भोपाल में रामनवमी और अन्य पर्वों पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
सारांश
Key Takeaways
- रामनवमी और अन्य पर्वों पर मांस विक्रय पर प्रतिबंध है।
- उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
- यह आदेश सांस्कृतिक संवेदनाओं का सम्मान करने के लिए है।
- दुकानदारों को पहले से योजना बनाने की सलाह दी गई है।
- कानूनी कार्रवाई की जाएगी यदि कोई नियम का उल्लंघन करता है।
भोपाल, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भोपाल नगर निगम ने रामनवमी और अन्य धार्मिक अवसरों पर मांस विक्रय के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि चार विशेष पर्वों के दौरान मांस की बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। यदि कोई दुकान इन विशेष दिनों में मांस बेचती हुई पाई जाती है, तो उस पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी और पुलिस द्वारा कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
नगर निगम ने विशेष रूप से यह बताया है कि चेटीचंड (सिंधी समाज का एक प्रमुख त्योहार), रामनवमी, महावीर जयंती और बुद्ध जयंती के अवसर पर निगम की सीमा के भीतर सभी मांस की दुकानें बंद रहेंगी। ये निर्देश धार्मिक और सांस्कृतिक पर्वों का सम्मान करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह नियम सभी दुकानदारों के लिए समान रूप से लागू होगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चेटीचंड के अवसर पर, यानी 20 मार्च 2026 को, भोपाल नगर निगम की सीमा में सभी मांस विक्रय की दुकानें बंद रहेंगी। इसके बाद 27 मार्च को रामनवमी, 31 मार्च को महावीर जयंती और 1 मई को बुद्ध जयंती के दिन भी यही नियम लागू होगा।
इन विशेष दिनों में यदि कोई दुकानदार मांस बेचते हुए पकड़ा गया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उसी पर होगी। नगर निगम की ओर से उसका लाइसेंस रद्द किया जाएगा और पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम की जनसंपर्क शाखा ने सभी दुकानदारों और नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इन निर्देशों का पालन करें और इन दिनों मांस विक्रय से बचें।
इस नियम के तहत प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि जो लोग इसका उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मांस विक्रेताओं को सलाह दी गई है कि वे पहले से ही अपने स्टॉक और व्यापार की योजना इन चार पर्वों के अनुसार बना लें, ताकि उन्हें किसी भी कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।