एनसी विधायक जावेद चौधरी का आरोप: डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी ने उमर अब्दुल्ला का भरोसा तोड़ा, नौशेरा में मोड़ा राजौरी का बजट
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के विधायक जावेद इकबाल चौधरी ने मंगलवार, 30 जून को उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए — उन पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का भरोसा तोड़ने, पार्टी विरोधियों से गठजोड़ करने और राजौरी जिले के विकास बजट को अपने निर्वाचन क्षेत्र नौशेरा की ओर मोड़ने का आरोप है। बुढाल विधानसभा क्षेत्र से विधायक जावेद चौधरी ने ये आरोप श्रीनगर में सार्वजनिक रूप से लगाए।
दाचीगाम बैठक और निर्देशों की अनदेखी
जावेद चौधरी के अनुसार, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 3 जून को दाचीगाम में आयोजित पार्टी बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी को फंड आवंटन में हुई गड़बड़ियों और अन्य मामलों को सुधारने का स्पष्ट निर्देश दिया था। विधायक का आरोप है कि उपमुख्यमंत्री ने गलतियाँ सुधारने के बजाय पार्टी के विरोधियों से हाथ मिला लिया और उनके खिलाफ आवाज उठाने वाले विधायकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, उसी 3 जून की बैठक में घाटी के एक अन्य एनसी विधायक ने भी मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उपमुख्यमंत्री के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी। सूत्रों का कहना है कि उस विधायक ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री उनके रिश्तेदार एक सरकारी अधिकारी को प्रताड़ित करने की कोशिश कर रहे हैं।
बजट आवंटन में पक्षपात के आरोप
जावेद चौधरी ने विस्तृत आँकड़ों के साथ आरोप लगाया कि वर्ष 2025-26 में एसएएससीआई योजना के तहत राजौरी जिले में कुल ₹33.71 करोड़ खर्च हुए, जिनमें से ₹21.47 करोड़ अकेले नौशेरा विधानसभा क्षेत्र में लगाए गए। इसके अलावा, राजौरी जिले के लिए स्वीकृत ₹9.22 करोड़ भी उपमुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र की ओर स्थानांतरित कर दिए गए।
नॉन-फंक्शनल बिल्डिंग्स योजना के तहत 2025-26 में खर्च किए गए ₹1.28 करोड़ में से ₹1.03 करोड़ केवल उपमुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में व्यय किए गए, यह भी विधायक के आरोपों में शामिल है।
सबसे बड़ा आरोप यूटी कैपेक्स बजट से जुड़ा है — जावेद चौधरी का दावा है कि 2025-26 के कैपेक्स बजट में ₹200 करोड़ के विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी दी गई, जिनमें से ₹137 करोड़ की लागत वाले पुल केवल नौशेरा क्षेत्र में स्वीकृत हुए, जबकि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में एक भी पुल को हरी झंडी नहीं मिली।
तानाशाही रवैये और निष्कासन की धमकी का आरोप
विधायक जावेद चौधरी ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री का रवैया तानाशाहीपूर्ण है और उन्होंने न केवल मुख्यमंत्री, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी तोड़ा है। उनका दावा है कि उपमुख्यमंत्री उन विधायकों को पार्टी से निष्कासित करने की धमकी दे रहे हैं जो उनके विरुद्ध आवाज उठाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब एनसी सरकार जम्मू-कश्मीर में अपनी साख मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
आगे की स्थिति
अभी तक उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी या एनसी नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों के बाद बनी एनसी सरकार को अपने आंतरिक समन्वय को लेकर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। इन आरोपों की जाँच और नेतृत्व की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।