पश्चिम बंगाल में उद्योग-रोजगार को बढ़ावा: निर्मला सीतारमण ने सीएम से की अहम बैठक, आयुष्मान भारत से भी जुड़ा राज्य
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 9 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक कर राज्य में औद्योगिक विकास, उद्यमिता विस्तार और रोजगार सृजन को गति देने पर विस्तृत चर्चा की। केंद्र सरकार ने इस दिशा में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में राउंडटेबल बैठकें आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, प्रमुख उद्योग संगठन और एमएसएमई एसोसिएशन भाग लेंगे।
राउंडटेबल बैठकों का उद्देश्य
मंत्रालय के बयान के अनुसार, इन राउंडटेबल बैठकों का मुख्य लक्ष्य पश्चिम बंगाल में ऋण (क्रेडिट) की उपलब्धता को व्यापक बनाना है। छोटे उद्यमियों और एमएसएमई इकाइयों को औपचारिक वित्तीय तंत्र से जोड़ना इस पहल की प्राथमिकता बताई गई है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में औद्योगिक निवेश और रोजगार के आँकड़े राष्ट्रीय औसत से पीछे रहे हैं।
केंद्रीय योजनाओं का 'सैचुरेशन ड्राइव'
बैठक में तय हुआ कि प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और पीएम स्वनिधि जैसी प्रमुख केंद्रीय योजनाओं के तहत हर पात्र लाभार्थी तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए एक नया 'सैचुरेशन ड्राइव' चलाया जाएगा। गौरतलब है कि इन योजनाओं का लाभ राज्य के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अभी भी अपेक्षित स्तर पर नहीं पहुँचा है।
ग्रामीण बैंकिंग और बुनियादी ढाँचे पर जोर
वित्त मंत्री सीतारमण ने स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल ग्रामीण बैंक के प्रदर्शन की विशेष समीक्षा की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूती मिले और औपचारिक ऋण की पहुँच बढ़े। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि पश्चिम बंगाल से जुड़े बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने वाले सभी प्रस्तावों को विशेष सहायता योजना के तहत प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि इस योजना के सुधार-आधारित घटक के तहत चिन्हित सुधारों को तत्काल लागू किया जाए।
आयुष्मान भारत से जुड़ा पश्चिम बंगाल
इस बैठक के समानांतर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना से औपचारिक रूप से जोड़ दिया गया है। राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के बीच इस आशय का एक समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किया गया है। यह कदम उल्लेखनीय है क्योंकि पश्चिम बंगाल उन गिने-चुने राज्यों में था जो अब तक इस केंद्रीय स्वास्थ्य योजना से बाहर था।
आगे की राह
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि पश्चिम बंगाल के विकास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप आगे बढ़ाया जाए। राज्य में क्रेडिट उपलब्धता और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श के बाद अब नजरें राउंडटेबल बैठकों की तारीखों और उनके ठोस परिणामों पर टिकी हैं।