मधुबनी में गैस सिलेंडर की बरामदगी: आरजेडी विधायक ने कृत्रिम एलपीजी संकट का आरोप लगाया
सारांश
Key Takeaways
- मधुबनी में गैस सिलेंडर की बड़ी बरामदगी हुई है।
- आरजेडी विधायक ने एलपीजी संकट को कृत्रिम बताया।
- जांच में स्थानीय गैस एजेंसी की संलिप्तता का संदेह।
- इस मामले में लक्ष्मण महतो को गिरफ्तार किया गया।
- प्रशासन ने गंभीर कदम उठाए हैं।
पटना, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस) ईरान, इजरायल और अमेरिका से जुड़े बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच बिहार के मधुबनी ज़िले का प्रशासन शनिवार को गैस की कमी की आशंका को लेकर सतर्क रहा।
पुलिस ने तामुरिया गांव में एक साइकिल मरम्मत की दुकान से बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडर जब्त किए हैं। सूचना मिलने के बाद लखनौर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत यह छापा मारा गया।
अधिकारियों के अनुसार, यह आरोप है कि साइकिल की दुकान का उपयोग साइकिल की बिक्री और मरम्मत के बहाने घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का भंडारण करके उनकी कालाबाजारी के लिए किया जा रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दर्जनों व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर और लगभग दो दर्जन घरेलू सिलेंडर बरामद किए।
इस मामले में पुलिस ने तामुरिया गांव के निवासी जय नारायण महतो के बेटे लक्ष्मण महतो को गिरफ्तार किया है।
झंझारपुर उपमंडल के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) सुबोध कुमार सिन्हा ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि बरामद सिलेंडर हिंदुस्तान पेट्रोलियम के हैं।
अधिकारियों को संदेह है कि अवैध गैस भंडारण में स्थानीय गैस एजेंसी संचालकों की संलिप्तता हो सकती है।
हालांकि, जांच जारी होने के कारण अभी तक किसी भी गैस एजेंसी का नाम उजागर नहीं किया गया है।
डीएसपी के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही इसमें शामिल लोगों की जानकारी सामने आएगी।
इसी बीच, मनेर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने एलपीजी की कीमत और आपूर्ति से संबंधित मुद्दों पर बिहार सरकार की आलोचना की।
रोहतास के अख्तियारपुर में शिक्षक जैनेंद्र प्रसाद सिंह की पहली पुण्यतिथि पर आयोजित एक स्मृति कार्यक्रम में बोलते हुए वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि वर्तमान एलपीजी की कमी कृत्रिम रूप से उत्पन्न की गई है।
उन्होंने इस स्थिति की तुलना 2016 के नोटबंदी अभियान से करते हुए कहा कि जहां आम लोगों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ा, वहीं कुछ व्यक्तियों ने कालाबाजारी के जरिए लाभ उठाया।
उनके अनुसार, अब भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसमें कथित तौर पर एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी की जा रही है, जबकि जनता को इनकी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
वीरेंद्र ने यह भी कहा कि एलपीजी सिलेंडरों की इतनी बड़ी कमी प्राकृतिक रूप से नहीं हो सकती, और उन्होंने संकेत दिया कि यह संकट जानबूझकर कुछ समूहों को लाभ पहुंचाने के लिए उत्पन्न किया जा रहा है।