ट्रंप का बड़ा बयान: शी जिनपिंग के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण बैठक 'शायद सबसे महत्वपूर्ण' होगी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 अक्टूबर 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण पर एक बैठक पहले से निर्धारित है और यह 'शायद सबसे महत्वपूर्ण बैठक' साबित हो सकती है। इसके अतिरिक्त, ट्रंप ने 1962 के ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232 के तहत एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जो रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी के आयात की राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा से संबंधित है।
परमाणु निरस्त्रीकरण पर निर्धारित बैठक
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, 'हमारी चीन के राष्ट्रपति शी के साथ मुलाकात पहले से ही तय है। इसके अलावा, परमाणु निरस्त्रीकरण पर भी हमारी एक बैठक होने वाली है... शायद यह सबसे महत्वपूर्ण बैठक होगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि चीन परमाणु क्षमता के मामले में अभी पीछे है, लेकिन 'अगले पाँच सालों में वे हमारी बराबरी कर लेंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-चीन संबंधों में व्यापार और सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है।
रूस-यूक्रेन और ईरान पर ट्रंप का रुख
रूस-यूक्रेन संघर्ष पर ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि रूस-यूक्रेन मामले में हम काफी प्रगति कर रहे हैं। जल्द ही एक बैठक होगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बैठक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के साथ होगी।
ईरान के संदर्भ में ट्रंप ने कहा, 'वे एक समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे इसे टालते रहते हैं।' उन्होंने दावा किया कि ईरान की सेना और अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुँचाया गया है और उनके अनुसार 'कुछ दिन पहले वहाँ महंगाई 301 प्रतिशत थी।' जब उनसे मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर किसी संभावित कदम के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने कहा, 'कुछ भी संभव है।'
रोबोटिक्स आयात पर नया कार्यकारी आदेश
ट्रंप ने 1962 के ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232 के अंतर्गत एक नए आदेश पर हस्ताक्षर किए, जो रोबोटिक्स, औद्योगिक मशीनरी और उनके पुर्जों के आयात की राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से समीक्षा करता है। आदेश में कहा गया है कि वाणिज्य सचिव ने पाया कि इन वस्तुओं का बड़े पैमाने पर आयात अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी ने 2024 में लगभग 7.1 ट्रिलियन डॉलर के विनिर्मित सामानों की शिपमेंट में योगदान दिया। साथ ही चेतावनी दी गई है कि 'कुछ विदेशी संस्थाओं' से आने वाले ऐसे उपकरण 'साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे' पैदा कर सकते हैं — हालाँकि आदेश में किसी देश का नाम नहीं लिया गया।
तत्काल टैरिफ लगाने के बजाय ट्रंप ने वाणिज्य सचिव और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को निर्देश दिया कि वे व्यापारिक साझेदारों के साथ बातचीत करें और 180 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपें। आदेश में कहा गया, 'बातचीत की स्थिति या परिणाम के आधार पर, मैं भविष्य में टैरिफ, शुल्क, कोटा और फीस लगाने या उनमें बदलाव करने के विकल्पों पर विचार कर सकता हूँ।'
भारत पर संभावित असर
गौरतलब है कि यह कदम रणनीतिक क्षेत्रों में धारा 232 के तहत की जा रही जाँचों की श्रृंखला का हिस्सा है। इसका प्रभाव दुनियाभर के निर्यातकों पर पड़ सकता है — इनमें भारत भी शामिल है, जो इस समय वाशिंगटन के साथ एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है।
अन्य घरेलू बयान
ट्रंप ने अलास्का में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार मैरी पेल्टोला पर भी निशाना साधा और कहा कि उन पर 'बड़े स्तर पर वोटर फ्रॉड' के लिए आपराधिक मुकदमा चलना चाहिए तथा उन्हें 'मतपत्र से हटा दिया जाना चाहिए।' ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के परिवार से जुड़े वीज़ा मुद्दों पर ट्रंप ने कहा कि 'उनके साथ बहुत अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया।' आने वाले हफ्तों में परमाणु बैठक की तारीख और रोबोटिक्स आदेश पर व्यापारिक साझेदारों की प्रतिक्रिया वैश्विक नज़रें टिकाए रखेगी।