30 जून 2026
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एनसी विधायक जावेद चौधरी का आरोप: डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने उमर अब्दुल्ला का भरोसा तोड़ा, नौशेरा में मोड़ा राजौरी का बजट

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एनसी विधायक जावेद चौधरी का आरोप: डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने उमर अब्दुल्ला का भरोसा तोड़ा, नौशेरा में मोड़ा राजौरी का बजट

सारांश

एनसी विधायक जावेद इकबाल चौधरी ने डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी पर राजौरी जिले का करोड़ों का विकास बजट नौशेरा में मोड़ने और सीएम उमर अब्दुल्ला की नसीहत को दरकिनार करने का आरोप लगाया है — एनसी के भीतर यह कलह सरकार की एकजुटता पर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

एनसी विधायक जावेद इकबाल चौधरी ने 30 जून को डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी पर सीएम उमर अब्दुल्ला का भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया।
3 जून को दाचीगाम बैठक में सीएम ने सुरिंदर चौधरी को फंड गड़बड़ियाँ सुधारने का निर्देश दिया था, जिसे कथित तौर पर नजरअंदाज किया गया।
एसएएससीआई योजना के तहत राजौरी जिले के ₹33.71 करोड़ में से ₹21.47 करोड़ अकेले नौशेरा में खर्च करने का आरोप।
यूटी कैपेक्स बजट में ₹200 करोड़ के कार्यों में से ₹137 करोड़ के पुल केवल नौशेरा में स्वीकृत, अन्य क्षेत्रों में शून्य।
विधायक का आरोप — डिप्टी सीएम असहमत विधायकों को पार्टी से निष्कासन की धमकी दे रहे हैं।
डिप्टी सीएम या एनसी नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के विधायक जावेद इकबाल चौधरी ने मंगलवार, 30 जून को उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए — उन पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का भरोसा तोड़ने, पार्टी विरोधियों से गठजोड़ करने और राजौरी जिले के विकास बजट को अपने निर्वाचन क्षेत्र नौशेरा की ओर मोड़ने का आरोप है। बुढाल विधानसभा क्षेत्र से विधायक जावेद चौधरी ने ये आरोप श्रीनगर में सार्वजनिक रूप से लगाए।

दाचीगाम बैठक और निर्देशों की अनदेखी

जावेद चौधरी के अनुसार, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 3 जून को दाचीगाम में आयोजित पार्टी बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को फंड आवंटन में हुई गड़बड़ियों और अन्य मामलों को सुधारने का स्पष्ट निर्देश दिया था। विधायक का आरोप है कि उपमुख्यमंत्री ने गलतियाँ सुधारने के बजाय पार्टी के विरोधियों से हाथ मिला लिया और उनके खिलाफ आवाज उठाने वाले विधायकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, उसी 3 जून की बैठक में घाटी के एक अन्य एनसी विधायक ने भी मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उपमुख्यमंत्री के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। सूत्रों का कहना है कि उस विधायक ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री उनके रिश्तेदार एक सरकारी अधिकारी को प्रताड़ित करने की कोशिश कर रहे हैं।

बजट आवंटन में पक्षपात के आरोप

जावेद चौधरी ने विस्तृत आँकड़ों के साथ आरोप लगाया कि वर्ष 2025-26 में एसएएससीआई योजना के तहत राजौरी जिले में कुल ₹33.71 करोड़ खर्च हुए, जिनमें से ₹21.47 करोड़ अकेले नौशेरा विधानसभा क्षेत्र में लगाए गए। इसके अलावा, राजौरी जिले के लिए स्वीकृत ₹9.22 करोड़ भी उपमुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र की ओर स्थानांतरित कर दिए गए।

नॉन-फंक्शनल बिल्डिंग्स योजना के तहत 2025-26 में खर्च किए गए ₹1.28 करोड़ में से ₹1.03 करोड़ केवल उपमुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में व्यय किए गए, यह भी विधायक के आरोपों में शामिल है।

सबसे बड़ा आरोप यूटी कैपेक्स बजट से जुड़ा है — जावेद चौधरी का दावा है कि 2025-26 के कैपेक्स बजट में ₹200 करोड़ के विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई, जिनमें से ₹137 करोड़ की लागत वाले पुल केवल नौशेरा क्षेत्र में स्वीकृत हुए, जबकि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में एक भी पुल को हरी झंडी नहीं मिली।

तानाशाही रवैये और निष्कासन की धमकी का आरोप

विधायक जावेद चौधरी ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री का रवैया तानाशाहीपूर्ण है और उन्होंने न केवल मुख्यमंत्री, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी तोड़ा है। उनका दावा है कि उपमुख्यमंत्री उन विधायकों को पार्टी से निष्कासित करने की धमकी दे रहे हैं जो उनके विरुद्ध आवाज उठाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब एनसी सरकार जम्मू-कश्मीर में अपनी साख मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

आगे की स्थिति

अभी तक उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी या एनसी नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के बाद बनी एनसी सरकार को अपने आंतरिक समन्वय को लेकर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इन आरोपों की जाँच और नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह केवल पक्षपात नहीं, बल्कि सुशासन की विफलता है। सीएम उमर अब्दुल्ला के लिए असली चुनौती यह है कि वे अपने ही डिप्टी के खिलाफ उठी आवाज को कैसे संभालते हैं — चुप्पी को कमजोरी माना जाएगा, और कार्रवाई गठबंधन की नाजुक रेखाओं को हिला सकती है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसी विधायक जावेद चौधरी ने डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी पर क्या आरोप लगाए हैं?
बुढाल विधायक जावेद इकबाल चौधरी ने आरोप लगाया है कि डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने सीएम उमर अब्दुल्ला का भरोसा तोड़ा, पार्टी विरोधियों से गठजोड़ किया और राजौरी जिले का करोड़ों रुपये का विकास बजट अपने निर्वाचन क्षेत्र नौशेरा की ओर मोड़ दिया। उन्होंने यह भी कहा कि डिप्टी सीएम असहमत विधायकों को निष्कासन की धमकी दे रहे हैं।
दाचीगाम बैठक में क्या हुआ था?
3 जून को दाचीगाम में हुई एनसी बैठक में सीएम उमर अब्दुल्ला ने डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी को फंड आवंटन की गड़बड़ियाँ सुधारने का निर्देश दिया था। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उसी बैठक में एक अन्य एनसी विधायक ने भी सीएम की मौजूदगी में डिप्टी सीएम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
राजौरी बजट में पक्षपात के क्या आँकड़े सामने आए हैं?
विधायक जावेद चौधरी के अनुसार, 2025-26 में एसएएससीआई योजना के ₹33.71 करोड़ में से ₹21.47 करोड़ केवल नौशेरा में खर्च हुए। यूटी कैपेक्स बजट में ₹200 करोड़ के कार्यों में से ₹137 करोड़ के पुल अकेले नौशेरा में स्वीकृत किए गए, जबकि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में एक भी पुल को मंजूरी नहीं मिली।
क्या डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने इन आरोपों का जवाब दिया है?
अभी तक डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी या एनसी नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह विवाद जम्मू-कश्मीर की एनसी सरकार के लिए क्यों अहम है?
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब एनसी सरकार विधानसभा चुनावों के बाद अपनी साख मजबूत करने की कोशिश में है। पार्टी के भीतर से उठे ये आरोप आंतरिक अनुशासन और सुशासन दोनों पर सवाल खड़े करते हैं, और सीएम उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व की परीक्षा भी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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