अनंतनाग जिला बार एसोसिएशन चुनाव रद्द: डीएम ने 27 अक्टूबर के चुनाव को शून्य घोषित किया
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में जिला बार एसोसिएशन के 27 अक्टूबर 2026 को कराए गए चुनावों को जिला मजिस्ट्रेट ने कानूनी तौर पर शून्य, अवैध और अमान्य घोषित कर दिया है। प्रशासन के अनुसार, ये चुनाव पहले से जारी प्रतिबंध आदेशों का खुला उल्लंघन करके कराए गए और न तो अनिवार्य दस्तावेज़ जमा किए गए, न ही किसी प्रकार की अनुमति ली गई।
मामले की पृष्ठभूमि
जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिला बार एसोसिएशन अनंतनाग की चुनाव प्रक्रिया पर सबसे पहले 2 जनवरी 2025 को रोक लगाई गई थी। इसके बाद 28 सितंबर 2026 को जारी एक अलग आदेश के ज़रिए यह प्रतिबंध फिर से लागू किया गया था, जो घटना के समय भी प्रभावी था। गौरतलब है कि यह प्रतिबंध एक झटके में नहीं, बल्कि लगभग दो वर्षों की प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद लगाया गया था।
चुनाव की अनुमति के लिए क्या थीं शर्तें
प्रशासन ने चुनाव आयोजित करने से पहले कई अनिवार्य दस्तावेज़ जमा करने की शर्त रखी थी। इनमें शामिल थे — संगठन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, संविधान या मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन, संगठन के कामकाज को नियंत्रित करने वाले उपनियम, पिछले दस वर्षों के कार्यकारी सदस्यों और सदस्यों की विस्तृत सूची (नाम, पद, स्थायी पता और मोबाइल नंबर सहित), तथा विस्तृत अकाउंट स्टेटमेंट और बैंकिंग विवरण। इन सभी दस्तावेज़ों का सत्यापन जिला मजिस्ट्रेट को स्वयं करना था और सत्यापन के बाद ही चुनाव की अनुमति मिलनी थी।
आदेश उल्लंघन कैसे सामने आया
जिला मजिस्ट्रेट ने स्वयं आदेश में उल्लेख किया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली कि जिला बार एसोसिएशन अनंतनाग के नाम से संचालित संगठन ने 27 अक्टूबर 2026 को चुनाव करा लिए। न तो निर्धारित शर्तें पूरी की गईं, न प्रशासनिक कार्यालय को सूचित किया गया और न ही कोई अनुमति ली गई।
कानूनी आधार और घोषणा
जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि ये चुनाव सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 — जो जम्मू-कश्मीर में लागू है — और इंडियन ट्रस्ट एक्ट 1882 के प्रावधानों का भी उल्लंघन करते हैं। इन सभी आधारों पर इन चुनावों को प्रारंभ से ही शून्य, अवैध और अमान्य घोषित किया गया है।
आगे की कार्रवाई
इस आदेश की प्रति फाइनेंशियल कमिश्नर गृह विभाग जम्मू-कश्मीर, डिविजनल कमिश्नर कश्मीर, सचिव कानून, न्याय और संसदीय कार्य विभाग, तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंतनाग को भेजी गई है, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अब यह देखना होगा कि संबंधित संगठन प्रशासनिक शर्तें पूरी करके नए सिरे से चुनाव प्रक्रिया शुरू कर पाता है या नहीं।