29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनंतनाग जिला बार एसोसिएशन चुनाव रद्द: डीएम ने 27 अक्टूबर के चुनाव को शून्य घोषित किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनंतनाग जिला बार एसोसिएशन चुनाव रद्द: डीएम ने 27 अक्टूबर के चुनाव को शून्य घोषित किया

सारांश

अनंतनाग जिला बार एसोसिएशन ने प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद 27 अक्टूबर को चुनाव करा लिए। जिला मजिस्ट्रेट ने इसे सोशल मीडिया से जाना, दो कानूनों का उल्लंघन बताया और चुनाव को शुरू से शून्य घोषित कर दिया।

मुख्य बातें

जिला मजिस्ट्रेट अनंतनाग ने 27 अक्टूबर 2026 को कराए गए जिला बार एसोसिएशन चुनावों को शून्य, अवैध और अमान्य घोषित किया।
चुनाव प्रक्रिया पर रोक पहले 2 जनवरी 2025 और फिर 28 सितंबर 2026 के आदेशों से लगाई गई थी।
अनिवार्य दस्तावेज़ — रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, 10 वर्षों की सदस्य सूची, बैंकिंग विवरण — जमा न करना प्रमुख कारण।
सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 और इंडियन ट्रस्ट एक्ट 1882 के उल्लंघन का हवाला दिया गया।
आदेश की प्रति फाइनेंशियल कमिश्नर गृह विभाग , डिविजनल कमिश्नर कश्मीर और एसएसपी अनंतनाग को भेजी गई।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में जिला बार एसोसिएशन के 27 अक्टूबर 2026 को कराए गए चुनावों को जिला मजिस्ट्रेट ने कानूनी तौर पर शून्य, अवैध और अमान्य घोषित कर दिया है। प्रशासन के अनुसार, ये चुनाव पहले से जारी प्रतिबंध आदेशों का खुला उल्लंघन करके कराए गए और न तो अनिवार्य दस्तावेज़ जमा किए गए, न ही किसी प्रकार की अनुमति ली गई।

मामले की पृष्ठभूमि

जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिला बार एसोसिएशन अनंतनाग की चुनाव प्रक्रिया पर सबसे पहले 2 जनवरी 2025 को रोक लगाई गई थी। इसके बाद 28 सितंबर 2026 को जारी एक अलग आदेश के ज़रिए यह प्रतिबंध फिर से लागू किया गया था, जो घटना के समय भी प्रभावी था। गौरतलब है कि यह प्रतिबंध एक झटके में नहीं, बल्कि लगभग दो वर्षों की प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद लगाया गया था।

चुनाव की अनुमति के लिए क्या थीं शर्तें

प्रशासन ने चुनाव आयोजित करने से पहले कई अनिवार्य दस्तावेज़ जमा करने की शर्त रखी थी। इनमें शामिल थे — संगठन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, संविधान या मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन, संगठन के कामकाज को नियंत्रित करने वाले उपनियम, पिछले दस वर्षों के कार्यकारी सदस्यों और सदस्यों की विस्तृत सूची (नाम, पद, स्थायी पता और मोबाइल नंबर सहित), तथा विस्तृत अकाउंट स्टेटमेंट और बैंकिंग विवरण। इन सभी दस्तावेज़ों का सत्यापन जिला मजिस्ट्रेट को स्वयं करना था और सत्यापन के बाद ही चुनाव की अनुमति मिलनी थी।

आदेश उल्लंघन कैसे सामने आया

जिला मजिस्ट्रेट ने स्वयं आदेश में उल्लेख किया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि जिला बार एसोसिएशन अनंतनाग के नाम से संचालित संगठन ने 27 अक्टूबर 2026 को चुनाव करा लिए। न तो निर्धारित शर्तें पूरी की गईं, न प्रशासनिक कार्यालय को सूचित किया गया और न ही कोई अनुमति ली गई।

कानूनी आधार और घोषणा

जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि ये चुनाव सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 — जो जम्मू-कश्मीर में लागू है — और इंडियन ट्रस्ट एक्ट 1882 के प्रावधानों का भी उल्लंघन करते हैं। इन सभी आधारों पर इन चुनावों को प्रारंभ से ही शून्य, अवैध और अमान्य घोषित किया गया है।

आगे की कार्रवाई

इस आदेश की प्रति फाइनेंशियल कमिश्नर गृह विभाग जम्मू-कश्मीर, डिविजनल कमिश्नर कश्मीर, सचिव कानून, न्याय और संसदीय कार्य विभाग, तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंतनाग को भेजी गई है, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अब यह देखना होगा कि संबंधित संगठन प्रशासनिक शर्तें पूरी करके नए सिरे से चुनाव प्रक्रिया शुरू कर पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो निगरानी तंत्र की सीमाओं को रेखांकित करता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंतनाग जिला बार एसोसिएशन के चुनाव क्यों रद्द किए गए?
ये चुनाव जिला मजिस्ट्रेट के उस आदेश का उल्लंघन करके कराए गए जिसके तहत चुनाव प्रक्रिया पर पहले से रोक लगी थी। संगठन ने न तो अनिवार्य दस्तावेज़ जमा किए और न ही अनुमति ली, इसलिए 27 अक्टूबर 2026 के चुनावों को शून्य और अवैध घोषित किया गया।
बार एसोसिएशन के चुनाव पर प्रतिबंध कब से लागू था?
चुनाव प्रक्रिया पर पहली बार 2 जनवरी 2025 को रोक लगाई गई थी। इसके बाद 28 सितंबर 2026 को जारी एक और आदेश से यह प्रतिबंध पुनः लागू किया गया, जो 27 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी था।
चुनाव की अनुमति के लिए कौन-से दस्तावेज़ ज़रूरी थे?
प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, संविधान या मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन, उपनियम, पिछले दस वर्षों की सदस्य सूची तथा विस्तृत अकाउंट स्टेटमेंट और बैंकिंग विवरण अनिवार्य किए थे। इन सभी दस्तावेज़ों का सत्यापन जिला मजिस्ट्रेट को करना था।
इस मामले में किन कानूनों का उल्लंघन बताया गया है?
जिला मजिस्ट्रेट ने सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 और इंडियन ट्रस्ट एक्ट 1882 — दोनों जम्मू-कश्मीर में लागू — के उल्लंघन का हवाला दिया। इन्हीं आधारों पर चुनाव को प्रारंभ से ही शून्य घोषित किया गया है।
इस आदेश के बाद आगे क्या होगा?
आदेश की प्रति फाइनेंशियल कमिश्नर गृह विभाग, डिविजनल कमिश्नर कश्मीर, सचिव कानून विभाग और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंतनाग को भेजी गई है। अब संगठन को अनिवार्य शर्तें पूरी करके नई अनुमति लेनी होगी, तभी वैध चुनाव कराया जा सकेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले