अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026: रूस से स्पेन तक जश्न, PM मोदी ने एक्स पर जताया वैश्विक आभार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जून 2026 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुनियाभर में योग उत्सव में शामिल हुए लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योग आज स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की साझा भावना के साथ अलग-अलग देशों और हर वर्ग के लोगों को एक सूत्र में पिरो रहा है। इस वर्ष की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' रखी गई, जिसका उद्देश्य हर उम्र में योग की उपयोगिता को रेखांकित करना है।
PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 को एक सच्चे वैश्विक उत्सव का रूप देने के लिए दुनियाभर के लोगों का हार्दिक आभार। यह देखकर खुशी होती है कि योग अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की साझा भावना के साथ अलग-अलग देशों और हर वर्ग के लोगों को एक साथ जोड़ रहा है।' उन्होंने यह भी कामना की कि यह दिन और अधिक लोगों को अपने दैनिक जीवन में योग अपनाने के लिए प्रेरित करे।
वैश्विक आयोजन: रूस से स्पेन तक
रूस में, मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के जवाहरलाल नेहरू सांस्कृतिक केंद्र ने मॉस्को सिटी सरकार के सहयोग से प्रतिष्ठित लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटेत्स्काया स्क्वायर में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया।
जर्मनी में, ऐतिहासिक ब्रांडेनबर्ग गेट के सामने भारतीय दूतावास, बर्लिन और टैगोर सांस्कृतिक केंद्र ने आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से यह दिवस मनाया। इस कार्यक्रम में 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
स्पेन की राजधानी मैड्रिड में रॉयल पैलेस और प्लाजा डी ओरिएंते की भव्य पृष्ठभूमि में 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। मैड्रिड स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि राजदूत ने सैकड़ों प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल से शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है।
हंगरी में बुडापेस्ट के स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्टेडियम में भी इस अवसर पर विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया।
इस वर्ष की थीम: 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग'
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, बढ़ती उम्र में योग एक अत्यंत उपयोगी अभ्यास हो सकता है क्योंकि यह लोगों को सक्रिय, आत्मनिर्भर और बेहतर जीवन जीने में सहायता करता है। योग में हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग, श्वास तकनीक और ध्यान शामिल होते हैं, जो शरीर का संतुलन, लचीलापन, ताकत और गतिशीलता बेहतर करने के साथ-साथ तनाव कम करने और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में भी सहायक हैं।
आगे की राह
गौरतलब है कि 2015 में पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से शुरू हुई यह यात्रा अब 12 वर्षों में एक वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन का रूप ले चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' की थीम वैश्विक स्तर पर बुजुर्ग आबादी की बढ़ती चुनौतियों के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक है और आने वाले वर्षों में इस दिशा में और अधिक शोध एवं जन-जागरूकता की अपेक्षा की जाती है।