भाजपा सांसदों ने ममता बनर्जी के खान-पान संबंधी बयान का किया खंडन, कहा- जनता को भड़काने की कोशिश
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा सांसदों ने ममता बनर्जी के बयान को भड़काऊ कहा।
- ममता का आरोप है कि भाजपा सरकार आने पर खाने-पीने पर पाबंदियां लगेंगी।
- भाजपा सांसदों ने विकास और जनता की खुशी का उदाहरण दिया।
नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान पर राजनीति गरमा गई है जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि भाजपा की सरकार राज्य में बनती है तो मांस और मछली खाने पर प्रतिबंध लगेगा। भाजपा के सांसदों ने इसे जनता में भय फैलाने वाला और भड़काने वाला बयान करार दिया है।
राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और सांसद मदन राठौड़ ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी जनता को भड़काने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन लोग उनके इस बहकावे में नहीं आएंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए की सरकार कई राज्यों में सक्रिय है और वहां विकास की गति तेज है। जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां लोग खुश हैं और बंगाल में भी भाजपा सरकार आने पर विकास की गति तेजी से बढ़ेगी। भारत के कई राज्यों में लोग मांस और मछली खाने की पूरी स्वतंत्रता रखते हैं। यह बयान केवल जनता को भड़काने के लिए दिया गया है।
मदन राठौड़ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि भारत में जो लोग नागरिक नहीं हैं, वे स्थानीय लोगों के हक को छीन रहे हैं और ऐसे लोगों को नियंत्रित करना आवश्यक है। उन्होंने सवाल उठाया कि गैर-नागरिक बागान क्यों खरीद रहे हैं और वहां के नागरिक बन रहे हैं।
उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष और सांसद महेंद्र भट्ट ने भी ममता के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ममता को अपनी हार का पहले से अहसास हो रहा है, इसलिए उन्होंने यह बयान दिया कि भाजपा सरकार आने पर खाने-पीने पर प्रतिबंध लगेगा।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि भाजपा की सरकार किसी के खाने-पीने पर पाबंदी नहीं लगाती और जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में है, वहां लोग अपनी पसंद का खाना खुलकर खा सकते हैं।
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि ममता बनर्जी लोगों को भ्रमित करने की कोशिश कर रही हैं। भाजपा की सरकार जहां है, वहां नॉनवेज खाने पर कोई पाबंदी नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में मिली-जुली सरकार है और वहां भी लोग अपनी पसंद का खाना खाने की आजादी रखते हैं।
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने ममता बनर्जी के बयान के उद्देश्य को भय फैलाना बताया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान हुई हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता की दुर्दशा सभी के सामने है। ममता, मतदाताओं को डराने का प्रयास कर रही हैं।
भाजपा सांसद अरुण गोविल ने भी ममता के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने के लिए कुछ भी कहा जा सकता है, लेकिन इन बातों का कोई ठोस तथ्य मौजूद नहीं है।