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उमर अब्दुल्ला ने 3 जून की NC विधायक बैठक पर अटकलें खारिज कीं, विपक्ष पर कसा तंज

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उमर अब्दुल्ला ने 3 जून की NC विधायक बैठक पर अटकलें खारिज कीं, विपक्ष पर कसा तंज

सारांश

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर तंज कसते हुए कहा — 'जो जानते हैं वे बोलते नहीं, जो बोलते हैं वे विपक्ष में हैं।' 3 जून की NC विधायक बैठक का एजेंडा अभी गोपनीय है, लेकिन राज्य के दर्जे और केंद्र-राज्य संबंधों की पृष्ठभूमि में यह बैठक अहम मानी जा रही है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 31 मई को 3 जून की NC विधायक बैठक पर चल रही अटकलों को खारिज किया।
अब्दुल्ला ने एक्स पर पोस्ट कर विपक्ष पर निशाना साधा — 'जो जानते हैं वे बोलते नहीं।' बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया; पार्टी ने इसे आंतरिक मामला बताया।
यह बैठक राज्य का दर्जा बहाल करने और केंद्र-राज्य संबंधों पर चल रही बहस के बीच हो रही है।
विपक्षी नेताओं और विश्लेषकों ने बैठक के एजेंडे की अलग-अलग व्याख्याएँ पेश की थीं, जिन्हें अब्दुल्ला ने निराधार बताया।

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार, 31 मई को 3 जून को बुलाई गई नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) विधायकों की बैठक को लेकर फैल रही अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए विपक्षी नेताओं और राजनीतिक टिप्पणीकारों पर तीखा निशाना साधा।

मुख्यमंत्री का बयान

अब्दुल्ला ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'मुझे यह देखकर अच्छा लग रहा है कि मेरे विधायकों के साथ बुलाई गई बैठक के बारे में सबसे कम जानने वाले लोग ही सबसे ज्यादा बोल रहे हैं। एक बात याद रखें — जो जानते हैं वे बोलते नहीं हैं और जो बोलते हैं वे विपक्ष में बैठते हैं।' उनका यह बयान बैठक के एजेंडे को लेकर जारी राजनीतिक चर्चाओं के बीच आया है।

बैठक की पृष्ठभूमि

नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायकों की इस बैठक ने जम्मू और कश्मीर के राजनीतिक हलकों में खासी हलचल मचाई है। यह ऐसे समय में आई है जब राज्य में राज्य का दर्जा बहाल करने, शासन-व्यवस्था और निर्वाचित सरकार तथा केंद्र के बीच संबंधों पर बहस तेज है। गौरतलब है कि अक्टूबर 2024 में विधानसभा चुनावों के बाद NC सत्ता में आई थी और तब से केंद्र-राज्य संबंधों को लेकर कई मुद्दे सामने आते रहे हैं।

विपक्ष की प्रतिक्रिया और अटकलें

विभिन्न विपक्षी नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों ने बैठक के एजेंडे की अलग-अलग व्याख्याएँ पेश की हैं। कुछ ने इसे सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर असंतोष से जोड़ा, तो कुछ ने इसे केंद्र के साथ किसी बड़े राजनीतिक कदम की तैयारी बताया। हालाँकि, अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि इन अटकलों का कोई आधार नहीं है।

बैठक का एजेंडा अभी गोपनीय

मुख्यमंत्री ने कोई विशिष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन यह संकेत दिया कि बैठक में होने वाली चर्चाएँ पार्टी का आंतरिक मामला हैं। अब तक कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है कि 3 जून की बैठक में किन विषयों पर चर्चा होगी या क्या निर्णय अपेक्षित हैं।

आगे क्या होगा

3 जून को होने वाली NC विधायकों की बैठक के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बैठक के बाद पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी हो सकता है जो चल रही अटकलों पर विराम लगाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह NC के भीतर अनुशासन का संदेश भी है — विधायकों को यह याद दिलाना कि पार्टी की आंतरिक बातें बाहर नहीं जानी चाहिए। जम्मू-कश्मीर में राज्य के दर्जे की बहाली एक ऐसा मुद्दा है जिस पर NC ने चुनावी वादे किए थे, और अब तक केंद्र की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में विधायकों की बैठक को लेकर अटकलें स्वाभाविक हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है, वह यह है कि इस बैठक की गोपनीयता खुद एक राजनीतिक संकेत है — सरकार किसी संवेदनशील विषय पर चर्चा से पहले पार्टी में सहमति बनाना चाहती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 जून की नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक बैठक किसने बुलाई और क्यों?
यह बैठक जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुलाई है। हालाँकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है और इसे पार्टी का आंतरिक मामला बताया गया है।
उमर अब्दुल्ला ने विपक्ष पर क्या टिप्पणी की?
अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा कि बैठक के बारे में सबसे कम जानने वाले लोग ही सबसे ज्यादा बोल रहे हैं और जो जानते हैं वे चुप हैं, जबकि जो बोल रहे हैं वे विपक्ष में बैठते हैं। यह बयान विपक्षी नेताओं और मीडिया की अटकलों के जवाब में आया।
NC विधायक बैठक को लेकर किस तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं?
विभिन्न विपक्षी नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों ने बैठक को गठबंधन में असंतोष, राज्य के दर्जे की बहाली या केंद्र के साथ किसी बड़े राजनीतिक कदम से जोड़ा था। मुख्यमंत्री ने इन सभी अटकलों को निराधार बताया।
जम्मू-कश्मीर में राज्य के दर्जे की बहाली का मुद्दा इस बैठक से कैसे जुड़ा है?
NC ने 2024 के विधानसभा चुनावों में राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इस पृष्ठभूमि में विधायकों की किसी भी बैठक को इस मुद्दे से जोड़कर देखा जाता है, हालाँकि सरकार ने ऐसी किसी भी कड़ी से इनकार किया है।
बैठक के बाद क्या उम्मीद की जा रही है?
3 जून की बैठक के बाद NC की ओर से कोई आधिकारिक बयान आने की उम्मीद है। फिलहाल बैठक का एजेंडा और अपेक्षित निर्णय गोपनीय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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