किया, और फिर रामायण परंपरा के महत्वपूर्ण पात्र निषादराज — जिन्हें भगवान राम का अनन्य मित्र माना जाता है — के नाम का उपयोग करके इसे उचित ठहराने का प्रयास किया।
बंसल ने कहा कि निषादराज रामायण और रामचरितमानस की परंपरा में अत्यंत सम्मानित पात्र हैं, और उनके नाम का इस प्रकार उपयोग करना स्वयं में अनुचित है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेता सामान्यतः अयोध्या नहीं जाते, लेकिन जब जाते हैं तो ऐसे विवादास्पद आयोजन होते हैं।
वीएचपी की प्रतिक्रिया और मांगें
बंसल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 'हिंदू आस्था और विश्वास के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता।' उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे धार्मिक स्थलों और धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर संवेदनशीलता बरतें। वीएचपी ने कहा कि अयोध्या जैसे धार्मिक महत्व के शहर में किसी भी आयोजन के सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव का आकलन पहले किया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र गणपति जुलूस विवाद पर प्रतिक्रिया
बंसल ने महाराष्ट्र में गणपति जुलूस के दौरान कथित तौर पर अंडे और पत्थर फेंके जाने की घटना पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक जुलूस या पूजा-अनुष्ठान के दौरान ऐसी घटनाएं किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। वीएचपी प्रवक्ता ने भरोसा जताया कि महाराष्ट्र सरकार और पुलिस दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करेगी।
उत्तर प्रदेश मदरसा जांच पर वीएचपी का रुख
उत्तर प्रदेश में मदरसों में कथित अनियमितताओं की जांच के संदर्भ में बंसल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के कदमों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के अनुसार कार्य कर रही है और कानून का उल्लंघन करने वालों को दंड मिलना चाहिए। बंसल ने दावा किया कि जांच के दौरान कुछ स्थानों से कथित तौर पर देशविरोधी गतिविधियों, जाली नोट और आतंकवाद से जुड़े मामलों के सूत्र सामने आए हैं — हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आगे क्या
कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वीएचपी ने स्पष्ट किया है कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो संगठन अपना विरोध जारी रखेगा। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देश में धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक गतिविधियों को लेकर संवेदनशीलता पहले से अधिक है।