डीआरसी में इबोला का कहर: 1,033 मौतें, 2,536 संक्रमित; उत्तर किवु में बेड क्षमता से अधिक मरीज
सारांश
मुख्य बातें
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला महामारी का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। 23 जुलाई 2026 को जारी नवीनतम सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अब तक 1,033 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमितों की कुल संख्या 2,536 तक पहुँच गई है। देश के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी साझा की। यह प्रकोप बुंदिबुग्यो वायरस के कारण हुआ है, जिसकी आधिकारिक घोषणा 15 मई को पूर्वी इतुरी प्रांत में की गई थी।
मौजूदा स्थिति और आँकड़े
स्वास्थ्य मंत्रालय की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, 506 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं, जबकि 738 लोग अभी भी आइसोलेशन में हैं। देशभर में प्रभावित क्षेत्रों की संख्या 47 बनी हुई है — ये पाँच प्रांतों में फैले हैं और इनमें से 46 क्षेत्रों में संक्रमण अभी भी सक्रिय है। किसी नए स्वास्थ्य क्षेत्र में संक्रमण की सूचना नहीं मिली है।
रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि महामारी अभी भी लगातार फैलने के चरण में है और वायरस का प्रसार उच्च स्तर पर है। हाल के दिनों में मामलों में दिखे उतार-चढ़ाव को रिपोर्टिंग में देरी और आँकड़ों के क्रमिक संकलन के कारण सावधानी से व्याख्यायित करने की सलाह दी गई है।
उत्तर किवु में इलाज सुविधाओं पर दबाव
उत्तर किवु प्रांत में स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर दबाव बना हुआ है। वहाँ 141 बिस्तरों की क्षमता के मुकाबले 182 मरीज आइसोलेशन में रखे गए हैं — यानी क्षमता से 29% अधिक। यह स्थिति संक्रमण नियंत्रण को और कठिन बना रही है।
पूर्वी इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय इबोला प्रतिक्रिया समन्वय के ऑपरेशन मैनेजर एडेलार्ड लुफोंगोला ने कहा कि कुछ इलाकों में नए मामले एक स्तर पर स्थिर हुए हैं और मामूली गिरावट भी देखी जा रही है। हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया: "महामारी के लिहाज से अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि संक्रमण अपने चरम पर पहुँच चुका है।"
संक्रमण फैलने के मुख्य कारण
रिपोर्ट के अनुसार, वायरस के प्रसार के पीछे कई कारक ज़िम्मेदार हैं — लोगों का लगातार आना-जाना, क्षेत्र में व्याप्त असुरक्षा, छोटे स्तर पर खनन गतिविधियाँ और युगांडा तथा दक्षिण सूडान के साथ सीमा पार आवाजाही। ये सभी कारक मिलकर महामारी पर काबू पाने की कोशिशों को जटिल बना रहे हैं।
हिंसा और मानवीय संकट
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने दैनिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि स्थानीय नागरिक संगठनों के अनुसार, 13 से 19 जुलाई के बीच बेनी इलाके में हुए कई हमलों में कम से कम 30 लोगों की मौत हुई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए।
दुजारिक ने संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के हवाले से बताया कि कम से कम छह मानवीय संगठनों — जिनमें इबोला प्रतिक्रिया अभियान में सहयोग करने वाले संगठन भी शामिल हैं — ने बेनी इलाके में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के कारण अपनी आवाजाही रोक दी है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता पहुँचाना और भी कठिन हो गया है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब डीआरसी पहले से ही सशस्त्र संघर्ष और विस्थापन की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि बुंदिबुग्यो वायरस से जुड़ा यह प्रकोप देश में इबोला के इतिहास में सबसे घातक प्रकोपों में से एक बनता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों और मानवीय संगठनों के सामने अब दोहरी चुनौती है — एक ओर वायरस का प्रसार रोकना और दूसरी ओर सुरक्षा बाधाओं के बावजूद ज़मीनी राहत कार्य जारी रखना।