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उमर अब्दुल्ला पर BJP का पलटवार: सुधांशु त्रिवेदी बोले — सबूत दें या माफी माँगें

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उमर अब्दुल्ला पर BJP का पलटवार: सुधांशु त्रिवेदी बोले — सबूत दें या माफी माँगें

सारांश

BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने उमर अब्दुल्ला के दलबदल आरोपों को अक्षमता छिपाने की कोशिश बताया और सबूत या माफी की माँग की। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने दावा किया था कि NC विधायकों को ₹20-30 करोड़ और राज्य के दर्जे का लालच दिया जा रहा है।

मुख्य बातें

BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 11 जुलाई को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के आरोपों को 'बेबुनियाद' और 'निंदनीय' बताया।
त्रिवेदी की माँग — अब्दुल्ला या तो दलबदल के दावों के सबूत पेश करें या माफी माँगें ।
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने आरोप लगाया था कि जम्मू के एक NC विधायक को ₹20-30 करोड़ , मंत्री पद और राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया।
BJP ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें कुशासन से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि वह अपने विधायकों की सुरक्षा के लिए आंतरिक कदम उठाएगी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 11 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) पर तीखा हमला बोला। त्रिवेदी ने अब्दुल्ला के उस बयान को 'गैरज़िम्मेदाराना और निंदनीय' करार दिया, जिसमें मुख्यमंत्री ने BJP पर अपने विधायकों को तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया था।

BJP का पलटवार: क्या कहा त्रिवेदी ने

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, 'बिना कोई सबूत पेश किए उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाने की कोशिश की है कि BJP विधायकों को उनकी पार्टी से अलग करने की कोशिश कर रही है।' उन्होंने इन आरोपों को 'प्रशासनिक अक्षमता, अयोग्यता और कुशासन जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास' बताया।

त्रिवेदी ने माँग की कि मुख्यमंत्री या तो अपने दावों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करें, या फिर सार्वजनिक रूप से माफी माँगें। उन्होंने कहा, 'संवैधानिक पद पर बैठकर आप अपने कर्तव्य का निर्वहन करिए और जनता की सेवा करिए, बजाय इसके कि अपनी अक्षमता पर पर्दा डालने के लिए इस प्रकार के आरोप लगाएं।'

उमर अब्दुल्ला के मूल आरोप

इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को दावा किया था कि उनकी सरकार को अस्थिर करने के उद्देश्य से जम्मू से पार्टी के एक विधायक को ₹20-30 करोड़, मंत्री पद और राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया। अब्दुल्ला ने कहा था, 'जब पैसों और मंत्री पदों की पेशकश नाकाम रही, तो अब हमारे विधायकों को लुभाने के लिए बंद दरवाजों के पीछे से कोशिशें की जा रही हैं।'

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि BJP परोक्ष रूप से जम्मू-कश्मीर की राजनीति में प्रवेश न कर सके। गौरतलब है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव में सरकार बनाई थी।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने की माँग एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है। आलोचकों का कहना है कि दलबदल के आरोप और पलटवार दोनों पक्षों की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं। BJP ने जहाँ इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है, वहीं NC का कहना है कि उसके पास पर्याप्त आंतरिक जानकारी है।

आगे क्या

फिलहाल BJP ने किसी औपचारिक जाँच की माँग नहीं की है, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने संकेत दिया है कि वह अपने विधायकों की सुरक्षा के लिए आंतरिक कदम उठाएगी। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, दोनों दलों के बीच यह तनाव आने वाले हफ्तों में और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ अक्टूबर 2024 के बाद से NC सरकार लगातार राजनीतिक दबाव में है। दलबदल के आरोप बिना सार्वजनिक साक्ष्य के लगाए गए हैं, जो उन्हें कानूनी रूप से कमजोर बनाते हैं — लेकिन राजनीतिक रूप से प्रभावी। BJP का 'सबूत दो या माफी माँगो' वाला पलटवार भी उतना ही गणनात्मक है: यह NC को रक्षात्मक स्थिति में रखता है। असली सवाल यह है कि क्या जम्मू-कश्मीर में शासन की बहस इस राजनीतिक शोर में दब जाएगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुधांशु त्रिवेदी ने उमर अब्दुल्ला पर क्या आरोप लगाए?
BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि उमर अब्दुल्ला ने बिना सबूत के BJP पर विधायक तोड़ने का आरोप लगाया है, जो प्रशासनिक अक्षमता और कुशासन से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने माँग की कि मुख्यमंत्री या तो सबूत पेश करें या माफी माँगें।
उमर अब्दुल्ला ने दलबदल के बारे में क्या दावा किया?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि जम्मू से नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक विधायक को ₹20-30 करोड़, मंत्री पद और राज्य के दर्जे का वादा करके पाला बदलवाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यह उनकी सरकार को अस्थिर करने का प्रयास है।
BJP ने उमर अब्दुल्ला के आरोपों को क्यों खारिज किया?
BJP का कहना है कि ये आरोप निराधार हैं और जम्मू-कश्मीर में NC सरकार की विफलताओं — जैसे प्रशासनिक अक्षमता और कुशासन — से जनता का ध्यान हटाने के लिए लगाए गए हैं। पार्टी ने किसी भी दलबदल की कोशिश से साफ इनकार किया है।
इस विवाद का जम्मू-कश्मीर की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार यह तनाव आने वाले हफ्तों में और गहरा हो सकता है। NC सरकार की स्थिरता और राज्य के दर्जे की माँग इस विवाद की पृष्ठभूमि में प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने विधायकों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने संकेत दिया है कि वह अपने विधायकों की सुरक्षा के लिए आंतरिक उपाय करेगी। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने कहा कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि BJP परोक्ष रूप से जम्मू-कश्मीर की राजनीति में प्रवेश न कर सके।
राष्ट्र प्रेस
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