अजय राय की अयोध्या मछली दावत पर NDA का हमला, मुख्तार नकवी बोले — 'मानसिक दिवालियापन'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के अयोध्या के तरुन इलाके स्थित अर्पित मैरिज लॉन में आयोजित स्वागत समारोह में सावन माह के दौरान मछली परोसे जाने का एक वीडियो सामने आने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस आयोजन को सनातन परंपराओं के विरुद्ध बताते हुए कांग्रेस पर तीखे हमले बोले। 24 अगस्त को सामने आए इस विवाद ने अयोध्या की धार्मिक संवेदनशीलता को एक बार फिर राजनीति के केंद्र में ला दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
सावन के पवित्र महीने में अयोध्या जैसे धार्मिक नगर में मछली पकाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही BJP नेताओं की प्रतिक्रियाओं की झड़ी लग गई। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा, 'वे खुद को हिंदू बताने की कोशिश कर रहे हैं, इसीलिए वे अयोध्या जाते हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि यह सावन का महीना है। सावन के दौरान मांस और मछली से दूर रहना चाहिए। लहसुन और प्याज से भी दूर रहना चाहिए, लेकिन ये नए तरह के सनातनी हैं, जो दिखावे के लिए सनातन का काम करना चाहते हैं, दिखावे के लिए मंदिर जाते हैं, लेकिन सनातन परंपराओं का पालन नहीं करते हैं।'
नेताओं की प्रतिक्रिया
BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सबसे कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा, 'पवित्र श्रावण मास में अयोध्या में मछली दावत देना मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है। सनातन के प्रति असहिष्णुता, अराजकता और उदंडता के जरिए खुद को सेक्युलरिज्म का सियासी सूरमा साबित करने में लगे हुए हैं, इससे उनका सूपड़ा साफ हो जाएगा।'
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, 'अयोध्या धाम भगवान श्री राम की जन्मभूमि है और दुनिया भर के लोगों की आस्था इससे जुड़ी है। कांग्रेस नेताओं को खुद यह समझना चाहिए कि ऐसे धार्मिक शहर में किसी का स्वागत मांसाहारी भोजन से करने से बचना चाहिए।'
उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, 'यह बहुत दुखद है। अयोध्या धाम हमारा पवित्र स्थल है, यह भगवान राम लला का निवास स्थान है और वहाँ इस तरह की दावत का आयोजन, वह भी सावन के महीने में, यह कांग्रेस की संस्कृति को दर्शाता है।'
मंत्री संजय निषाद ने इस मुद्दे को निषाद समुदाय की पहचान से जोड़ते हुए कहा, 'कांग्रेस से पूछा जाना चाहिए कि ऐसा क्यों? वे मंदिरों में भी जाएंगे और मछली भी खाएंगे। निषाद सर्वाहारी हैं और मछली खाना उनकी परंपरा है, लेकिन असल मुद्दा यह है कि निषाद गरीब क्यों हैं और वे अशिक्षित क्यों हैं? कांग्रेस जाल फेंककर और मछली खिलाकर निषादों को फंसाना चाहती है।'
छत्तीसगढ़ के डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी ने बार-बार भगवान राम के प्रति अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। अजय राय बार-बार इस तरह की राजनीति करते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।'
आम जनता और धार्मिक संवेदनशीलता पर असर
गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से देश भर के श्रद्धालुओं के लिए और अधिक संवेदनशील धार्मिक स्थल बन चुकी है। ऐसे में सावन माह — जो हिंदू परंपरा में विशेष रूप से पवित्र माना जाता है — के दौरान यहाँ मांसाहारी भोज को लेकर उठा विवाद स्थानीय धार्मिक भावनाओं को भी प्रभावित करता है। आलोचकों का कहना है कि इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक दलों की धार्मिक संवेदनशीलता पर बहस को हवा दे दी है।
क्या होगा आगे
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो रही हैं। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मुद्दा BJP के लिए हिंदू मतदाताओं को एकजुट करने का अवसर बन सकता है, जबकि कांग्रेस के लिए यह छवि-प्रबंधन की चुनौती है।