'दौड़ से ध्यान' मैराथन: कोलकाता में CM सुवेंदु अधिकारी ने दिखाई हरी झंडी, योग दिवस से पहले फिटनेस का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार, 19 जून 2026 की सुबह कोलकाता में 'दौड़ से ध्यान 2026' मैराथन को हरी झंडी दिखाई। यह दौड़ कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से राइटर्स बिल्डिंग तक आयोजित की गई और 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से ठीक पहले स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं नागरिक चेतना का संदेश देने के लिए इसे 'स्वच्छता से स्वागत कार्यक्रम' के अंतर्गत आयोजित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
मैराथन में मंत्री इंद्रनील खान, अग्निमित्रा पॉल, तापस रॉय, विधायक विजय ओझा और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भागीदारी की। मुख्यमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'सिटी ऑफ जॉय' फिटनेस और वेलनेस के लिए दौड़ रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल स्वास्थ्य, स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और समग्र कल्याण जैसे अहम मूल्यों को एक साथ लाती है।
मुख्यमंत्री की अपील
अधिकारी ने नागरिकों की भागीदारी को 'जबरदस्त ऊर्जा और उत्साहपूर्ण' बताते हुए कहा, 'आइए, हम योग को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाए रखें और एक साफ-सुथरे, हरे-भरे और फिट समाज के निर्माण में योगदान दें।' उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
विपक्ष की भागीदारी
उल्लेखनीय है कि मैराथन में भवानीपुर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद असीम बोस भी शामिल हुए। उन्होंने कहा, 'यह बहुत अच्छी बात है और हम सभी मुख्यमंत्री के निमंत्रण पर यहाँ आए हैं। चूँकि मुख्यमंत्री सभी के हैं, इसलिए हम सभी उसी के अनुसार यहाँ आए हैं।' यह टिप्पणी इस आयोजन के दलगत सीमाओं से परे जाने के संकेत के रूप में देखी जा रही है।
स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ाव
इससे दो दिन पहले, 17 जून को, मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत कोलकाता के बागबाजार स्थित गंगा घाट पर विशेष सफाई अभियान का नेतृत्व किया था। उन्होंने वहाँ पौधारोपण किया, मंदिर में पूजा-अर्चना की और हाथों में झाड़ू लेकर घाट की सफाई में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गंगा नदी और उसके घाटों को प्रदूषण-मुक्त रखने के लिए ऐसे सफाई अभियान पूरे साल जारी रहेंगे।
आगे की राह
यह आयोजन 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार का यह अभियान फिटनेस, पर्यावरण चेतना और नागरिक सहभागिता को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास है।