जकार्ता से पकड़ा गैंगस्टर जोबनजीत सिंह: 'ऑपरेशन नोमैड हंट' में पंजाब पुलिस की बड़ी कामयाबी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने 25 जुलाई 2026 को एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय अभियान के तहत भगोड़े गैंगस्टर जोबनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता से गिरफ्तार कर भारत वापस लाया। यह कार्रवाई केंद्रीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय में की गई। जोबनजीत पंजाब में दर्ज हत्या के चार मामलों सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में लंबे समय से वांछित था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, ऑपरेशन नोमैड हंट करीब छह महीने तक चला। इस दौरान खुफिया सूचनाओं के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। जोबनजीत अलग-अलग देशों में ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। अंततः उसे जकार्ता में पकड़ा गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारत लाया गया।
आरोपी के खिलाफ मामले
जोबनजीत सिंह के खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पंजाब में उसके खिलाफ हत्या के चार अलग-अलग मामले लंबित हैं। सुरक्षा एजेंसियाँ लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थीं।
अभियान की रणनीति
पुलिस के मुताबिक, इस अभियान में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखा गया। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ राज्य सरकार और पुलिस का अभियान तेज हुआ है। गौरतलब है कि विदेशों में छिपे भगोड़े गैंगस्टरों को वापस लाना पंजाब पुलिस की प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
पंजाब पुलिस ने इस सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों के बेहतर तालमेल का परिणाम बताया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराध से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई अब केवल देश की सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी — विदेशों में छिपे भगोड़ों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।
आगे क्या होगा
जोबनजीत सिंह को अब पंजाब में दर्ज मामलों में न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा। पंजाब पुलिस ने संकेत दिया है कि विदेशों में फरार अन्य वांछित अपराधियों के खिलाफ भी इसी तर्ज पर अभियान जारी रहेगा।