2022 से 2026: संघर्षों का बढ़ता मामला - यूक्रेन, गाजा और पश्चिम एशिया में मानवता का संकट

Click to start listening
2022 से 2026: संघर्षों का बढ़ता मामला - यूक्रेन, गाजा और पश्चिम एशिया में मानवता का संकट

सारांश

दुनिया भर में संघर्षों की स्थिति चिंताजनक है। यूक्रेन से लेकर गाजा तक, मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और बेगुनाह लोग मौत का शिकार हो रहे हैं। जानें इन संघर्षों के कारण होने वाले विस्थापन और मानवता के संकट के बारे में।

Key Takeaways

  • संघर्षों का बढ़ता आंकड़ा: 2022 से 2026 के बीच कई संघर्ष हो रहे हैं।
  • मानवता का संकट: लाखों लोग मारे गए और करोड़ों विस्थापित हुए हैं।
  • यूक्रेन संघर्ष: 2022 से शुरू होकर गंभीर मोड़ ले चुका है।
  • गाजा की स्थिति: 2023 से जारी युद्ध में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं।
  • बच्चों पर प्रभाव: संघर्ष का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है।

नई दिल्ली, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विश्व के अनेक देश संघर्षों के जाल में फंसे हैं। शासन की लड़ाई में मानवाधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। निर्दोषों की जानें जा रही हैं, और रोज़ इन आंकड़ों में वृद्धि चिंता का विषय बनती जा रही है।

2022 से 2026 के बीच अनेक राष्ट्र आपस में उलझते रहे। कुछ आंकड़े दिल तोड़ने वाले हैं। संयुक्त राष्ट्र और उसकी एजेंसियों के अनुसार, यूक्रेन, गाजा, लेबनान, ईरान सहित पूरे पश्चिम एशिया में लाखों लोग मारे गए हैं और करोड़ों विस्थापित हुए हैं।

हाल ही में डब्ल्यूएचओ की एक अधिकारी ने ईरान संघर्ष के आंकड़े प्रस्तुत किए। ईरान संघर्ष के प्रारंभिक हफ्तों में करीब 3,300 लोग गोलियों का शिकार बने, और 43 लाख से अधिक लोग बेघर हुए। यह दिल दहला देने वाली सच्चाई विश्व स्वास्थ्य संगठन की ईस्टर्न मेडिटेरेनियन (पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्रों) की क्षेत्रीय निदेशक, हनान बाल्खी, ने ईरान संघर्ष के प्रारंभिक हफ्तों के प्रभाव का अवलोकन करते हुए बताई।

बाल्खी ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि यह लड़ाई हाल के दशकों में सबसे "बड़े संकटों" में से एक है, जिसके परिणाम भयावह हैं। 3,300 से अधिक लोगों की जान गई है, 30,000 से अधिक लोग घायल हुए और 4.3 मिलियन (43 लाख) से अधिक लोग बेघर हुए हैं। इतना ही नहीं, इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर 116 हमले भी किए गए। कई औद्योगिक इकाइयां, आपातकालीन सेवाएं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी निशाने पर आए हैं।

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, मानव समाज पर सबसे व्यापक प्रभाव रूस–यूक्रेन संघर्ष का देखा गया है, जो फरवरी 2022 में शुरू हुआ। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय (ओएचसीएचआर) के अनुसार, 2022 से 2024 के बीच 11,000 से अधिक लोगों की मौत हुई, जबकि 20,000 से ज्यादा घायल हुए।

यूक्रेन में यूएन ह्यूमन राइट्स मॉनिटरिंग मिशन (एचआरएमएमयू) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि 2022 के बाद 2025 यूक्रेन में आम लोगों के लिए सबसे खतरनाक वर्ष साबित हुआ।

एचआरएमएमयू ने स्पष्ट किया कि 2025 में, यूक्रेन में 2,514 आम लोग मारे गए और 12,142 घायल हुए। 2025 में मारे गए और घायल हुए आम लोगों की संख्या 2024 (2,088 मारे गए; 9,138 घायल) की तुलना में 31 प्रतिशत अधिक थी, और 2023 (1,974 मारे गए; 6,651 घायल) की तुलना में 70 प्रतिशत अधिक थी।

2025 में भी विस्थापन में वृद्धि देखी गई। 2025 में यूएनएचसीआर के अनुसार, 2023 तक 60 लाख से अधिक लोग देश छोड़ चुके थे, जबकि लगभग 50 लाख लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए। इस प्रकार यह संघर्ष एक करोड़ से अधिक लोगों के विस्थापन का कारण बना है।

मध्य पूर्व में गाजा की स्थिति भी कम भयावह नहीं है! अक्टूबर 2023 से जारी इस युद्ध में 2026 तक 75,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2024 तक गाजा की लगभग 85 से 90 प्रतिशत आबादी, यानी 18 से 19 लाख लोग, अपने घरों से विस्थापित हो चुके थे। इसे आधुनिक समय के सबसे बड़े मानवीय संकटों में गिना जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र ने 1 नवंबर 2024 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच (ओएचसीएचआर की मॉनिटरिंग और सरकारी स्रोतों, अन्य यूएन संस्थाओं और गैर-सरकारी संगठनों से मिली जानकारी पर आधारित) की स्थिति एक रिपोर्ट के माध्यम से प्रकाशित की।

गाजा स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस दौरान 25,594 फिलिस्तीनी मारे गए और 68,837 घायल हुए। ओएचसीएचआर ने इसकी पुष्टि भी की। यूएन ने बताया कि इजरायल पर हमास के हमलों के बाद (7 अक्टूबर 2023) से 68,800 फिलिस्तीनी मारे गए और 1,70,664 घायल हुए (नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच)।

इसी क्षेत्र में इजरायल-हिज्बुल्लाह विवाद के कारण लेबनान भी गंभीर संकट का सामना कर रहा है। 2023 से 2026 के बीच 2,000 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि 10 से 12 लाख लोग विस्थापित हुए हैं। यूनीसेफ ने चेतावनी दी है कि इस संघर्ष का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है।

दक्षिण एशिया में पाकिस्तान–अफगानिस्तान सीमा विवाद भी तनाव का केंद्र बना हुआ है। 2023 से 2026 के बीच सीमा पर झड़पों में 200 से 300 लोगों की मौत हुई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 2026 में ही लगभग एक लाख लोग विस्थापित हुए। 26 फरवरी की रात से लेकर 5 मार्च 2026 तक, यूएनएएमए ने अफगानिस्तान में अप्रत्यक्ष गोलीबारी और हवाई हमलों के कारण कुल 185 नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की।

इन मारे गए लोगों में अधिकांश (55 प्रतिशत) महिलाएं और बच्चे थे। वहीं, 27 फरवरी को पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में हवाई हमलों में 14 नागरिक (चार महिलाएं, दो लड़कियां, पांच लड़के और तीन पुरुष) मारे गए और छह अन्य (दो महिलाएं, एक लड़की, दो लड़के और एक पुरुष) घायल हो गए थे।

यूएन रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में सीमा पार हुई सशस्त्र झड़पों में मारे गए नागरिकों की संख्या, 10-17 अक्टूबर 2025 के बीच अफगानिस्तान- पाकिस्तान के बीच हुई झड़प से कहीं ज्यादा है। यूएनएएमए ने बताया कि तब 47 नागरिक मारे गए थे और 456 घायल हुए थे।

2025 के अंतिम तीन महीनों में, यूएनएएमए ने अफगानिस्तान में 70 नागरिकों की मौत और 478 के घायल होने की जानकारी दर्ज की। इसके अतिरिक्त, 1 जनवरी से 22 फरवरी 2026 के बीच, नांगरहार प्रांत में हवाई हमलों और सीमा पार गोलाबारी में 13 नागरिकों के मारे जाने और 12 के घायल होने की जानकारी दी।

वैश्विक स्तर पर स्थिति और भी चिंताजनक है। यूएनएचसीआर के 2024–2025 के आंकड़ों के अनुसार, विश्व भर में 117 मिलियन (11.7 करोड़) से अधिक लोग जबरन विस्थापित हैं। यह संख्या इस बात को रेखांकित करती है कि आधुनिक संघर्षों में सबसे अधिक कीमत आम आदमी को चुकानी पड़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि 2022 के बाद के संघर्षों में एक स्पष्ट परिवर्तन देखा गया है—शहरी क्षेत्रों में लड़ाई और क्षेत्रीय युद्धों का विस्तार मानवीय संकट को और जटिल बना रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल संघर्षविराम, मानवीय सहायता, और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है, लेकिन इस दिशा में ध्यान कम ही दिया जा रहा है।

Point of View

NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

कौन से देश संघर्षों में शामिल हैं?
यूक्रेन, गाजा, लेबनान, ईरान और दक्षिण एशिया के कुछ क्षेत्र शामिल हैं।
संघर्षों का मानवता पर क्या प्रभाव पड़ा है?
लाखों लोगों की मौत और करोड़ों का विस्थापन हुआ है।
यूक्रेन संघर्ष कब शुरू हुआ?
यूक्रेन संघर्ष फरवरी 2022 में शुरू हुआ।
गाजा में वर्तमान स्थिति क्या है?
गाजा में 2026 तक 75,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र का इस पर क्या कहना है?
संयुक्त राष्ट्र ने तत्काल संघर्षविराम और मानवीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया है।
Nation Press