योग को मिली वैश्विक पहचान: हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने PM मोदी के नेतृत्व को दिया श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण ने 16 जून 2025 को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान और मान्यता मिली है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को भारत के लिए गर्व का अवसर बताते हुए कहा कि आज योग केवल भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया इसे अपना चुकी है।
योग: भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
कल्याण ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे विश्व को भारत की ओर से दिया गया एक अनमोल उपहार है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की प्राचीन संस्कृति को जो नई पहचान मिली है, उसमें योग एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में उभरा है। उन्होंने यह भी बताया कि योग को गाँव-गाँव तक पहुँचाने के लिए जो प्रयास किए गए, उनके सकारात्मक परिणाम अब दिखाई देने लगे हैं।
तनाव प्रबंधन में योग की भूमिका
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ने आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के दौर में हर जिम्मेदार व्यक्ति काम के दबाव और विभिन्न प्रकार के तनावों से जूझ रहा है। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में योग एक प्रभावी समाधान है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति व्यस्त दिनचर्या के बीच केवल पाँच मिनट का छोटा विराम लेकर योग या ध्यान करता है, तो वह नई ऊर्जा और ताज़गी के साथ अपने काम पर लौट सकता है। उन्होंने योग को प्रत्येक व्यक्ति की दैनिक दिनचर्या और जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
मंत्री राणा का दृष्टिकोण: आत्मा से परमात्मा तक
हरियाणा सरकार के मंत्री श्याम सिंह राणा ने योग को शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा को अनुशासित करने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह मानव जीवन के समस्त पहलुओं को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करता है। राणा के अनुसार, जब व्यक्ति अपने भीतर से जुड़ता है, तो वह ईश्वर से भी जुड़ जाता है और वहीं से वास्तविक आनंद की प्राप्ति होती है।
ऋषि-मुनियों की देन, विश्व के कल्याण के लिए
मंत्री राणा ने योग को ऋषि-मुनियों द्वारा मानवता को दी गई अमूल्य देन बताया। उन्होंने कहा कि एक छोटी सी खुशी की किरण भी लाखों दुखों और कठिनाइयों को दूर करने में सक्षम है। उनके अनुसार, योग केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि समूचे विश्व के कल्याण के लिए लाभकारी है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक हो जाता है जब वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।