8 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: लेह में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन बोले — योग मानवता को भारत का प्राचीन उपहार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: लेह में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन बोले — योग मानवता को भारत का प्राचीन उपहार

सारांश

लेह की ऊँचाइयों पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर वह बात कही जो भारत की सॉफ्ट पावर का सार है — योग सिर्फ व्यायाम नहीं, मानवता को भारत का प्राचीन उपहार है। 2050 तक एक-पाँचवीं आबादी के बुजुर्ग होने के संदर्भ में 'स्वस्थ आयु के लिए योग' की थीम और भी प्रासंगिक हो जाती है।

मुख्य बातें

राधाकृष्णन ने 21 जून 2026 को लेह, लद्दाख में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लिया।
उन्होंने योग को मानवता के लिए भारत का प्राचीन उपहार बताया — शरीर, मन और आत्मा को एक साथ पोषित करने वाली प्रणाली।
2014 में PM मोदी के आह्वान पर 175 से अधिक देशों के समर्थन से संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था।
इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' ; 'इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023' के अनुसार 2050 तक भारत की लगभग एक-पाँचवीं आबादी बुजुर्ग होगी।
उपराष्ट्रपति ने महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर (MIMC) , लेह का भी दौरा किया और संस्थान के सामाजिक योगदान की सराहना की।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 21 जून 2026 को लेह, लद्दाख में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लिया और नागरिकों से योग को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानवता के लिए भारत की ओर से एक प्राचीन उपहार है जो शरीर, मन और आत्मा तीनों को एक साथ पोषित करता है।

योग की वैश्विक यात्रा और भारत की भूमिका

उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के ऋषियों ने वर्षों के ध्यान, तपस्या और आध्यात्मिक साधना के माध्यम से एक ऐसी जीवन-प्रणाली विकसित की, जो आज पूरी दुनिया में अपनाई जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को इस वैश्विक पहचान का श्रेय देते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है।' उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में मोदी के आह्वान पर 175 से अधिक सदस्य देशों के समर्थन से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया था।

इस वर्ष की थीम: 'स्वस्थ आयु के लिए योग'

राधाकृष्णन ने इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' का उल्लेख करते हुए कहा कि बढ़ती जीवन प्रत्याशा और स्वास्थ्य सेवाओं में प्रगति के साथ समाज की जिम्मेदारियाँ भी बढ़ी हैं। 'इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023' का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 2050 तक भारत की लगभग एक-पाँचवीं आबादी बुजुर्ग होगी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि 'जीवन में जुड़े वर्षों का अर्थ वर्षों में जीवन का जुड़ना भी हो' — और इस लक्ष्य के लिए योग एक सशक्त माध्यम है।

लद्दाख की विशेषता और योग का संदेश

उपराष्ट्रपति ने कहा कि अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में जीवन के लिए सहनशक्ति, अनुशासन और अनुकूलन क्षमता अनिवार्य है — और योग इन्हीं गुणों को विकसित करने का साधन है। उन्होंने लद्दाख के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ के निवासी लंबे समय से लचीलेपन, सादगी और प्रकृति के साथ सामंजस्य का जीवंत उदाहरण रहे हैं — जो योग के मूल दर्शन से गहराई से जुड़े मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि योग का निरंतर अभ्यास इन लोगों की ऊर्जा व जीवन शक्ति को बनाए रखने में और उन्हें अपनी पूर्ण मानवीय क्षमता तक पहुँचाने में सहायक होगा।

महाबोधि ध्यान केंद्र का दौरा

समारोह से पूर्व उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने लेह स्थित महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर (MIMC) का दौरा किया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, समाज कल्याण, पर्यावरण संरक्षण तथा लद्दाख में योग व ध्यान को बढ़ावा देने में संस्थान के उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। गौरतलब है कि यह केंद्र दशकों से लद्दाख में आध्यात्मिक और सामाजिक सेवा का केंद्र रहा है।

आगे की राह

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अब विश्व के 190 से अधिक देशों में मनाया जाता है और भारत इसे वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में प्रस्तुत करता है। राधाकृष्णन के लेह दौरे ने इस संदेश को रेखांकित किया कि योग की प्रासंगिकता सीमाओं और ऊँचाइयों से परे है — और भारत इस विरासत का संरक्षक एवं प्रसारक दोनों है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली चुनौती यह है कि 2050 तक बुजुर्ग होती आबादी के लिए योग को एक जन-स्वास्थ्य नीति में कैसे बदला जाए — महज एक दिवस-उत्सव तक सीमित न रखा जाए। 'इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023' का हवाला देना सही दिशा है, पर बिना ठोस बजट आवंटन और ग्रामीण स्तर तक योग प्रशिक्षकों की तैनाती के, यह संदेश नीति से अधिक भाषण बना रहेगा।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के लेह समारोह में क्या हुआ?
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 21 जून 2026 को लेह में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लिया और नागरिकों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने योग को मानवता के लिए भारत का प्राचीन उपहार बताया।
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कैसे घोषित हुआ?
2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 175 से अधिक सदस्य देशों के समर्थन से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। तब से यह दिवस विश्वभर में मनाया जाता है।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम क्या थी?
इस वर्ष की थीम 'स्वस्थ आयु के लिए योग' रखी गई थी। उपराष्ट्रपति ने 'इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023' का हवाला देते हुए बताया कि 2050 तक भारत की लगभग एक-पाँचवीं आबादी बुजुर्ग होगी, इसलिए यह थीम विशेष रूप से प्रासंगिक है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने लद्दाख के लोगों के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोग लंबे समय से लचीलेपन, सादगी और प्रकृति के साथ सामंजस्य का उदाहरण रहे हैं, जो योग के मूल दर्शन से गहराई से जुड़े मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि योग का निरंतर अभ्यास यहाँ के लोगों की ऊर्जा और जीवन शक्ति को और बढ़ाएगा।
महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर (MIMC) क्या है और उपराष्ट्रपति ने वहाँ क्यों गए?
MIMC लेह स्थित एक प्रमुख ध्यान एवं सामाजिक सेवा संस्थान है जो शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और योग-ध्यान के प्रसार में कार्यरत है। उपराष्ट्रपति ने योग दिवस समारोह से पूर्व इस केंद्र का दौरा किया और लद्दाख में इसके योगदान की सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले