हरिद्वार में मटन शॉप को हटाने का निर्णय: अयोध्या के संतों की सराहना

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हरिद्वार में मटन शॉप को हटाने का निर्णय: अयोध्या के संतों की सराहना

सारांश

हरिद्वार नगर निगम द्वारा मटन शॉप को शहर से बाहर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इसे धार्मिक नगरी की पवित्रता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संत समाज ने इस प्रस्ताव का जोरदार स्वागत किया है।

Key Takeaways

  • हरिद्वार नगर निगम का निर्णय धार्मिक पवित्रता के लिए महत्वपूर्ण है।
  • संत समाज ने इस पहल का गर्मजोशी से स्वागत किया है।
  • मांस और मदिरा पर प्रतिबंध की आवश्यकता को सभी ने माना है।
  • यह कदम अन्य धार्मिक स्थलों के लिए अनुकरणीय हो सकता है।
  • आगामी अर्धकुंभ मेले के लिए यह निर्णय समयानुकूल है।

अयोध्या, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अयोध्या में संत समाज में उस समय खुशी की लहर छा गई जब हरिद्वार नगर निगम ने आगामी अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए शहर के भीतर चलने वाली मटन शॉप को हटाकर शहरी सीमा से बाहर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। इसे धार्मिक नगरी की पवित्रता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, और संत समुदाय ने इसका जोरदार स्वागत किया है।

हनुमानगढ़ी के महंत आशीष दास ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल पर मांस और मदिरा का सेवन नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन से लोग गलत गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं, इसलिए इन पर पूर्ण प्रतिबंध आवश्यक है।

सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी के अमित दास जी महाराज ने भी हरिद्वार नगर निगम के इस निर्णय की प्रशंसा की और कहा कि जहां धर्म का कार्य होता है, वहां मांस और मदिरा पर प्रतिबंध अनिवार्य होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि हरिद्वार की तरह देश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर ऐसे नियम लागू किए जाने चाहिए, जिससे उनकी पवित्रता और गरिमा बनी रहे।

साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास जी महाराज ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि अर्धकुंभ से पहले हरिद्वार की पावनता को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह निर्णय अत्यंत सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि गंगा द्वार हरिद्वार की भूमि सदियों से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की धारा से पवित्र रही है, जहां संतों का समागम होता रहा है। नगर निगम का यह कदम धार्मिक आस्था को और सुदृढ़ करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सभी तीर्थ नगरी में पवित्रता बनाए रखने के लिए मांस और मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सनातन संस्कृति को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों को देखते हुए शासन-प्रशासन को सख्त कानून और कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

आर्य संत वरुण दास जी महाराज ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए हरिद्वार नगर निगम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आगामी अर्धकुंभ मेले के मद्देनजर यह पहल बेहद महत्वपूर्ण और समयानुकूल है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जिस प्रकार अयोध्या सप्त पुरियों में शामिल है, उसी प्रकार हरिद्वार का भी विशेष धार्मिक महत्व है, इसलिए वहां की पवित्रता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

Point of View

NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

हरिद्वार में मटन शॉप हटाने का कारण क्या है?
यह कदम धार्मिक नगरी की पवित्रता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
संतों की इस निर्णय पर क्या प्रतिक्रिया है?
संतों ने इस निर्णय का जोरदार स्वागत किया है और इसे सराहनीय बताया है।
क्या अन्य धार्मिक स्थलों पर भी ऐसे नियम लागू किए जाएंगे?
संतों का सुझाव है कि हरिद्वार की तरह अन्य धार्मिक स्थलों पर भी ऐसे नियम लागू किए जाने चाहिए।
इस निर्णय का प्रभाव क्या होगा?
यह निर्णय धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करने और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने में सहायक होगा।
क्या इस निर्णय से समाज में बदलाव आएगा?
हां, इस निर्णय से समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
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