अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पवन कल्याण बोले — 'योग ने दी स्पष्टता और परिपक्वता', PM मोदी को दिया श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण ने 21 जून 2025 को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कहा कि योग भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत का अभिन्न अंग है और यह दुनिया को भारत का सबसे अनमोल उपहार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी के दूरदर्शी प्रयासों के कारण ही 21 जून को विश्वभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता मिली।
एक्स पर साझा किए विचार
पवन कल्याण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, "योग भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत का एक अहम हिस्सा है और यह भारत की ओर से दुनिया को दिया गया एक अनमोल उपहार है। यह शारीरिक सेहत, मानसिक स्पष्टता, आंतरिक संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देता है। उम्मीद है कि हर कोई योग को जीवन जीने के तरीके के तौर पर अपनाएगा और इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएगा।"
व्यक्तिगत अनुभव: योग से मिली दिशा
उपमुख्यमंत्री ने अपने निजी जीवन में योग की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा, "कम उम्र में ही योग के साथ अपना सफर शुरू किया था। जब मेरे मन में कई सवाल थे, तब योग ने मुझे न सिर्फ उनके जवाब दिए, बल्कि गहरी स्पष्टता और आंतरिक परिपक्वता भी दी, जिसने मेरी यात्रा को एक नई दिशा दी।" उन्होंने बताया कि क्रिया योग, अष्टांग योग और आर्ट ऑफ लिविंग की सुदर्शन क्रिया जैसी पद्धतियाँ आज भी उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा हैं।
PM मोदी के प्रति आभार
पवन कल्याण ने अपनी पोस्ट में लिखा, "अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। उन्होंने योग को वैश्विक पहचान दिलाने और 21 जून को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने की पहल का नेतृत्व करने के लिए दूरदर्शी प्रयास किए।" गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में भारत के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था।
विशाखापत्तनम में राज्य स्तरीय आयोजन
इसी अवसर पर आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वी. अनिता ने विशाखापत्तनम में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लिया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन राज्य सरकार की योग को जन-जन तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
योग दिवस का वैश्विक महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर के 190 से अधिक देशों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। भारत में इस दिन को सार्वजनिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और सांस्कृतिक गौरव के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। आने वाले समय में आंध्र प्रदेश सरकार योग को स्कूली पाठ्यक्रम और सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जोड़ने की दिशा में प्रयास जारी रख सकती है।