सशक्त बहना उत्सव योजना: सीएम धामी ने देहरादून में स्टॉलों का उद्घाटन किया, महिलाओं को मिला रोजगार मंच
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 24 अगस्त 2026 को देहरादून में 'मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना' के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा लगाए गए स्टॉलों का उद्घाटन किया। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का भ्रमण कर महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उत्पादों की सराहना की।
योजना का उद्देश्य और उत्पाद
सीएम धामी ने बताया कि सशक्त बहना उत्सव योजना का मुख्य लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को एक साझा विपणन मंच उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत महिलाएं मिलेट्स (मोटे अनाज) से बने बेकरी उत्पाद, जैम, अचार, लड्डू, प्रसाद, ऊनी वस्त्र, सिलाई-बुनाई का सामान और रक्षाबंधन से जुड़ी सुंदर राखियाँ तैयार करती हैं। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों की गुणवत्ता उच्च स्तर की है और इन्हें व्यापक बाज़ार तक पहुँचाना ही इस पहल का केंद्रीय विचार है।
रक्षाबंधन पर भावनात्मक पल
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों की कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री धामी को भाई मानते हुए उनकी कलाई पर राखी बाँधी। धामी ने भी स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित राखियाँ खरीदीं और सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने महिलाओं के हुनर और परिश्रम की विशेष प्रशंसा की। गौरतलब है कि यह योजना पिछले कुछ वर्षों से रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित की जा रही है और पिछले साल भी बड़ी संख्या में महिलाओं को इससे लाभ मिला था।
बुनियादी ढाँचे पर सरकार की प्राथमिकताएँ
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार की बुनियादी ढाँचा प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रेल, सड़क और रोपवे — ये तीनों क्षेत्र सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर हैं। सड़क क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेसवे और चार धाम ऑल-वेदर रोड्स के खुलने सहित राज्यव्यापी कनेक्टिविटी सुधार के कार्य पूरे हो चुके हैं।
50 रोपवे परियोजनाओं को गति देने के निर्देश
धामी ने बताया कि शासकीय आवास पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को पर्वतमाला परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 50 रोपवे परियोजनाओं की लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं में हो रही देरी की समीक्षा कर नई समयसीमा तय करने को भी कहा गया।
बैठक में सोनप्रयाग-केदारनाथ, टनकपुर-पूर्णागिरि, काठगोदाम-नैनीताल, गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब, कनकचौरी-कार्तिक स्वामी, देहरादून-मसूरी और जानकीचट्टी सहित प्रमुख रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र की प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं और उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की कार्यप्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक रोपवे परियोजना के साथ पर्याप्त पार्किंग सुविधा को समेकित योजना का हिस्सा बनाया जाए। लाइसेंसिंग एवं अनुमोदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाते हुए पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल के ज़रिए निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड सरकार महिला सशक्तिकरण और पर्यटन बुनियादी ढाँचे — दोनों मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है। सशक्त बहना उत्सव योजना की निरंतरता और रोपवे परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता राज्य की आर्थिक प्रगति की दिशा तय करेगी।