योगी का अजय राय पर तंज: 'हनुमानगढ़ी में दर्शन, बाहर मछली की दावत, फिर राम-राम'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 अगस्त 2026 को रायबरेली में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कांग्रेस नेता हनुमानगढ़ी में दर्शन करते हैं, बाहर निकलकर मछली की दावत उड़ाते हैं और फिर 'राम-राम' चिल्लाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, 'बेशर्मी की भी एक सीमा होती है, इनके सामने तो गिरगिट भी शरमा जाए।'
रायबरेली में ₹879 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री रायबरेली में ₹879 करोड़ की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इसी मंच से उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इन दलों की सोच केवल अपने परिवारों को सम्मान दिलाने तक सीमित रही है और देश के क्रांतिकारियों व महान नायकों को उचित सम्मान नहीं मिला।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी संसद और लोकतंत्र के प्रति जवाबदेह हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के बाहर जाकर प्रदेश को बदनाम करते हैं और विदेश में जाकर भारत का अपमान करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी 'देश विरोधी तत्वों' को प्रोत्साहित करते हैं।
आपातकाल और ऐतिहासिक विरासत का संदर्भ
मुख्यमंत्री ने 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मूल्यों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने मंगल पांडेय, नाना साहब, तात्या टोपे और रानी लक्ष्मीबाई के योगदान का स्मरण कराया और कहा कि रायबरेली की धरती पर स्वतंत्रता संग्राम की इसी ज्वाला को राना बेनी माधव बख्श सिंह ने आगे बढ़ाया था। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी जिक्र किया और कहा कि बाद में संबंधित युवती और उनके माता-पिता ने स्वीकार किया कि उनकी ओर से गलत बात कही गई थी।
धार्मिक आस्था और राजनीतिक विरोधाभास
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर अयोध्या में राम मंदिर का विरोध करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के आचरण में विरोधाभास स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि भारत की आस्था और परंपरा किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ लोग देश को 'अर्बन नक्सलियों' के हाथों क्यों सौंपना चाहते हैं। उनका कहना था कि राष्ट्र की सुरक्षा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत के मुद्दों पर दोहरे मापदंड नहीं चल सकते। रायबरेली की ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाना सभी की जिम्मेदारी है।