दक्षिणी इथियोपिया में सांप्रदायिक हिंसा: मोयाले से 50,000 से अधिक लोग केन्या पहुँचे, संयुक्त राष्ट्र ने जताई गंभीर चिंता
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने 29 अक्टूबर 2026 को बताया कि इथियोपिया के दक्षिणी शहर मोयाले में 18 अक्टूबर को भड़की सांप्रदायिक हिंसा के कारण हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं और 50,000 से अधिक लोग सीमा पार कर केन्या पहुँच गए हैं। केन्या की सीमा से सटे इस क्षेत्र में हुई हिंसा ने ओरोमिया और सोमाली क्षेत्रों को भी अपनी चपेट में ले लिया है, और अभी भी लोगों के आने की खबरें मिल रही हैं।
हिंसा का स्वरूप और विस्थापन की स्थिति
ओसीएचए के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को मोयाले और आसपास के क्षेत्रों में भड़की सांप्रदायिक हिंसा में जनहानि हुई है। इसके साथ ही परिवहन और सीमा-पार व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे जरूरी सामान और सेवाओं तक लोगों की पहुँच सीमित हो गई है। इथियोपिया की तरफ ओरोमिया और सोमाली क्षेत्रों से हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
केन्या के स्थानीय अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक, गुरुवार से अब तक 50,000 से अधिक लोग देश में दाखिल हो चुके हैं। भागने वालों में बड़ी तादाद में महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं, जिनमें से कई स्कूलों और चर्चों जैसी अस्थायी जगहों पर शरण लेने को मजबूर हुए हैं।
मानवीय जरूरतें और राहत कार्य
ओसीएचए ने स्पष्ट किया कि विस्थापित लोगों को सबसे अधिक जरूरत भोजन, सुरक्षित पेयजल, आपातकालीन आश्रय, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सेवाओं की है। केन्या रेड क्रॉस सोसाइटी छह स्वास्थ्य केंद्र चला रही है, जहाँ कुपोषण की जाँच की जा रही है और राहत सामग्री वितरित की जा रही है। स्थानीय समुदायों ने भी भोजन और पानी साझा किया है, हालाँकि उनके पास भी सीमित भंडार ही है।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने मोयाले में एक आपातकालीन टीम तैनात की है। यह टीम केन्या सरकार, संयुक्त राष्ट्र की अन्य एजेंसियों और केन्या रेड क्रॉस सोसाइटी के साथ मिलकर राहत पहुँचाने में जुटी है।
राहत कार्यों में बाधाएँ
ओसीएचए ने बताया कि 'लगातार बनी असुरक्षा के कारण कई सहयोगी संगठनों को अपना काम रोकना पड़ा है।' संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी संगठन हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में एक संयुक्त आकलन मिशन भेजने की तैयारी में हैं, जो सुरक्षा हालात सुधरते ही वहाँ पहुँचेगा। यह ऐसे समय में आया है जब इस क्षेत्र में पहले से ही मानवीय संसाधनों की कमी बनी हुई है।
यूएनएचसीआर की राहत तैयारियाँ
यूएनएचसीआर लगभग 12,000 लोगों की मदद के लिए आपातकालीन राहत सामग्री जुटा रहा है, जिसमें घर का जरूरी सामान और अस्थायी आश्रय के लिए सामग्री शामिल है। ओसीएचए ने स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे जरूरतें बढ़ेंगी, सहायता का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।
आगे की राह
संयुक्त राष्ट्र ने जोर देकर कहा है कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जरूरतमंदों तक मानवीय सहायता की सुरक्षित, निरंतर और निर्बाध पहुँच अत्यंत महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि मोयाले क्षेत्र पहले भी जातीय तनाव का केंद्र रह चुका है, और यह नई हिंसा उस क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही अस्थिरता की ताज़ा कड़ी है। आने वाले दिनों में सुरक्षा हालात और राहत पहुँच पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।