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हैती में हिंसा से 7,600 से अधिक विस्थापित, मातृत्व सेवाएं बंद; यूएन की चेतावनी

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हैती में हिंसा से 7,600 से अधिक विस्थापित, मातृत्व सेवाएं बंद; यूएन की चेतावनी

सारांश

हैती में प्रतिद्वंद्वी गुटों की हिंसा ने एक सप्ताह में 7,600 से अधिक लोगों को बेघर किया। एमएसएफ का मातृत्व केंद्र बंद, 1,17,000 से अधिक जबरन वापस भेजे गए और यूएन की $88 करोड़ की सहायता अपील को मात्र 27% फंडिंग — यह संकट हर दिन गहराता जा रहा है।

मुख्य बातें

आर्टिबोनाइट विभाग में पिछले सप्ताह 2,600 से अधिक लोग विस्थापित हुए; तीन-चौथाई से अधिक ने मार्चांद डेसालिन्स में शरण ली।
सिटे सोलेइल में 13 जून से फिर भड़की हिंसा के कारण 5,000 से अधिक और लोग बेघर हुए।
एमएसएफ को 19 जून को सिटे सोलेइल का मातृत्व केंद्र अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, हजारों महिलाओं की स्वास्थ्य सेवा बाधित।
पिछले महीने 25,500 से अधिक लोग जबरन वापस भेजे गए; इस वर्ष अब तक कुल 1,17,000 से अधिक — जिनमें 24% महिलाएं और 8% बच्चे।
हैती की 88 करोड़ डॉलर की मानवीय सहायता अपील को अब तक केवल 27% फंडिंग प्राप्त हुई है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने 27 जून 2026 को चेतावनी दी कि हैती में प्रतिद्वंद्वी सशस्त्र गुटों के बीच बढ़ती झड़पों के कारण हजारों नागरिक विस्थापन, स्वास्थ्य संकट और मानवीय सहायता की गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) के आंकड़ों के अनुसार, केवल पिछले सप्ताह ही 7,600 से अधिक लोग दो अलग-अलग विभागों में विस्थापित हुए हैं।

आर्टिबोनाइट और वेस्ट विभाग में बिगड़ते हालात

आर्टिबोनाइट विभाग में पिछले सप्ताह 2,600 से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए। इनमें से तीन-चौथाई से अधिक लोगों ने मार्चांद डेसालिन्स कम्यून में शरण ली। ओसीएचए ने कहा, 'आर्टिबोनाइट विभाग में लगातार जारी हिंसा लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर रही है।'

वहीं वेस्ट विभाग के सिटे सोलेइल इलाके में 13 जून से फिर से भड़की सशस्त्र झड़पों के कारण 5,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मार्च से मई के बीच भी हिंसा की लहर में हजारों परिवार पहले ही उजड़ चुके थे।

महिलाओं और बच्चों पर सबसे गहरी मार

ओसीएचए के अनुसार, लगातार जारी हिंसा ने स्वास्थ्य सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है — विशेषकर महिलाओं और लड़कियों के लिए। गैर-सरकारी संगठन डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स (एमएसएफ) को 19 जून को सिटे सोलेइल स्थित अपने मातृत्व केंद्र की सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं।

इस बंदी से पोर्ट-ओ-प्रिंस के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में से एक में रहने वाली हजारों महिलाओं की मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बाधित हो गई है। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए आने वाले घायल लोगों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

जबरन वापसी का संकट और आंकड़े

आईओएम के अनुसार, पिछले महीने 25,500 से अधिक लोगों को जबरन वापस भेजा गया। इससे वर्ष 2026 में अब तक जबरन लौटाए गए लोगों की कुल संख्या 1,17,000 से अधिक हो गई है। इनमें 24 प्रतिशत महिलाएं और लगभग 8 प्रतिशत बच्चे शामिल हैं। गौरतलब है कि यह संख्या हैती में पहले से मौजूद विस्थापन संकट को और गहरा करती है।

मानवीय सहायता की भारी कमी

ओसीएचए ने बताया कि पहुंच संबंधी गंभीर बाधाओं के बावजूद वह अपने मानवीय सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर जरूरतों का आकलन करने और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने का काम जारी रखे हुए है। हालांकि, वर्ष 2026 के लिए हैती की 88 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता अपील को अब तक केवल 27 प्रतिशत ही वित्तीय सहायता मिल पाई है — यानी तीन-चौथाई से अधिक फंड अभी भी जुटाया जाना बाकी है।

आगे की राह

यह स्थिति हैती में वर्षों से चले आ रहे राजनीतिक अस्थिरता और सशस्त्र गिरोहों के बढ़ते प्रभाव की पृष्ठभूमि में और भी गंभीर हो जाती है। जब तक सशस्त्र हिंसा पर अंकुश नहीं लगता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय फंडिंग की कमी को नहीं पाटता, हैती के लाखों नागरिकों की पीड़ा और गहरी होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये आंकड़े बढ़ते ही रहेंगे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हैती में कितने लोग विस्थापित हुए हैं और क्यों?
आईओएम के अनुसार, केवल पिछले सप्ताह आर्टिबोनाइट और वेस्ट विभाग में मिलाकर 7,600 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। इसका कारण प्रतिद्वंद्वी सशस्त्र गुटों के बीच बढ़ती झड़पें हैं, जो विशेष रूप से सिटे सोलेइल और आर्टिबोनाइट क्षेत्र में तेज हुई हैं।
एमएसएफ का मातृत्व केंद्र क्यों बंद हुआ और इसका क्या असर पड़ा?
डॉक्टर्स विदआउट बॉर्डर्स (एमएसएफ) को 19 जून को सिटे सोलेइल में बढ़ती हिंसा के कारण अपना मातृत्व केंद्र अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इससे पोर्ट-ओ-प्रिंस के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में हजारों महिलाओं की मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बाधित हो गई है।
हैती में जबरन वापसी की स्थिति क्या है?
आईओएम के अनुसार पिछले महीने 25,500 से अधिक लोगों को जबरन वापस भेजा गया, जिससे 2026 में अब तक जबरन लौटाए गए लोगों की कुल संख्या 1,17,000 से अधिक हो गई है। इनमें 24 प्रतिशत महिलाएं और लगभग 8 प्रतिशत बच्चे शामिल हैं।
हैती के लिए यूएन की सहायता अपील कितनी पूरी हुई है?
ओसीएचए के अनुसार, वर्ष 2026 के लिए हैती की 88 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मानवीय सहायता अपील को अब तक केवल 27 प्रतिशत फंडिंग मिली है। इसका अर्थ है कि तीन-चौथाई से अधिक जरूरी सहायता राशि अभी भी जुटाई जानी बाकी है।
हैती में मानवीय सहायता पहुंचाने में क्या बाधाएं हैं?
ओसीएचए ने बताया कि सशस्त्र हिंसा के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच गंभीर रूप से बाधित है। इसके बावजूद वह अपने सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर जरूरतों का आकलन और सहायता वितरण जारी रखे हुए है, लेकिन फंडिंग की भारी कमी इस काम को और कठिन बना रही है।
राष्ट्र प्रेस
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