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यमन में हिंसा से 1.25 लाख विस्थापित, संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता

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यमन में हिंसा से 1.25 लाख विस्थापित, संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता

सारांश

यमन में हूती समूह के 3 सितंबर के बड़े सैन्य अभियान ने लाल सागर तट पर नियंत्रण की स्थिति बदल दी है। 1.25 लाख विस्थापित, 40 नागरिक हताहत और ठप पड़े राहत गलियारे — संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी है कि अगर युद्धविराम नहीं हुआ तो यह संकट और विकराल रूप लेगा।

मुख्य बातें

OCHA के अनुसार सितंबर 2026 की शुरुआत से यमन में कम से कम 1.25 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं।
सितंबर के पहले दो हफ्तों में 40 नागरिक हताहत — 8 मृत, 32 घायल ; पीड़ितों में आधे से अधिक महिलाएँ और बच्चे।
हूती समूह ने 3 सितंबर 2026 को बड़ा सैन्य अभियान छेड़ा; होदेदाह और ताइज़ प्रांत के सरकारी इलाके कब्जे में लिए।
सरकार समर्थक बलों के अनुसार 9 अगस्त से 10 सितंबर के बीच 500 से अधिक सैनिक मारे गए , लगभग 1,500 घायल — स्वतंत्र पुष्टि नहीं।
यमन के पश्चिमी तट पर राहत सामग्री की आवाजाही ठप ; फंडिंग की भारी कमी, कई सड़कें बंद।
OCHA ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और राहत कार्यों में बाधा न डालने की अपील की।

यमन में सितंबर 2026 की शुरुआत से फिर भड़की हिंसा के कारण कम से कम 1.25 लाख लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (OCHA) ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए चेतावनी दी कि बढ़ती लड़ाई से आम नागरिकों की जानें जा रही हैं और पहले से खिंचे हुए राहत तंत्र पर और भार पड़ रहा है। यह संकट तब और गहरा हो गया जब हूती समूह ने 3 सितंबर 2026 को एक बड़ा सैन्य अभियान छेड़ा, जिसने लाल सागर तट पर नियंत्रण की स्थिति को तेज़ी से बदल दिया।

नागरिक हताहत और विस्थापन का दायरा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने सितंबर के पहले दो हफ्तों में 40 नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि की है — इनमें 8 लोगों की मौत और 32 लोग घायल हुए हैं। OCHA के आँकड़ों के अनुसार, मारे गए लोगों में आधे और घायलों में आधे से अधिक महिलाएँ और बच्चे हैं — जो यह दर्शाता है कि संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत सबसे कमज़ोर तबका चुका रहा है।

गौरतलब है कि यह विस्थापन तब हो रहा है जब यमन पहले ही एक दशक से अधिक लंबे गृहयुद्ध से जूझ रहा है और यहाँ की बड़ी आबादी पहले से शरणार्थी शिविरों या अस्थायी ठिकानों में रह रही है।

पश्चिमी तट पर ज़मीनी लड़ाई का विस्तार

लड़ाई की शुरुआत हूती समूह द्वारा मिसाइल, ड्रोन और विस्फोटक नौकाओं से किए गए हमलों के साथ हुई थी। इसके बाद संघर्ष होदेदाह प्रांत के दक्षिणी हिस्से के हैस क्षेत्र से फैलकर पड़ोसी ताइज़ प्रांत के कई मोर्चों तक पहुँच गया। हूती लड़ाकों ने होदेदाह और ताइज़ के कई ऐसे क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया जो पहले सरकार के नियंत्रण में थे।

सरकार समर्थक नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज ने सरकारी चैनल अल-जौम्हूरिया टीवी पर जारी बयान में दावा किया कि 9 अगस्त से 10 सितंबर 2026 के बीच 500 से अधिक सरकारी सैनिक मारे गए और लगभग 1,500 घायल हुए। बयान में यह भी कहा गया कि 1,000 से अधिक हूती लड़ाके मारे गए और हज़ारों घायल हुए — हालाँकि इन आँकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

राहत कार्यों पर गहरा संकट

OCHA ने स्पष्ट किया कि यमन के पश्चिमी तट के कई इलाकों में मानवीय सहायता पहुँचाने और राहत कर्मियों की आवाजाही फ़िलहाल ठप है। कई महत्वपूर्ण सड़कें बंद हैं या उन पर यात्रा करना संभव नहीं है। संस्था ने कहा, 'सुरक्षा संबंधी जोखिमों के कारण राहत एजेंसियों की आवाजाही और सहायता पहुँचाने का काम गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।'

बेहद मुश्किल हालात के बावजूद संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी संगठन राहत कार्य जारी रखे हुए हैं और शनिवार तक हज़ारों परिवारों को सहायता पहुँचाई जा चुकी थी। हालाँकि राहत सामग्री की भारी कमी है और उपलब्ध फंडिंग ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

संयुक्त राष्ट्र की अपील और आगे की राह

OCHA ने एक बार फिर सभी पक्षों से अपील की है कि वे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करें और राहत सहायता को सुरक्षित तथा बिना किसी रुकावट के ज़रूरतमंद लोगों तक पहुँचने दें। यह ऐसे समय में आया है जब हूती समूह ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदब स्ट्रेट की ओर बड़े पैमाने पर बढ़त बनाने की कोशिश की है — एक कदम जिसके क्षेत्रीय और वैश्विक समुद्री व्यापार पर दूरगामी असर पड़ सकते हैं। जब तक युद्धविराम की कोई ठोस संभावना नहीं बनती, यमन में मानवीय संकट और गहराने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए सीधी चुनौती है — जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर सतही तरीके से छूती है। 1.25 लाख के विस्थापन के आँकड़े के पीछे वे लाखों यमनी हैं जो पहले से ही शरणार्थी शिविरों में जी रहे थे और अब फिर से उखड़ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की राहत अपीलें बार-बार की जाती हैं, लेकिन युद्धविराम लागू कराने की राजनीतिक इच्छाशक्ति कहाँ है?
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन में कितने लोग विस्थापित हुए हैं और क्यों?
OCHA के अनुसार सितंबर 2026 की शुरुआत से अब तक यमन में कम से कम 1.25 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं। हूती समूह के 3 सितंबर के बड़े सैन्य अभियान और उसके बाद होदेदाह व ताइज़ प्रांतों में फैली लड़ाई इस विस्थापन की मुख्य वजह है।
यमन में नागरिक हताहत की स्थिति क्या है?
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने सितंबर के पहले दो हफ्तों में 40 नागरिकों के हताहत होने की पुष्टि की है — इनमें 8 की मौत और 32 घायल हुए हैं। मारे गए लोगों में आधे और घायलों में आधे से अधिक महिलाएँ और बच्चे हैं।
हूती समूह ने यमन में कौन-से क्षेत्रों पर कब्ज़ा किया है?
हूती लड़ाकों ने 3 सितंबर 2026 के सैन्य अभियान के दौरान होदेदाह और पड़ोसी ताइज़ प्रांत के कई ऐसे क्षेत्रों पर कब्ज़ा कर लिया जो पहले यमनी सरकार के नियंत्रण में थे। लड़ाई हैस क्षेत्र से शुरू होकर कई मोर्चों तक फैल गई।
यमन में राहत कार्यों पर क्या असर पड़ा है?
OCHA के अनुसार यमन के पश्चिमी तट पर राहत सामग्री की आवाजाही और कर्मियों की आवाजाही फ़िलहाल ठप है। कई महत्वपूर्ण सड़कें बंद हैं, राहत सामग्री की भारी कमी है और उपलब्ध फंडिंग ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नाकाफ़ी है।
संयुक्त राष्ट्र ने यमन संकट पर क्या माँग की है?
OCHA ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करें और राहत सहायता को बिना किसी रुकावट के ज़रूरतमंद लोगों तक पहुँचने दें। संस्था ने चेतावनी दी है कि मौजूदा स्थिति में सुधार न हुआ तो संकट और गहरा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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