क्या सीएम धामी ने देहरादून के घंटाघर का लोकार्पण किया? सरकार आपदा से निपटने के लिए प्रतिबद्ध

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क्या सीएम धामी ने देहरादून के घंटाघर का लोकार्पण किया? सरकार आपदा से निपटने के लिए प्रतिबद्ध

सारांश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के घंटाघर का लोकार्पण किया और आपदा प्रबंधन में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाया। बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की भी जानकारी दी। महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु नए आउटलेट्स का उद्घाटन किया।

मुख्य बातें

आपदा प्रबंधन में सरकार की प्रतिबद्धता बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए रेस्क्यू अभियान महिला सशक्तिकरण हेतु नए आउटलेट्स घंटाघर का सौंदर्यीकरण विकास परियोजनाओं का विस्तार

देहरादून, ७ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कहा कि आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इसी दिशा में ८ और १६ किलोमीटर की रेंज के सायरन नागरिकों की सुरक्षा में भी मदद करेंगे।

मुख्यमंत्री ने बाल भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को भिक्षावृत्ति से निकालकर शिक्षा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए तीन रेस्क्यू वाहनों के साथ एक अंतरविभागीय टीम बनाई गई है।

पहले चरण में ५१ बच्चों को रेस्क्यू कर अलग-अलग स्कूलों में भेजा गया। दूसरे चरण में ३१ बच्चों को रेस्क्यू कर विभिन्न स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है।

सीएम धामी ने देहरादून के ऐतिहासिक घंटाघर के नए और भव्य स्वरूप का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने स्वचलित प्रकाश व्यवस्था का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उनकी सरकार राज्य को आपदा की क्षति से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

घंटाघर के सौंदर्यीकरण के बाद इसके आसपास के क्षेत्र में भी कई विकास कार्य किए गए हैं। इसी के तहत मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए बनाए गए चार आधुनिक 'हिलांस-कम-किचन आउटलेट्स' का भी उद्घाटन किया।

इन आउटलेट्स का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर देना और स्थानीय पहाड़ी उत्पादों को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि घंटाघर देहरादून की पहचान है और इसका यह नया और आकर्षक रूप न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय लोगों को भी गर्व का अनुभव कराएगा। उन्होंने कहा कि स्वचलित प्रकाश व्यवस्था से यह स्थल रात में भी जीवंत रहेगा और शहर की नाइटलाइफ को बेहतर बनाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह धरोहर देहरादून की शोभा बढ़ाएगी और यहां आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।

सीएम धामी ने बताया कि राजधानी देहरादून में १,४०० करोड़ रुपए की लागत से कई विकास परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदी पर एलिवेटेड रोड का काम भी जल्द ही शुरू होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री धामी की पहलें राज्य के विकास और आपदा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। उनकी सरकार ने न केवल भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घंटाघर का लोकार्पण कब हुआ?
घंटाघर का लोकार्पण ७ सितंबर को किया गया।
सीएम धामी ने बाल भिक्षावृत्ति के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
सीएम धामी ने बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए रेस्क्यू वाहनों के साथ एक अंतरविभागीय टीम बनाई है।
महिला सशक्तिकरण के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए चार आधुनिक आउटलेट्स का उद्घाटन किया गया है।
क्या घंटाघर का सौंदर्यीकरण किया गया है?
जी हां, घंटाघर का सौंदर्यीकरण किया गया है और इसके आसपास विकास कार्य भी किए गए हैं।
राज्य में और कौन सी विकास परियोजनाएं चल रही हैं?
राजधानी देहरादून में १,४०० करोड़ रुपए की लागत से कई विकास परियोजनाएं चल रही हैं।
राष्ट्र प्रेस