10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर PM मोदी बोले — 'योग आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन की प्रेरणा दे रहा है'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर PM मोदी बोले — 'योग आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन की प्रेरणा दे रहा है'

सारांश

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता में हज़ारों लोगों के साथ योगाभ्यास करने के बाद PM मोदी ने एक्स पर संस्कृत सुभाषितम् साझा किया और कहा कि योग की वैश्विक सफलता मानवता को स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सामंजस्य से जोड़ने की उसकी शक्ति का प्रमाण है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 22 जून 2025 को एक्स पर 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक सफलता पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
मोदी ने कहा कि योग करोड़ों लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आत्मविश्वास और सकारात्मक जीवन की प्रेरणा दे रहा है।
उन्होंने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया जिसमें योग की दो पद्धतियों — मन की शांति और श्वास नियंत्रण — का उल्लेख है।
राष्ट्रीय आयोजन कोलकाता में हुआ, जहाँ PM मोदी ने हज़ारों योगाभ्यासियों के साथ 'साझा योग नियम' सत्र में भाग लिया।
'स्वच्छता से स्वागत' पहल के तहत कोलकाता के नागरिकों के प्रयासों की प्रधानमंत्री ने विशेष सराहना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जून 2025 को कहा कि 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग करोड़ों लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आत्मविश्वास और सकारात्मकता से जीने की प्रेरणा दे रहा है। 21 जून को कोलकाता से राष्ट्रीय आयोजन का नेतृत्व करने के बाद मोदी ने सोमवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भावनाएँ साझा कीं।

एक्स पर PM मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग न सिर्फ दुनियाभर में करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बना रहा है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।' उन्होंने इसके साथ एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया — 'चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते। प्राणस्पन्दनिरोधो वा द्वेधा योगस्य धारणा।' इस श्लोक का अर्थ है कि चित्त को पूरी तरह शांत करने का उपाय 'योग' कहलाता है और इसे दो पद्धतियों से प्राप्त किया जा सकता है — मन को शांत करना तथा श्वास की गति को नियंत्रित करना।

कोलकाता में राष्ट्रीय आयोजन

रविवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने हज़ारों योगाभ्यासियों के साथ 'साझा योग नियम' सत्र में भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर दुनियाभर के लोगों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और यह योग के माध्यम से मानवता के सबसे बड़े सामूहिक उत्सवों में से एक के रूप में उभरा है।

देश-दुनिया में योग की ऊर्जा

मोदी ने कहा, 'हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक और बंगाल व पूर्वोत्तर से लेकर सौराष्ट्र के पश्चिमी क्षेत्र तक पूरा देश योग की भावना से ऊर्जावान लग रहा है। देश और दुनिया स्वास्थ्य और सामंजस्य के साझा संकल्प के माध्यम से जुड़ी हुई लगती हैं, जो योग की एकता की शक्ति को प्रतिबिंबित करती है।' उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से योग की प्रेरणादायक तस्वीरें देखने को मिल रही हैं।

'स्वच्छता से स्वागत' पहल की सराहना

प्रधानमंत्री ने 'स्वच्छता से स्वागत' पहल के अंतर्गत कोलकाता के नागरिकों के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई बनाए रखने में नागरिकों ने जो लगन, कड़ी मेहनत और नागरिक जिम्मेदारी दिखाई है, वह पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

आगे की दिशा

गौरतलब है कि भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था और तब से यह वैश्विक स्तर पर निरंतर विस्तार पाता जा रहा है। इस वर्ष के आयोजन की सफलता से यह स्पष्ट है कि योग एक सांस्कृतिक राजनय के रूप में भी भारत की वैश्विक उपस्थिति को सुदृढ़ कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों मिलकर एक सुनियोजित संदेश देते हैं — कि योग भारत की पहचान और वैश्विक नेतृत्व का प्रतीक है। हालाँकि, आलोचक यह भी पूछते हैं कि क्या इस वैश्विक उत्सव के समानांतर देश में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य ढाँचे में उतनी ही ऊर्जा लगाई जा रही है। योग दिवस की सफलता प्रेरणादायक है, लेकिन इसे नीतिगत प्राथमिकता का विकल्प नहीं माना जा सकता।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब और कहाँ मनाया गया?
12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2025 को पूरे विश्व में मनाया गया। भारत में राष्ट्रीय आयोजन पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हुआ, जहाँ PM मोदी ने हज़ारों योगाभ्यासियों के साथ 'साझा योग नियम' सत्र में भाग लिया।
PM मोदी ने योग दिवस पर एक्स पर क्या लिखा?
PM मोदी ने एक्स पर लिखा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बड़ी सफलता इस बात का प्रमाण है कि योग करोड़ों लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास के साथ सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया जिसमें योग की दो पद्धतियों का वर्णन है।
PM मोदी ने जो संस्कृत सुभाषितम् साझा किया, उसका क्या अर्थ है?
मोदी द्वारा साझा सुभाषितम् — 'चित्तप्रशमनोपायो योग इत्यभिधीयते' — का अर्थ है कि चित्त को पूरी तरह शांत करने का उपाय 'योग' कहलाता है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योग की दो पद्धतियाँ बताई गई हैं — मन को शांत करना और श्वास की गति को नियंत्रित करना।
'स्वच्छता से स्वागत' पहल क्या है और PM मोदी ने इसकी सराहना क्यों की?
'स्वच्छता से स्वागत' एक नागरिक स्वच्छता पहल है जिसके तहत कोलकाता के नागरिकों ने योग दिवस आयोजन से पहले शहर की साफ-सफाई में उल्लेखनीय योगदान दिया। PM मोदी ने इसे पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत कब और कैसे हुई?
भारत की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से यह दिन वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है और इस वर्ष इसका 12वाँ संस्करण था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 साल पहले