24 अगस्त 2026
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बंबीहा गैंग के 3 फरार गैंगस्टर मलेशिया से भारत प्रत्यर्पित, 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधी वापस लाए गए

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बंबीहा गैंग के 3 फरार गैंगस्टर मलेशिया से भारत प्रत्यर्पित, 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधी वापस लाए गए

सारांश

भारतीय एजेंसियों ने मलेशिया में छिपे बंबीहा गैंग के तीन वांछित गैंगस्टरों को पकड़कर स्वदेश लाया। जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह पर वसूली, हथियार तस्करी और लुधियाना ग्रेनेड हमले के आरोप हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधी वापस लाए जा चुके हैं।

मुख्य बातें

भारतीय एजेंसियों ने मलेशिया से बंबीहा गैंग के तीन फरार गैंगस्टरों को 24 अगस्त 2026 को प्रत्यर्पित कराया।
गिरफ्तार आरोपी हैं — जसप्रीत सिंह उर्फ बहबल (फरीदकोट), अजय सिंह और पवनदीप सिंह (गंगानगर, राजस्थान)।
आरोपों में जबरन वसूली, सीमा पार हथियार व नशा तस्करी और लुधियाना में ग्रेनेड हमले की नाकाम कोशिश शामिल है।
कथित तौर पर गैंग के तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से भी जुड़े बताए गए हैं।
गृह मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधी विदेश से वापस लाए जा चुके हैं।
तीनों को IGI एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर पंजाब पुलिस को सौंपा गया; जाँच जारी है।

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने 24 अगस्त 2026 को मलेशिया में छिपे बंबीहा गैंग के तीन वांछित गैंगस्टरों को पकड़कर भारत प्रत्यर्पित कर दिया। तीनों को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही गिरफ्तार कर लिया गया और आगे की जाँच के लिए पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया। गृह मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधियों को विदेश से वापस लाया जा चुका है।

कौन हैं तीनों गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ बहबल (निवासी फरीदकोट, पंजाब), अजय सिंह और पवनदीप सिंह (दोनों निवासी गंगानगर, राजस्थान) के रूप में हुई है। तीनों पर जबरन वसूली, सीमा पार हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी तथा लुधियाना में ग्रेनेड हमले की नाकाम कोशिश सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

अधिकारियों के अनुसार, तीनों आरोपी मलेशिया से संचालित दविंदर बंबीहा गैंग के सक्रिय सदस्य बताए गए हैं। इन पर हत्या, विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति और सुनियोजित ग्रेनेड विस्फोट जैसे संगीन आरोप हैं। कथित तौर पर इनके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी जुड़े बताए गए हैं, हालाँकि इस पहलू की आधिकारिक पुष्टि अभी जारी जाँच के अधीन है।

ऑपरेशन का ब्यौरा

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया) अमित प्रसाद ने बताया कि यह निर्वासन और गिरफ्तारी कई महीनों से चल रही गुप्त निगरानी अभियान का नतीजा है। एजेंसियाँ इन भगोड़ों की गतिविधियों पर लगातार नज़र रख रही थीं और सही समय पर कार्रवाई की गई।

19 अगस्त को पंजाब डीजीपी ने स्पष्ट किया था कि पंजाब पुलिस अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा था, 'भगोड़े चाहे कहीं भी छिपे हों, हम उन्हें ढूंढ निकालेंगे और कानून के दायरे में लाएंगे।'

गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया

गृह मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए इस कार्रवाई की जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सुरक्षित भारत' के विजन के तहत भारतीय एजेंसियाँ विदेशों में छिपे अपराधियों को स्वदेश लाने के लिए अनवरत काम कर रही हैं। वर्ष 2026 में अकेले अब तक 51 कुख्यात अपराधी वापस लाए जा चुके हैं — यह आँकड़ा सरकार की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रत्यर्पण क्षमता को दर्शाता है।

आगे की जाँच

तीनों आरोपियों को फिलहाल पंजाब में जाँच एजेंसियों की हिरासत में रखा गया है। बंबीहा गैंग के विदेश से संचालित नेटवर्क की पूरी कड़ी उजागर करने के लिए पूछताछ जारी है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत सरकार विदेशों में बैठे संगठित अपराध सरगनाओं के खिलाफ कूटनीतिक और खुफिया दोनों मोर्चों पर सक्रियता बढ़ा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नेटवर्क का विदेशी ढाँचा अब तक पूरी तरह ध्वस्त नहीं हो सका। 'सुरक्षित भारत' विजन के तहत गिरफ्तारियाँ सुर्खियाँ बटोरती हैं, परंतु पंजाब में संगठित अपराध की जड़ें — जिनमें नशा तस्करी और सीमा पार हथियार आपूर्ति प्रमुख हैं — तब तक नहीं सूखेंगी जब तक स्थानीय नेटवर्क और विदेशी फंडिंग चैनल एक साथ नहीं तोड़े जाते।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंबीहा गैंग के किन तीन गैंगस्टरों को मलेशिया से प्रत्यर्पित किया गया?
गिरफ्तार तीनों आरोपी हैं — जसप्रीत सिंह उर्फ बहबल (फरीदकोट, पंजाब), अजय सिंह और पवनदीप सिंह (गंगानगर, राजस्थान)। तीनों को मलेशिया से भारत निर्वासित कर दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया।
इन आरोपियों पर क्या-क्या आरोप हैं?
इन पर जबरन वसूली, सीमा पार हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी, हत्या, विस्फोटक सामग्री की आपूर्ति और लुधियाना में ग्रेनेड हमले की नाकाम कोशिश के आरोप हैं। कथित तौर पर इनके तार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से भी जुड़े बताए गए हैं।
2026 में भारत कितने अपराधियों को विदेश से वापस ला चुका है?
गृह मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधियों को विदेश से भारत वापस लाया जा चुका है। यह आँकड़ा प्रधानमंत्री मोदी के 'सुरक्षित भारत' विजन के तहत चल रहे अभियान का हिस्सा है।
दविंदर बंबीहा गैंग क्या है और यह कहाँ से संचालित होता है?
दविंदर बंबीहा गैंग पंजाब और राजस्थान में सक्रिय एक संगठित अपराध नेटवर्क है जो कथित तौर पर मलेशिया सहित कई विदेशी ठिकानों से संचालित होता है। यह गैंग हत्या, वसूली, हथियार व नशा तस्करी और विस्फोटक हमलों में संलिप्त बताया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की आगे क्या होगी?
तीनों आरोपियों को पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया है और उनसे जाँच जारी है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित प्रसाद के अनुसार यह कार्रवाई कई महीनों की निगरानी का परिणाम है और गैंग के पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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