विश्व जनसंख्या दिवस पर भागलपुर में 'शक्ति संवाद': 84 स्कूलों में हजारों छात्राएं हुईं जागरूक
सारांश
मुख्य बातें
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर 11 जुलाई को भागलपुर के कहलगांव अनुमंडल में 'शक्ति संवाद' अभियान का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना था। अनुमंडल के 84 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ आयोजित इस अभियान में 8,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली।
अभियान का दायरा और मुख्य गतिविधियाँ
अनुमंडल के सभी 84 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रत्येक विद्यालय में महिला पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि के रूप में छात्राओं से सीधा संवाद किया। इन संवादों में शिक्षा, महिला सुरक्षा, मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास, आर्थिक आत्मनिर्भरता और बाल विवाह उन्मूलन जैसे विषयों को समेटा गया।
अभियान के दौरान 5,000 से अधिक छात्राओं का हीमोग्लोबिन (HB) परीक्षण किया गया। इसके साथ ही 8,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने बाल विवाह के विरुद्ध शपथ लेने के साथ-साथ आयरन (IFA) की गोलियों का सेवन भी किया।
मुख्य अतिथि का संबोधन
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की उपनिदेशक (आयकर), भागलपुर, सुनीता शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता ही महिलाओं की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने, बड़े सपने देखने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की अग्रदूत बनने का आह्वान किया।
गौरतलब है कि किसी वरिष्ठ IRS अधिकारी का इस तरह के जमीनी जागरूकता अभियान में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होना इस पहल को प्रशासनिक गंभीरता का संकेत देता है।
बाल विवाह उन्मूलन की संरचित रणनीति
अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव ने बताया कि बाल विवाह उन्मूलन को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक प्रखंड में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) के नेतृत्व में एक समन्वित टीम गठित की गई है। इस टीम में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO), प्रखंड कल्याण पदाधिकारी (BWO), महिला पर्यवेक्षिकाएं और बाल संरक्षण पदाधिकारी शामिल हैं। सभी को मानक कार्य प्रणाली (SOP) उपलब्ध कराई गई है।
इसके अतिरिक्त प्रत्येक विद्यालय में 'बाल विवाह निषेध शिक्षक' एवं 'सहायक शिक्षक' नामित किए जा रहे हैं, जो छात्रों के बीच जागरूकता फैलाने के साथ संदिग्ध मामलों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाएंगे। विद्यालय और पंचायत स्तर पर भी विशेष टीमें गठित की गई हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मिला संदेश
छात्राओं ने नाटक, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बाल विवाह उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण का प्रभावशाली संदेश दिया। उपस्थित नागरिकों ने भी बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ली और अपने परिवार, समाज तथा पंचायत में इस सामाजिक कुरीति को रोकने का संकल्प दोहराया।
अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि 'शक्ति संवाद' केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बेटियों के सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक भविष्य के निर्माण का जन-आंदोलन है। प्रशासन ने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील करते हुए कहा कि जब एक बेटी सशक्त होती है, तब एक परिवार, एक समाज और एक राष्ट्र सशक्त होता है।
आगे की राह
यह अभियान बिहार में बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में प्रशासनिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विद्यालय, पंचायत और प्रखंड स्तर पर गठित समन्वित टीमें इस पहल को निरंतर और संस्थागत रूप देने की कोशिश है, ताकि यह एक बार का आयोजन न बनकर दीर्घकालिक सामाजिक बदलाव का माध्यम बने।