क्या भजनलाल सरकार ने नॉनवेज और अंडे की दुकानों पर दो दिनों की तालाबंदी का आदेश दिया?

सारांश
Key Takeaways
- राजस्थान सरकार ने धार्मिक पर्वों के सम्मान में नॉनवेज और अंडे की दुकानों पर तालाबंदी का आदेश दिया है।
- तालाबंदी २८ अगस्त और ८ सितंबर को लागू होगी।
- जैन और हिंदू धर्म के पर्वों के कारण यह निर्णय लिया गया है।
- आदेश का उल्लंघन करने पर प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जयपुर, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान सरकार ने प्रदेशवासियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार ने आदेश दिया है कि २८ अगस्त और ८ सितंबर को राज्यभर में नॉनवेज और अंडे बेचने वाली दुकानों को बंद रखा जाएगा।
यह निर्णय जैन समुदाय के प्रमुख धार्मिक पर्व 'पर्यूषण' और हिंदू धर्म के पवित्र दिन 'अनंत चतुर्दशी' के अवसर पर लिया गया है। इन दोनों अवसरों पर लाखों श्रद्धालु संयम, तपस्या और व्रत का पालन करते हैं, जिससे सरकार ने सामाजिक समरसता और सौहार्द्र बनाए रखने का प्रयास किया है।
यह आदेश राजस्थान में लागू रहेगा। विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों, प्रमुख बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास स्थित मांस, मछली और अंडे बेचने वाली दुकानों को इन दो दिनों के लिए पूरी तरह से बंद रखने की सलाह दी गई है। नगरपालिका, नगर परिषद और नगर निगम क्षेत्र इस आदेश के अंतर्गत आएंगे।
'पर्यूषण' जैन धर्म का सबसे पवित्र पर्व है, जिसमें अनुयायी तप, त्याग, क्षमा और आत्मशुद्धि के रास्ते पर चलते हैं। इस दौरान किसी भी प्रकार के हिंसात्मक भोजन, विशेषकर मांस और अंडे, को वर्जित माना जाता है। जैन समाज की मांग पर सरकार ने यह निर्णय लिया है।
'अनंत चतुर्दशी' हिंदू धर्म में भगवान विष्णु और गणपति विसर्जन का दिन है। इस दिन भी श्रद्धालु व्रत, उपवास और शुद्ध सात्विक भोजन करते हैं। वातावरण को शुद्ध और शांत बनाए रखने के लिए इस दिन भी नॉनवेज की दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
जिन दुकानदारों द्वारा इस आदेश का उल्लंघन किया जाएगा, उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। संबंधित जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे इन दिनों आदेश का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें।