23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कांगो के नॉर्थ किवु में हिंसा से इबोला नियंत्रण संकट में, संयुक्त राष्ट्र ने दोहराई सुरक्षित पहुँच की माँग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांगो के नॉर्थ किवु में हिंसा से इबोला नियंत्रण संकट में, संयुक्त राष्ट्र ने दोहराई सुरक्षित पहुँच की माँग

सारांश

डीआरसी के नॉर्थ किवु में बढ़ती हिंसा ने इबोला से लड़ाई को दोहरे संकट में डाल दिया है — 30 से अधिक नागरिक मारे गए, 6 मानवीय संगठनों ने बेनी में आवाजाही रोकी, और 2,473 कन्फर्म मामलों के साथ यह प्रकोप पाँच प्रांतों में फैल चुका है।

मुख्य बातें

डीआरसी के नॉर्थ किवु में 13–19 जुलाई के बीच हुए हमलों में कम से कम 30 लोग मारे गए , एक दर्जन से अधिक घायल।
6 मानवीय संगठनों ने सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति के कारण बेनी इलाके में आवाजाही रोकी, जिसमें इबोला प्रतिक्रिया दल भी शामिल।
20 जुलाई तक डीआरसी में बंडिबुग्यो इबोला वायरस के 2,473 कन्फर्म मामले पाँच प्रांतों में दर्ज।
प्रकोप की घोषणा 15 मई को हुई थी; युगांडा और दक्षिण सूडान सीमा-पार फैलाव का जोखिम।
संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय पहुँच सुनिश्चित करने की अपील दोहराई।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) के नॉर्थ किवु प्रांत में बढ़ती हिंसा ने इबोला महामारी से लड़ने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को गंभीर रूप से बाधित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र ने 23 जुलाई को चेतावनी दी कि असुरक्षा के कारण मानवीय सहायता कार्य ठप हो रहे हैं और इबोला प्रतिक्रिया दल प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुँच पा रहे।

बेनी में हमले: 30 से अधिक हताहत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने बुधवार को एक दैनिक ब्रीफिंग में बताया कि स्थानीय नागरिक समाज संगठनों के अनुसार, 13 से 19 जुलाई के बीच नॉर्थ किवु के बेनी इलाके में हुए कई हमलों में कम से कम 30 लोग मारे गए और एक दर्जन से अधिक घायल हो गए। इस हिंसा ने आम नागरिकों को विस्थापित किया है और राहत कार्यों पर सीधा असर डाला है।

छह मानवीय संगठनों ने रोकी आवाजाही

डुजारिक ने संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय का हवाला देते हुए बताया कि सुरक्षा स्थिति बिगड़ने के कारण कम से कम छह मानवीय संगठनों — जिनमें इबोला प्रतिक्रिया से जुड़े सहयोगी भी शामिल हैं — ने बेनी के कई इलाकों में अपनी आवाजाही पूरी तरह रोक दी है। यह ऐसे समय में आया है जब इबोला का प्रकोप पाँच प्रांतों में फैल चुका है।

इबोला के 2,473 कन्फर्म मामले

20 जुलाई तक डीआरसी के राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने इतुरी, नॉर्थ किवु, साउथ किवु, हौट-उएले और त्शोपो प्रांतों में इबोला के 2,473 कन्फर्म मामले दर्ज किए हैं। बंडिबुग्यो इबोला वायरस से उत्पन्न इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा 15 मई को की गई थी।

गौरतलब है कि लोगों की आवाजाही, छोटे पैमाने पर खनन गतिविधियाँ और युगांडादक्षिण सूडान के साथ सीमा-पार आवाजाही इस संक्रमण के प्रसार में प्रमुख कारक बताए जा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र की अपील

डुजारिक ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र सभी पक्षों से आम नागरिकों की सुरक्षा करने और मानवीय सहायता के लिए सुरक्षित और बिना रुकावट पहुँच सुनिश्चित करने की अपनी अपील दोहराता है।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रकोप को रोकने और ज़रूरतमंदों तक सहायता पहुँचाने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों और मानवीय सहायता कर्मियों की सुरक्षा अनिवार्य है।

आगे की राह

संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी उन सभी इलाकों में निगरानी, प्रयोगशाला परीक्षण, उपचार और सामुदायिक जागरूकता गतिविधियाँ जारी रखे हुए हैं जहाँ इबोला वायरस के मामले सामने आए हैं। हालाँकि जब तक बेनी और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति नहीं सुधरती, इबोला नियंत्रण की यह लड़ाई और कठिन होती जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो वायरस का प्रसार अनियंत्रित हो जाता है। डीआरसी में यह पहली बार नहीं है; 2018-20 के इबोला प्रकोप में भी हिंसा ने प्रतिक्रिया को बुरी तरह बाधित किया था और वह प्रकोप इतिहास का दूसरा सबसे घातक साबित हुआ। सीमा-पार युगांडा और दक्षिण सूडान तक फैलाव का जोखिम इसे केवल डीआरसी का नहीं, बल्कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा का संकट बनाता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपीलें तब तक पर्याप्त नहीं होंगी जब तक सशस्त्र गुटों पर ठोस दबाव नहीं बनाया जाता।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरसी में इबोला का मौजूदा प्रकोप कब और कहाँ शुरू हुआ?
बंडिबुग्यो इबोला वायरस से उत्पन्न इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा 15 मई को की गई थी। तब से यह इतुरी, नॉर्थ किवु, साउथ किवु, हौट-उएले और त्शोपो — पाँच प्रांतों में फैल चुका है।
20 जुलाई तक कांगो में इबोला के कितने मामले दर्ज हुए हैं?
डीआरसी के राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने 20 जुलाई तक पाँच प्रांतों में इबोला के 2,473 कन्फर्म मामले दर्ज किए हैं।
नॉर्थ किवु में हिंसा ने इबोला नियंत्रण को कैसे प्रभावित किया है?
सुरक्षा स्थिति बिगड़ने के कारण कम से कम छह मानवीय संगठनों ने बेनी इलाके में आवाजाही रोक दी है, जिनमें इबोला प्रतिक्रिया से जुड़े सहयोगी भी शामिल हैं। इससे निगरानी, परीक्षण और उपचार कार्य बाधित हो रहे हैं।
बेनी में हुए हमलों में कितने लोग प्रभावित हुए?
स्थानीय नागरिक समाज संगठनों के अनुसार, 13 से 19 जुलाई के बीच बेनी इलाके में हुए कई हमलों में कम से कम 30 लोग मारे गए और एक दर्जन से अधिक घायल हो गए।
क्या इबोला का यह प्रकोप पड़ोसी देशों के लिए भी खतरा है?
हाँ, युगांडा और दक्षिण सूडान के साथ सीमा-पार आवाजाही को इस संक्रमण के प्रसार में एक प्रमुख कारक बताया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने इस क्षेत्रीय जोखिम पर भी चिंता जताई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 4 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले