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नमस्ते दिवस 2025: वीरेंद्र कुमार 14 जुलाई को कोलकाता में सफाई कर्मचारियों को करेंगे सम्मानित

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नमस्ते दिवस 2025: वीरेंद्र कुमार 14 जुलाई को कोलकाता में सफाई कर्मचारियों को करेंगे सम्मानित

सारांश

14 जुलाई को कोलकाता के रवींद्र सदन में तीसरे नमस्ते दिवस पर केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करेंगे। 2023-24 में शुरू हुई नमस्ते योजना का लक्ष्य सफाई कार्य में शून्य मृत्यु दर और मशीनीकरण के ज़रिए लाखों कर्मचारियों की गरिमा व सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार 14 जुलाई को कोलकाता के रवींद्र सदन में तीसरे नमस्ते दिवस की अध्यक्षता करेंगे।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के शामिल होने की संभावना है।
देशभर के शहरी स्थानीय निकायों (ULB) में समानांतर कार्यक्रम — स्वास्थ्य शिविर, सुरक्षा प्रशिक्षण और सम्मान समारोह होंगे।
नमस्ते योजना 2023-24 में शुरू हुई; लक्ष्य — सफाई कार्य में शून्य मृत्यु दर और पूर्ण मशीनीकरण।
योजना के तहत ERSU को सशक्त बनाना और स्वयं-सहायता समूहों के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देना शामिल है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार 14 जुलाई को कोलकाता के रवींद्र सदन में तीसरे नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम (नमस्ते) दिवस के मुख्य समारोह की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें देशभर के सफाई कर्मचारियों को उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम के साथ-साथ 'दिव्य कला मेला' भी आयोजित किया जाएगा और देशभर के शहरी स्थानीय निकायों (ULB) में समानांतर कार्यक्रम होंगे।

मुख्य कार्यक्रम और प्रतिभागी

बयान के अनुसार, कोलकाता के इस समारोह में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक, जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त और विकास निगम (NSKFDC) के अधिकारी भी भाग लेंगे। यह आयोजन ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहे समुदायों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

नमस्ते दिवस पर होने वाली गतिविधियाँ

देशभर के शहरी स्थानीय निकाय (ULB) इस अवसर पर सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इनमें व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जाँच शिविर, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना, मशीनीकृत सफाई उपकरणों और सुरक्षा गियर का प्रदर्शन तथा उत्कृष्ट सफाई कर्मचारियों का सम्मान शामिल है। मंत्रालय के अनुसार, यह दिन सीवर व सेप्टिक टैंक कर्मचारियों, कचरा बीनने वालों और पूर्व में हाथ से मैला ढोने वाले लोगों को समर्पित है।

नमस्ते योजना: पृष्ठभूमि और लक्ष्य

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने 2023-24 में नमस्ते योजना की शुरुआत की थी। इसका मूल उद्देश्य सफाई कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। योजना का सबसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य सफाई कार्य में शून्य मृत्यु दर हासिल करना है — एक ऐसा लक्ष्य जो भारत में सीवर सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं की पृष्ठभूमि में विशेष महत्व रखता है।

योजना के प्रमुख स्तंभ

नमस्ते योजना के अंतर्गत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट्स (ERSU) को मजबूत किया जाएगा, ताकि मशीनों से सफाई की सेवाएँ सुरक्षित रूप से दी जा सकें। साथ ही स्वयं-सहायता समूहों (SHG) के गठन और उद्यमिता को बढ़ावा देकर सफाई कर्मचारियों को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान किए जाएंगे। गौरतलब है कि यह योजना खतरनाक सफाई प्रथाओं को समाप्त करने और समूचे स्वच्छता तंत्र को मशीनीकृत करने की दिशा में एक ठोस नीतिगत कदम है।

आगे की राह

यह तीसरा नमस्ते दिवस ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब सरकार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहरी स्वच्छता को नई प्राथमिकता दे रही है। 14 जुलाई के इस राष्ट्रव्यापी आयोजन से यह संदेश जाएगा कि सफाई कर्मचारी केवल सेवा-प्रदाता नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के अग्रिम योद्धा हैं — और उनकी गरिमा व सुरक्षा सुनिश्चित करना राष्ट्रीय दायित्व है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि योजना के 'शून्य मृत्यु दर' के लक्ष्य के सापेक्ष ज़मीनी नतीजे क्या हैं — क्योंकि भारत में सीवर सफाई के दौरान मौतें अभी भी रिपोर्ट होती रहती हैं। मशीनीकरण की घोषणाएँ नई नहीं हैं; ERSU की वास्तविक तैनाती और ULB स्तर पर उपकरणों की उपलब्धता ही इस योजना को पिछले प्रयासों से अलग करेगी। कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री की संभावित उपस्थिति राजनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है, क्योंकि यह केंद्र-राज्य सहयोग का संकेत देती है — हालाँकि इसे आधिकारिक रूप से अभी तक पुष्ट नहीं किया गया है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नमस्ते दिवस क्या है और यह क्यों मनाया जाता है?
नमस्ते दिवस 'नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम' योजना के तहत सफाई कर्मचारियों को सम्मानित करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। इसमें सीवर कर्मचारी, कचरा बीनने वाले और पूर्व में हाथ से मैला ढोने वाले लोग शामिल हैं।
14 जुलाई को कोलकाता में नमस्ते दिवस कार्यक्रम में कौन भाग लेगा?
केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार मुख्य समारोह की अध्यक्षता करेंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के भी शामिल होने की संभावना है, साथ ही केंद्र-राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, सांसद, विधायक और NSKFDC के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
नमस्ते योजना कब शुरू हुई और इसका मुख्य लक्ष्य क्या है?
सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने नमस्ते योजना 2023-24 में शुरू की थी। इसका प्रमुख लक्ष्य सफाई कार्य में शून्य मृत्यु दर हासिल करना, मशीनीकरण को बढ़ावा देना और सफाई कर्मचारियों को सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
नमस्ते दिवस पर शहरी स्थानीय निकाय कौन-सी गतिविधियाँ आयोजित करेंगे?
देशभर के ULB इस दिन व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जाँच शिविर, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना, मशीनीकृत उपकरणों का प्रदर्शन और उत्कृष्ट सफाई कर्मचारियों का सम्मान जैसी गतिविधियाँ आयोजित करेंगे।
नमस्ते योजना के तहत ERSU और स्वयं-सहायता समूहों की क्या भूमिका है?
इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट्स (ERSU) को मशीनों से सुरक्षित सफाई सेवाएँ देने के लिए सशक्त किया जाएगा। स्वयं-सहायता समूहों के माध्यम से उद्यमिता को बढ़ावा देकर सफाई कर्मचारियों को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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