क्या दिल्ली दौरे के बाद मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार से विकास प्रस्तावों पर सकारात्मक चर्चा की?
सारांश
Key Takeaways
देहरादून, 10 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को दिल्ली में कई सरकारी कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद देहरादून लौटकर कहा कि इस यात्रा के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रियों के साथ राज्य के विकास से जुड़े मामलों पर गहन चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने रेलवे, गृह और वन मंत्रालय समेत अन्य मंत्रालयों में बैठकें कीं, जहां चल रहे प्रस्तावों के अलावा नए विकास कार्यों पर भी विचार-विमर्श हुआ। धामी ने कहा कि सभी मंत्रियों ने सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाया और राज्य के विकास में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
उन्होंने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में विकास की गति निरंतर बढ़ रही है और इस बार भी केंद्र ने हरसंभव सहायता का वादा किया है। मुख्यमंत्री का यह दौरा राज्य की बुनियादी ढांचे, रेलवे कनेक्टिविटी और पर्यावरण से संबंधित परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीएम धामी ने कहा कि वे आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सकारात्मक कदम उठा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में उन स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां अभी तक रात्रि प्रवास नहीं हुआ है। उन स्थानों पर जाकर जनता की समस्याओं का समाधान करते हुए, सरकार के कार्यों पर फीडबैक भी लेंगे।
सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण से मुलाकात की और राज्य से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर उन्हें जीएसटी सुधारों के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं भी दी गईं।
इस दौरान उन्होंने शहरी अपशिष्ट जल निकासी प्रणाली के सुधार के लिए विभिन्न जनपदों के लिए 8,589 करोड़ रुपए की डीपीआर की स्वीकृति का अनुरोध किया, साथ ही सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना (850 करोड़ रुपए) और जलापूर्ति प्रणाली सुदृढ़ीकरण परियोजना (800 करोड़ रुपए) की स्वीकृति का भी आग्रह किया।
इसके साथ ही राज्य के लिए चार प्रमुख परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृति का अनुरोध किया गया, जिनमें 2,000 करोड़ रुपए की जल एवं स्वच्छता नगरीय अवसंरचना विकास परियोजना, 424 करोड़ रुपए की डीआरआईपी-III, 3,638 करोड़ रुपए की उत्तराखंड जलवायु अनुकूलित अंतर-राज्य विद्युत ट्रांसमिशन प्रणाली विकास परियोजना और 1,566 करोड़ रुपए की पावर वितरण विश्वसनीयता सुधार परियोजना शामिल हैं।