12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जम्मू-कश्मीर: जदयू नेता जीएम शाहीन का उमर अब्दुल्ला पर पलटवार, कहा — 'सबूत नहीं, सिर्फ मनगढ़ंत आरोप'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जम्मू-कश्मीर: जदयू नेता जीएम शाहीन का उमर अब्दुल्ला पर पलटवार, कहा — 'सबूत नहीं, सिर्फ मनगढ़ंत आरोप'

सारांश

जदयू नेता जीएम शाहीन ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के BJP पर विधायक तोड़ने के आरोपों को बेबुनियाद बताया और पलटवार में 200 यूनिट मुफ्त बिजली, स्टेटहुड और एक करोड़ नौकरियों के अधूरे वादे गिना दिए। जम्मू-कश्मीर में आरोप-प्रत्यारोप की यह राजनीति असल शासन के सवालों पर भारी पड़ती दिख रही है।

मुख्य बातें

जदयू नेता जीएम शाहीन ने 12 जुलाई को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के BJP पर विधायक तोड़ने के आरोपों को सबूत-विहीन बताया।
शाहीन ने दावा किया कि भाजपा चाहे तो जम्मू-कश्मीर में एक घंटे में सरकार बना सकती है, लेकिन अभी उसका ऐसा कोई इरादा नहीं।
जदयू नेता ने ₹20-30 करोड़ के कथित ऑफर के आरोप को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री से सबूत माँगा।
नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर 200 यूनिट मुफ्त बिजली , स्टेटहुड और एक करोड़ नौकरियों के वादे पूरे न करने का आरोप लगाया।
शाहीन ने कहा कि मुद्दों से ध्यान भटकाना नेशनल कॉन्फ्रेंस की 70 वर्षों पुरानी राजनीतिक रणनीति है।

जम्मू-कश्मीर के जनता दल (यूनाइटेड) नेता जीएम शाहीन ने 12 जुलाई को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जम्मू-कश्मीर में विधायकों को तोड़कर सरकार गिराने की कोशिश का आरोप लगाया था। शाहीन ने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार के अधूरे वादों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए बेबुनियाद आरोप गढ़ रहे हैं।

मुख्य आरोप और पलटवार

जदयू नेता जीएम शाहीन ने कहा, 'जहाँ तक विधायकों को खरीदने की बात है, उनके (उमर अब्दुल्ला) पास इस संबंध में कोई सबूत नहीं हैं। उन्होंने बोला कि ₹20 से ₹30 करोड़ का ऑफर दिया गया। लेकिन यकीन मानिए कि अगर भाजपा सच में इस स्थिति में आएगी तो ये विधायक ₹2-3 करोड़ में ही बिकेंगे।' यह बयान राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया का कारण बना।

शाहीन ने मुख्यमंत्री को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'आपने बिना सबूत के मंच पर जाकर बोला है कि भाजपा ने हमारी सरकार और विधायकों को जोड़ने की कोशिश की है।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया — 'वह कौन आदमी था जिसके साथ डील हुई, कहाँ पर यह डील हुई, क्या इस बारे में कोई सबूत है?'

भाजपा की मंशा पर जदयू का रुख

शाहीन ने यह भी दावा किया कि यदि भाजपा चाहे तो उसे जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने में एक घंटे से अधिक समय नहीं लगेगा, लेकिन अभी भाजपा का ऐसा कोई इरादा नहीं है। उनके इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक जम्मू-कश्मीर की मौजूदा विधानसभा में शक्ति संतुलन पर एक अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं।

चुनावी वादों पर सवाल

जदयू नेता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार पर चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री 200 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे पर नहीं बोल रहे हैं। आपने यह नहीं बताया कि स्टेटहुड का क्या हुआ। एक करोड़ नौकरियाँ कहाँ गईं?' शाहीन ने कहा कि मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उल्टे आरोप लगाना नेशनल कॉन्फ्रेंस की पुरानी रणनीति है और यह दल 70 वर्षों से यही करता आया है।

राजनीतिक संदर्भ

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व वाली सरकार और विपक्षी दलों के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाना चुनाव का एक प्रमुख मुद्दा था, जिस पर अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप वास्तविक शासन के सवालों को पृष्ठभूमि में धकेल देते हैं।

आगे की स्थिति

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के कार्यालय की ओर से जदयू नेता के इन बयानों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह वाकयुद्ध आने वाले दिनों में जम्मू-कश्मीर की राजनीति में और तेज हो सकता है, खासकर तब जब स्टेटहुड और विकास के मुद्दे जनता के बीच अनुत्तरित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बेरोज़गारी और बिजली जैसे ठोस सवाल हैं — और जदयू का यह पलटवार उन्हीं सवालों को सार्वजनिक मंच पर ले आया है। लेकिन जीएम शाहीन का यह बयान कि 'विधायक ₹2-3 करोड़ में बिक जाएंगे', खुद जम्मू-कश्मीर की लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख पर गहरा सवाल खड़ा करता है। असली जवाबदेही तब होगी जब दोनों पक्ष आरोपों की जगह नीतिगत प्रदर्शन के आधार पर जनता के सामने खड़े हों।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जदयू नेता जीएम शाहीन ने उमर अब्दुल्ला पर क्या आरोप लगाए?
जीएम शाहीन ने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के पास BJP पर विधायक तोड़ने के कोई ठोस सबूत नहीं हैं और वे अपनी सरकार के अधूरे वादों से ध्यान भटकाने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने 200 यूनिट मुफ्त बिजली, स्टेटहुड और एक करोड़ नौकरियों के वादे याद दिलाए।
उमर अब्दुल्ला ने BJP पर क्या आरोप लगाए थे?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में विधायकों को ₹20 से ₹30 करोड़ का ऑफर देकर सरकार गिराने की कोशिश की। जदयू नेता ने इन आरोपों को सबूत-विहीन बताते हुए खारिज किया।
क्या BJP वाकई जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाना चाहती है?
जदयू नेता जीएम शाहीन के अनुसार, भाजपा चाहे तो एक घंटे में जम्मू-कश्मीर में सरकार बना सकती है, लेकिन अभी उसका ऐसा कोई इरादा नहीं है। यह बयान शाहीन का अपना आकलन है और भाजपा की आधिकारिक स्थिति नहीं।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के कौन से चुनावी वादे अधूरे बताए जा रहे हैं?
जदयू नेता के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) और एक करोड़ नौकरियों के वादे किए थे, जिन पर अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
जम्मू-कश्मीर में यह राजनीतिक विवाद क्यों अहम है?
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब जम्मू-कश्मीर में स्टेटहुड, बेरोज़गारी और बुनियादी सुविधाओं के सवाल अनुत्तरित हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला असल शासन की जवाबदेही को पृष्ठभूमि में धकेलता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 16 घंटे पहले
  2. 22 घंटे पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 8 महीने पहले