24 अगस्त 2026
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अजय राय का पलटवार: 'CM योगी मछली दावत साबित करें, वरना मुझे नहीं — उन्हें देना होगा इस्तीफा'

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अजय राय का पलटवार: 'CM योगी मछली दावत साबित करें, वरना मुझे नहीं — उन्हें देना होगा इस्तीफा'

सारांश

सावन में मछली दावत का आरोप राजनीतिक तूफान बन गया। UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने CM योगी को सीधी चुनौती दी — 'साबित करो या इस्तीफा दो।' निषाद समाज की परंपरा और धार्मिक पहचान अब UP की सियासत के केंद्र में हैं।

मुख्य बातें

UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने 24 अगस्त को मछली दावत के आरोपों को खारिज किया और CM योगी आदित्यनाथ को सार्वजनिक चुनौती दी।
राय का कहना है कि वे राम निहाल निषाद के सम्मान कार्यक्रम में बुलावे पर गए थे, मछली उन्होंने नहीं खाई।
CM योगी ने बरेली जनसभा में आरोप लगाया था कि राय हनुमानगढ़ी दर्शन के बाद मछली दावत उड़ाते हैं।
राय की चुनौती — 'आरोप साबित करें तो इस्तीफा, साबित न हो तो CM इस्तीफा दें।' कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने BJP के दोहरे मानदंड का हवाला देते हुए कहा कि भारत में 70-80% लोग मछली-मांस खाते हैं।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने 24 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं के उस आरोप को सिरे से खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने सावन के महीने में अयोध्या में मछली की दावत उड़ाई। राय ने न केवल सफाई दी, बल्कि सीधी चुनौती भी पेश की — या तो आरोप साबित करो, या इस्तीफा दो।

मुख्य घटनाक्रम

विवाद की शुरुआत बरेली की एक जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हनुमानगढ़ी में दर्शन करने के बाद बाहर आकर मछली की दावत उड़ाते हैं और फिर राम-राम चिल्लाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 'बेशर्मी की भी एक सीमा होती है, इनके सामने गिरगिट भी शरमा जाता है।'

इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अजय राय ने कहा, 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जो बोल रहे हैं, वह साबित कर दें तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। अगर साबित नहीं कर पाए तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना पड़ेगा।'

अजय राय की सफाई

राय ने बताया कि वे राम निहाल निषाद के सम्मान कार्यक्रम में बुलावे पर गए थे, जो राम मंदिर में दर्शन के बाद आयोजित हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया, 'राम निहाल अपने कार्यक्रम में क्या पका रहे थे और क्या खिला रहे थे, मुझे नहीं पता। वैसे निषाद समाज का भोजन ही मछली है — निषाद समाज के लोगों की अपने कार्यक्रमों में मछली खिलाने और खाने की परंपरा है। मैं सिर्फ कार्यक्रम में बुलावे पर गया था।'

राय ने अपनी धार्मिक पहचान पर भी जोर देते हुए कहा, 'मैं सनातनी हूँ। सनातन दिखावटी नहीं है, सनातन की पहचान जनेऊ है। ये लोग गेरुआ पहनकर और झूठ बोलकर लोगों को ठगने का काम करते हैं।' उन्होंने पंकज चौधरी और मुख्यमंत्री योगी को सीधे चुनौती दी कि यदि उनके पास मछली खाने का कोई प्रमाण है तो सामने लाएं।

कांग्रेस का व्यापक पलटवार

कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने इस विवाद को BJP के दोहरे मानदंड से जोड़ते हुए कहा कि बंगाल चुनावों के दौरान BJP नेता स्वयं मांसाहारी भोजन करते देखे गए थे। उन्होंने तर्क दिया कि भारत में 70 से 80 प्रतिशत लोग मछली और मांस खाते हैं, और BJP के राष्ट्रीय नेता भी इससे अछूते नहीं हैं। खान ने यह भी कहा कि निषाद समुदाय मछुआरों का समुदाय है और उनके यहाँ मछली परोसना एक सामान्य परंपरा है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद BJP और एनडीए नेताओं ने इस मुद्दे को सावन माह में धार्मिक भावनाओं से जोड़कर उठाया। हालाँकि, अब तक सरकार की ओर से अजय राय की चुनौती — कि आरोप साबित करें — पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या

यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में धर्म और खान-पान को लेकर चल रही बहस का ताज़ा अध्याय है। अजय राय की सार्वजनिक चुनौती के बाद अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि BJP इसका जवाब देती है या नहीं — क्योंकि दोनों ओर से इस्तीफे की शर्त सामने रखी जा चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश में चुनावी ध्रुवीकरण की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें धार्मिक प्रतीकों को राजनीतिक हथियार बनाया जाता है। CM योगी का बरेली में यह बयान सावन के संदर्भ में सोची-समझी रणनीति लगती है, लेकिन अजय राय की सीधी 'इस्तीफे की शर्त' ने BJP को रक्षात्मक स्थिति में डाल दिया है। निषाद समाज जैसे वोट-बैंक को साधने की कोशिश में BJP और कांग्रेस दोनों फँसती दिख रही हैं — एक आरोप लगाकर, दूसरी परंपरा का हवाला देकर। असली सवाल यह है कि क्या इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप UP की जनता के असली मुद्दों — बेरोज़गारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था — से ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजय राय पर मछली दावत का आरोप क्या है?
CM योगी आदित्यनाथ ने बरेली जनसभा में आरोप लगाया कि UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय सावन के महीने में हनुमानगढ़ी, अयोध्या में दर्शन के बाद मछली की दावत उड़ाते हैं। यह आरोप BJP और NDA नेताओं ने भी उठाया।
अजय राय ने इस आरोप पर क्या सफाई दी?
अजय राय ने कहा कि वे राम निहाल निषाद के सम्मान कार्यक्रम में बुलावे पर गए थे और उन्हें नहीं पता था कि वहाँ क्या परोसा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निषाद समाज की मछली खाने की परंपरा है और वे केवल आमंत्रण पर उपस्थित थे।
अजय राय ने CM योगी को क्या चुनौती दी?
अजय राय ने कहा कि यदि CM योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी उनके मछली खाने का प्रमाण दे सकते हैं तो वे इस्तीफा देंगे, और यदि साबित नहीं कर पाए तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना होगा।
कांग्रेस ने BJP पर क्या पलटवार किया?
कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि बंगाल चुनावों में BJP नेता स्वयं मांसाहारी भोजन करते देखे गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में 70-80% लोग मछली और मांस खाते हैं और BJP के राष्ट्रीय नेता भी इससे परिचित हैं।
निषाद समाज और मछली के विवाद का राजनीतिक महत्व क्या है?
निषाद समाज उत्तर प्रदेश में एक महत्वपूर्ण मतदाता समुदाय है जो मछुआरों और नाविकों से बना है। BJP और कांग्रेस दोनों इस समुदाय को साधने की कोशिश में हैं, इसलिए मछली-परंपरा का यह विवाद सीधे तौर पर UP की चुनावी राजनीति से जुड़ा हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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