12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर PM मोदी बोले — 'योग आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन की प्रेरणा दे रहा है'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जून 2025 को कहा कि 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग करोड़ों लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आत्मविश्वास और सकारात्मकता से जीने की प्रेरणा दे रहा है। 21 जून को कोलकाता से राष्ट्रीय आयोजन का नेतृत्व करने के बाद मोदी ने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएँ साझा कीं।
एक्स पर PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न सिर्फ दुनियाभर में करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।' उन्होंने इसके साथ एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया — 'चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा।' इस श्लोक का अर्थ है कि चित्त को पूरी तरह शांत करने का उपाय 'योग' कहलाता है और इसे दो पद्धतियों से प्राप्त किया जा सकता है — मन को शांत करना तथा श्वास की गति को नियंत्रित करना।
कोलकाता में राष्ट्रीय आयोजन
रविवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने हज़ारों योगाभ्यासियों के साथ 'साझा योग नियम' सत्र में भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर दुनियाभर के लोगों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और यह योग के माध्यम से मानवता के सबसे बड़े सामूहिक उत्सवों में से एक के रूप में उभरा है।
देश-दुनिया में योग की ऊर्जा
मोदी ने कहा, 'हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक और बंगाल व पूर्वोत्तर से लेकर सौराष्ट्र के पश्चिमी क्षेत्र तक पूरा देश योग की भावना से ऊर्जावान लग रहा है। देश और दुनिया स्वास्थ्य और सामंजस्य के साझा संकल्प के माध्यम से जुड़ी हुई लगती हैं, जो योग की एकता की शक्ति को प्रतिबिंबित करती है।' उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से योग की प्रेरणादायक तस्वीरें देखने को मिल रही हैं।
'स्वच्छता से स्वागत' पहल की सराहना
प्रधानमंत्री ने 'स्वच्छता से स्वागत' पहल के अंतर्गत कोलकाता के नागरिकों के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई बनाए रखने में नागरिकों ने जो लगन, कड़ी मेहनत और नागरिक जिम्मेदारी दिखाई है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
आगे की दिशा
गौरतलब है कि भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था और तब से यह वैश्विक स्तर पर निरंतर विस्तार पाता जा रहा है। इस वर्ष के आयोजन की सफलता से यह स्पष्ट है कि योग एक सांस्कृतिक राजनय के रूप में भी भारत की वैश्विक उपस्थिति को सुदृढ़ कर रहा है।