29 अक्टूबर 2026
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ट्रंप का बड़ा बयान: शी जिनपिंग के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण बैठक 'शायद सबसे महत्वपूर्ण' होगी

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ट्रंप का बड़ा बयान: शी जिनपिंग के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण बैठक 'शायद सबसे महत्वपूर्ण' होगी

सारांश

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि शी जिनपिंग के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण बैठक 'शायद सबसे महत्वपूर्ण' होगी — साथ ही रोबोटिक्स आयात पर धारा 232 का आदेश और ईरान पर 'कुछ भी संभव है' की चेतावनी। एक दिन में कई मोर्चों पर बड़े संकेत।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 29 अक्टूबर 2026 को कहा कि शी जिनपिंग के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण पर बैठक पहले से तय है और 'शायद सबसे महत्वपूर्ण बैठक' होगी।
ट्रंप ने कहा चीन परमाणु क्षमता में अभी पीछे है, लेकिन ' अगले पाँच सालों में बराबरी कर लेगा।' रूस-यूक्रेन पर बोले — जल्द पुतिन और ज़ेलेंस्की के साथ बैठक; ईरान की महंगाई ' 301 प्रतिशत ' बताई।
1962 ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232 के तहत आदेश — रोबोटिक्स व औद्योगिक मशीनरी आयात की राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा; व्यापारिक साझेदारों से 180 दिनों में बातचीत का निर्देश।
आदेश में 2024 में रोबोटिक्स-मशीनरी से जुड़ी शिपमेंट 7.1 ट्रिलियन डॉलर बताई गई; किसी देश का नाम नहीं लिया।
इस आदेश का असर भारत पर भी पड़ सकता है, जो अभी अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 अक्टूबर 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण पर एक बैठक पहले से निर्धारित है और यह 'शायद सबसे महत्वपूर्ण बैठक' साबित हो सकती है। इसके अतिरिक्त, ट्रंप ने 1962 के ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232 के तहत एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जो रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी के आयात की राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा से संबंधित है।

परमाणु निरस्त्रीकरण पर निर्धारित बैठक

ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, 'हमारी चीन के राष्ट्रपति शी के साथ मुलाकात पहले से ही तय है। इसके अलावा, परमाणु निरस्त्रीकरण पर भी हमारी एक बैठक होने वाली है... शायद यह सबसे महत्वपूर्ण बैठक होगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि चीन परमाणु क्षमता के मामले में अभी पीछे है, लेकिन 'अगले पाँच सालों में वे हमारी बराबरी कर लेंगे।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-चीन संबंधों में व्यापार और सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है।

रूस-यूक्रेन और ईरान पर ट्रंप का रुख

रूस-यूक्रेन संघर्ष पर ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि रूस-यूक्रेन मामले में हम काफी प्रगति कर रहे हैं। जल्द ही एक बैठक होगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बैठक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की के साथ होगी।

ईरान के संदर्भ में ट्रंप ने कहा, 'वे एक समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे इसे टालते रहते हैं।' उन्होंने दावा किया कि ईरान की सेना और अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुँचाया गया है और उनके अनुसार 'कुछ दिन पहले वहाँ महंगाई 301 प्रतिशत थी।' जब उनसे मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर किसी संभावित कदम के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने कहा, 'कुछ भी संभव है।'

रोबोटिक्स आयात पर नया कार्यकारी आदेश

ट्रंप ने 1962 के ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232 के अंतर्गत एक नए आदेश पर हस्ताक्षर किए, जो रोबोटिक्स, औद्योगिक मशीनरी और उनके पुर्जों के आयात की राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से समीक्षा करता है। आदेश में कहा गया है कि वाणिज्य सचिव ने पाया कि इन वस्तुओं का बड़े पैमाने पर आयात अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी ने 2024 में लगभग 7.1 ट्रिलियन डॉलर के विनिर्मित सामानों की शिपमेंट में योगदान दिया। साथ ही चेतावनी दी गई है कि 'कुछ विदेशी संस्थाओं' से आने वाले ऐसे उपकरण 'साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे' पैदा कर सकते हैं — हालाँकि आदेश में किसी देश का नाम नहीं लिया गया।

तत्काल टैरिफ लगाने के बजाय ट्रंप ने वाणिज्य सचिव और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को निर्देश दिया कि वे व्यापारिक साझेदारों के साथ बातचीत करें और 180 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपें। आदेश में कहा गया, 'बातचीत की स्थिति या परिणाम के आधार पर, मैं भविष्य में टैरिफ, शुल्क, कोटा और फीस लगाने या उनमें बदलाव करने के विकल्पों पर विचार कर सकता हूँ।'

भारत पर संभावित असर

गौरतलब है कि यह कदम रणनीतिक क्षेत्रों में धारा 232 के तहत की जा रही जाँचों की श्रृंखला का हिस्सा है। इसका प्रभाव दुनियाभर के निर्यातकों पर पड़ सकता है — इनमें भारत भी शामिल है, जो इस समय वाशिंगटन के साथ एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है।

अन्य घरेलू बयान

ट्रंप ने अलास्का में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार मैरी पेल्टोला पर भी निशाना साधा और कहा कि उन पर 'बड़े स्तर पर वोटर फ्रॉड' के लिए आपराधिक मुकदमा चलना चाहिए तथा उन्हें 'मतपत्र से हटा दिया जाना चाहिए।' ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के परिवार से जुड़े वीज़ा मुद्दों पर ट्रंप ने कहा कि 'उनके साथ बहुत अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया।' आने वाले हफ्तों में परमाणु बैठक की तारीख और रोबोटिक्स आदेश पर व्यापारिक साझेदारों की प्रतिक्रिया वैश्विक नज़रें टिकाए रखेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 180 दिन की समयसीमा दरअसल व्यापारिक साझेदारों पर दबाव की रणनीति है — भारत जैसे देश, जो अभी वाशिंगटन से व्यापार समझौते की मेज़ पर हैं, उन्हें इस समीक्षा की छाया में बातचीत करनी होगी। ईरान पर 'कुछ भी संभव है' की भाषा और मध्यावधि चुनाव के बाद 'चौंकाने वाले कदम' का संकेत — मुख्यधारा मीडिया इसे अस्पष्ट बयानबाज़ी मानकर चल सकती है, लेकिन यह पश्चिम एशिया नीति में किसी बड़े बदलाव की पूर्व-सूचना भी हो सकती है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच परमाणु निरस्त्रीकरण बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?
ट्रंप के अनुसार यह बैठक परमाणु निरस्त्रीकरण पर केंद्रित होगी और 'शायद सबसे महत्वपूर्ण' साबित होगी। यह ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और चीन दोनों के बीच व्यापार और सुरक्षा के मुद्दों पर तनाव बना हुआ है।
रोबोटिक्स आयात पर ट्रंप के नए आदेश में क्या है?
ट्रंप ने 1962 के ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट की धारा 232 के तहत आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें रोबोटिक्स और औद्योगिक मशीनरी के आयात की राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा का निर्देश है। वाणिज्य सचिव और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को 180 दिनों में व्यापारिक साझेदारों से बातचीत कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
इस आदेश से भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
भारत इस समय अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है। रोबोटिक्स व औद्योगिक मशीनरी के निर्यातक देशों पर इस समीक्षा का असर पड़ सकता है, जिसमें भारत भी शामिल है।
ट्रंप ने ईरान के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता तो चाहता है, लेकिन उसे टाल रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सेना और अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और वहाँ कुछ दिन पहले महंगाई 301 प्रतिशत थी। मध्यावधि चुनाव के बाद किसी कदम के बारे में उन्होंने कहा, 'कुछ भी संभव है।'
रूस-यूक्रेन शांति वार्ता को लेकर ट्रंप ने क्या संकेत दिया?
ट्रंप ने कहा कि रूस-यूक्रेन मामले में 'काफी प्रगति' हो रही है और जल्द ही राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के साथ एक बैठक होगी। हालाँकि उन्होंने बैठक की तारीख या स्थान का कोई ब्यौरा नहीं दिया।
राष्ट्र प्रेस
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