पवन खेड़ा का BJP पर हमला: महिला आरक्षण से डोभाल के चीन दौरे तक, उठाए तीखे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने सोमवार, 24 अगस्त को नई दिल्ली में एक प्रेस संबोधन में केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर कई मोर्चों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अयोध्या मछली भोज विवाद, महिला आरक्षण कानून की अनिश्चितता, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के चीन दौरे और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के रद्द अमेरिका दौरे पर सरकार को घेरा।
मछली भोज विवाद: खानपान पर किसका हक?
अयोध्या में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत समारोह में हुए मछली भोज पर उठे विवाद पर खेड़ा ने कहा कि कार्यक्रम की मेजबानी करने वाले निषाद समुदाय के नेता हाल ही में BJP से कांग्रेस में आए हैं। उन्होंने सवाल किया, 'अगर कोई अपने घर या कार्यक्रम में किसी को बुलाता है, तो क्या आप यह तय करेंगे कि क्या पकाना है और क्या नहीं?'
खेड़ा ने आगे कहा, 'अजय राय शाकाहारी हैं, वो अलग बात है। किसी को भी यह हक नहीं होना चाहिए कि कोई क्या खाएगा और क्या नहीं। लेकिन अगर निषाद समुदाय मछली खाता है, तो क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) यह तय करेगा कि उन्हें क्या और कब खाना चाहिए? हम आज तक नहीं समझ पाए कि ये कौन होते हैं यह तय करने वाले कि मुसलमान हिजाब पहनें या निषाद मछली खाएं।' उन्होंने कहा कि इसीलिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी बार-बार RSS को निशाना बनाते हैं।
कांग्रेस नेता उदित राज ने भी इस विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि BJP के लोग खुद होटल चलाते हैं और मछली खाते हैं, इसलिए यह पूरा विवाद बेबुनियाद है।
महिला आरक्षण: तीन साल बाद भी अधर में
BJP की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी द्वारा कांग्रेस से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने के समर्थन की अपील पर खेड़ा ने पलटवार किया। उन्होंने याद दिलाया कि यह विधेयक लोकसभा में 20 सितंबर 2023 को और राज्यसभा में 21 सितंबर 2023 को पारित हुआ था, और राष्ट्रपति ने इसे 24-25 सितंबर 2023 के आसपास मंजूरी दी थी।
खेड़ा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, 'अगर सरकार गंभीर थी, तो अप्रैल 2026 तक इस बिल के साथ क्या कर रही थी? एक कानून बना, लेकिन तीन साल तक उसे अधिसूचित तक नहीं होने दिया। अब वे परिसीमन और जनगणना के पीछे छिप रहे हैं।' उन्होंने माँग की कि महिला आरक्षण को मौजूदा सीटों पर तत्काल लागू किया जाए।
डोभाल का चीन दौरा: समाधान नहीं, सिर्फ प्रबंधन
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल के भारत-चीन सीमा वार्ता के लिए चीन जाने पर खेड़ा ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में जो विशेष प्रतिनिधि तंत्र बनाया गया था, वह सीमा विवाद के 'समाधान' के लिए था। उन्होंने आलोचना की कि समय के साथ इस तंत्र को सीमा के 'समाधान' से घटाकर महज 'प्रबंधन' तक सीमित कर दिया गया है — यानी विवाद को सुलझाने की बजाय केवल उसे संभाले रखना।
रेवंत रेड्डी का रद्द अमेरिका दौरा: दोहरे मानदंड का आरोप
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा केंद्र सरकार द्वारा मानदंडों के अनुरूप न होने का हवाला देते हुए अनुमति न मिलने के कारण रद्द हो गया। इस पर खेड़ा ने सवाल उठाया कि पिछले 12 वर्षों में BJP के मुख्यमंत्रियों के कितने विदेश दौरों पर विदेश मंत्रालय ने इसी तरह की आपत्ति जताई है। उन्होंने माँग की कि ऐसे सभी मामलों की सूची सार्वजनिक की जाए। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों के शासित राज्यों और केंद्र के बीच प्रशासनिक टकराव की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।